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बजाज चीनी मिल ने किसानों के खाते में भेजा 20.65 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान
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पुवायां/बंडा। बजाज चीनी मिल मकसूदापुर की ओर से किसानों के खाते में 20.65 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान भेजा गया है। यह भुगतान पिछले वर्ष खरीदे गए गन्ने का है। इससे किसानों को कुछ राहत मिलेगी। 20.65 करोड़ रुपये भुगतान के बाद भी किसानों का गत वर्ष का करीब 32 करोड़ रुपया मिल पर बकाया है।
गौरतलब है कि जिले भर की चीनी मिलों में बजाज चीनी मिल का भुगतान सबसे कम चल रहा है। अभी चीनी मिल की ओर से पिछले वर्ष खरीदे गए गन्ने का भुगतान ही नहीं किया जा सका है। इस वर्ष भी चीनी मिल तमाम गन्ना खरीद चुकी है, लेकिन किसी किसान को भुगतान नहीं मिला है। गन्ने का बकाया भुगतान कराने को लेकर तमाम किसान संगठन समय समय पर धरना प्रदर्शन करते रहते हैं। किसान नेता वीएम सिंह को इस मामले को लेकर लगातार कोर्ट जाते रहते हैं।
मिल के यूनिट हेड आरबी खोखर बजाज समूह सरकार को बिजली बिक्री करता है। बिजली बिक्री की मद में सरकार ने बजाज समूह को 500 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इसमें बजाज चीनी मिल मकसूदापुर को 18.85 करोड़ रुपये मिले हैं। चीनी बिक्री की राशि मिलाकर चीनी मिल ने 20.65 करोड़ का बकाया भुगतान किसानों के बैंक खाते में भेज दिया है। जनवरी के अंत तक पिछले वर्ष का बकाया भुगतान कर दिया जाएगा और इस वर्ष खरीदे गन्ने का भुगतान शुरू हो जाएगा। भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह धालीवाल ने बताया कि गन्ने का बकाया भुगतान कराने को लेकर पुवायां मंडी में धरना प्रदर्शन चल रहा है। इसी दबाव में चीनी मिल ने भुगतान किया है। शेष भुगतान कराने के लिए भी मिल अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।
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गौरतलब है कि जिले भर की चीनी मिलों में बजाज चीनी मिल का भुगतान सबसे कम चल रहा है। अभी चीनी मिल की ओर से पिछले वर्ष खरीदे गए गन्ने का भुगतान ही नहीं किया जा सका है। इस वर्ष भी चीनी मिल तमाम गन्ना खरीद चुकी है, लेकिन किसी किसान को भुगतान नहीं मिला है। गन्ने का बकाया भुगतान कराने को लेकर तमाम किसान संगठन समय समय पर धरना प्रदर्शन करते रहते हैं। किसान नेता वीएम सिंह को इस मामले को लेकर लगातार कोर्ट जाते रहते हैं।
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मिल के यूनिट हेड आरबी खोखर बजाज समूह सरकार को बिजली बिक्री करता है। बिजली बिक्री की मद में सरकार ने बजाज समूह को 500 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इसमें बजाज चीनी मिल मकसूदापुर को 18.85 करोड़ रुपये मिले हैं। चीनी बिक्री की राशि मिलाकर चीनी मिल ने 20.65 करोड़ का बकाया भुगतान किसानों के बैंक खाते में भेज दिया है। जनवरी के अंत तक पिछले वर्ष का बकाया भुगतान कर दिया जाएगा और इस वर्ष खरीदे गन्ने का भुगतान शुरू हो जाएगा। भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह धालीवाल ने बताया कि गन्ने का बकाया भुगतान कराने को लेकर पुवायां मंडी में धरना प्रदर्शन चल रहा है। इसी दबाव में चीनी मिल ने भुगतान किया है। शेष भुगतान कराने के लिए भी मिल अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।
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