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...और दलित शामिल हो गया कांवड़ के जत्थे में
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Thu, 04 Aug 2016 02:06 AM IST
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टांडाछंगा। दो दिन तक चले हंगामे के बाद आखिरकार बुझिया गांव के दलित विनोद को कांवड़ के जत्थे में शामिल कर लिया गया। हालांकि खमरिया गढ़ी के सेवादार बाबा केदार दास अभद्रता का आरोप लगाकर धरने पर बैठ गए थे। एसडीएम और सीओ के मनाने और दलितों के माफी मांगने के बाद उन्होंने अपना धरना खत्म कर दिया। बाबा केदार दास ने हरिद्वार जाने वाले 52 लोगों के जत्थे से विनोद को बाहर कर दिया था। उस पर नियम पालन न करने का आरोप लगाया गया था। इस पर दलित और सवर्ण की सियासत शुरू हो गई थी। बुधवार सुबह शीशगढ़ थाने से पुलिस वाले खमरिया मढ़ी पहुंचे तो बाबा ने कांवड़ नहीं ले जाने की बात कही और धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि दयाराम नाम के युवक ने उनका अपमान किया है। इसके बाद पुलिस बुझिया गांव पहुंची और दलित समाज के लोगों से वार्ता की। बाद में दलित समाज के लोग मढ़ी पहुंचे और माफी मांग ली। बाबा ने भी विनोद को गले लगाकर कांवड़ लेकर चलने को कह दिया और बैंड बाजों के साथ कांवड़िए रवाना हो गए। इससे पहले बाबा केदार दास ने कहा कि प्रशासन की ओर से आए लोगों के कहने पर वह मान गए हैं मगर दया राम के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो हरिद्वार से आने के बाद वह भूख हड़ताल करेंगे।
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