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रेल हादसे रोकने में मददगार होगा एंटी कोलिजन सिस्टम

Wed, 16 Jun 2021 01:15 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 16 Jun 2021 01:15 AM IST
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Anti-collision system will be helpful in preventing rail accidents
demo photo - फोटो : Amar Ujala

रुहेलखंड विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रो. डॉ. अतुल ने एंटी कोलिजन एंड एंटी डिरेलमेंट सिस्टम फॉर ट्रेन्स का कराया पेटेंट

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बरेली। सतर्कता और संसाधन बढ़ने के बावजूद ट्रेन हादसे रुक नहीं पा रहे हैं। हादसे सिर्फ तकनीकी खामी के चलते नहीं होते, बल्कि मानवीय चूक और मौसम भी इसकी वजह बनते हैं। इन सभी बिंदुओं को आधार बनाकर एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रो. डॉ. अतुल ने एक ऐसा प्रोजेक्ट तैयार किया है जो रेल हादसे रोकने में मददगार साबित होगा।
विश्वविद्यालय की फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अतुल सरोजवाल ने एंटी कोलिजन एंड एंटी डिरेलमेंट सिस्टम फॉर ट्रेन्स का इंडियन नेशनल पेटेंट फाइल किया है। डॉ. अतुल सरोजवाल अपनी इस उपलब्धि का श्रेय पिता अशोक और मां शीला सरोजवाल को देते हैं। कुलपति प्रो. कृष्णपाल सिंह ने डॉ. अतुल के प्रयास को सराहा है। डॉ. अतुल का कहना है कि ट्रेन हादसे नेटवर्क की दिक्क्त से मिली गलत सूचना, खराब सिग्नल, खराब दृश्यता, मौमस की स्थिति और चालक के ध्यान न देने की वजह से होती हैं। उनका प्रोजेक्ट इनोवेटिव एंटी कोलिजन सिस्टम और एंटी डिरेलमेंट सिस्टम पर आधारित है। इससे कोलिजन और ट्रैक डिस्कंटीन्यूएशन के जरिए दुर्घटना रुक सकती है। इसके लिए सेटेलाइट नेविगेशन, कम्युनिकेशन और चालक पर आश्रित नहीं रहना पड़ेगा।
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चालक की चूक और पटरियों की खामी भांप लेगा सिस्टम

डॉ. अतुल ने बताया कि सिस्टम चालक के नींद आने, शराब पीने आदि गतिविधियों को भी ट्रैक कर सकता है। पटरी टूटी होने को भी पकड़ लेगा। इसके लिए कोडेड लॉन्ग डिस्टेंस वायरलेस बेस्ड एक्सीडेंट अवॉइडेंस सिस्टम और डिस्कंटीन्यूएशन सिस्टम का प्रयोग हुआ है। इससे दो ट्रेनें अगर एक ही ट्रैक पर आ रही हैं तो वह कुछ दूर पहले ही रुक जाएंगी। इसके लिए सेल्फ एक्टिंग माइक्रोकंट्रोलर और टू वे कोडेड डाटा कम्युनिकेशन सिस्टम का प्रयोग होगा।
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