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अरविंद यादव के मुकदमे की पत्रावली गायब!
बरेली
Updated Sat, 07 Feb 2015 01:49 AM IST
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क्या है मामला
अप्रैल 1995 में हुए प्रधानी के चुनाव में ब्लाक बिथरी चैनपुर के ग्राम मेहतरपुर स्थित बूथ के अंदर विवाद हो गया जो कि चाकूबाजी में बदल गया। इसमें ओमपाल सिंह यादव के चाकू लगा। उसने थाना बिथरी में सपा नेता अरविंद यादव और उनके दो भाइयाें समेत 11 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। तफ्तीश के बाद पुलिस ने चार्जशीट अदालत में भेज दी। सुनवाई में राकेश्वर सिंह और मोहर सिंह का मामला सत्र न्यायालय से और भारत सिंह और रामेश्वर सिंह का मामला हाईकोर्ट से निस्तारित हो गया। बाकी के सात आरोपियाें पर विचाराधीन मुकदमे की सुनवाई के लिए तत्कालीन न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम ने 8 दिसंबर 2005 की तिथि तय की थी। बताया जाता है कि इसके बाद न कोई तारीख लगी और न ही कोई सुनवाई हुई। इसी बीच बिथरी थाना न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम कार्यक्षेत्र से अलग हो गया।
नौ साल बाद फिर सुनवाई
ग्राम मेहतर पुर निवासी ओमपाल यादव ने न्याय पाने के लिए विभिन्न स्तरों पर पत्राचार किया लेकिन कोई हल नहीं निकला तो इसी दो फरवरी को जिला जज न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें कहा गया कि प्रार्थी मुकदमा नंबर 1089/ 05 में वादी है। इसमें अरविंद यादव समेत सात बचे आरोपियाें पर सुनवाई चल रही थी। इसकी तारीख 8 दिसंबर 2005 तय थी। अब इस अदालत में उस वाद से संबंधित पत्रावली गायब है, जिससे अपेक्षित न्याय नहीं मिल पा रहा है। इसलिए गायब पत्रावली तलाश की जाएं। जिला जज ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई कर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम से सात दिन में रिपोर्ट मांगी है।
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अप्रैल 1995 में हुए प्रधानी के चुनाव में ब्लाक बिथरी चैनपुर के ग्राम मेहतरपुर स्थित बूथ के अंदर विवाद हो गया जो कि चाकूबाजी में बदल गया। इसमें ओमपाल सिंह यादव के चाकू लगा। उसने थाना बिथरी में सपा नेता अरविंद यादव और उनके दो भाइयाें समेत 11 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। तफ्तीश के बाद पुलिस ने चार्जशीट अदालत में भेज दी। सुनवाई में राकेश्वर सिंह और मोहर सिंह का मामला सत्र न्यायालय से और भारत सिंह और रामेश्वर सिंह का मामला हाईकोर्ट से निस्तारित हो गया। बाकी के सात आरोपियाें पर विचाराधीन मुकदमे की सुनवाई के लिए तत्कालीन न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम ने 8 दिसंबर 2005 की तिथि तय की थी। बताया जाता है कि इसके बाद न कोई तारीख लगी और न ही कोई सुनवाई हुई। इसी बीच बिथरी थाना न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम कार्यक्षेत्र से अलग हो गया।
नौ साल बाद फिर सुनवाई
ग्राम मेहतर पुर निवासी ओमपाल यादव ने न्याय पाने के लिए विभिन्न स्तरों पर पत्राचार किया लेकिन कोई हल नहीं निकला तो इसी दो फरवरी को जिला जज न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें कहा गया कि प्रार्थी मुकदमा नंबर 1089/ 05 में वादी है। इसमें अरविंद यादव समेत सात बचे आरोपियाें पर सुनवाई चल रही थी। इसकी तारीख 8 दिसंबर 2005 तय थी। अब इस अदालत में उस वाद से संबंधित पत्रावली गायब है, जिससे अपेक्षित न्याय नहीं मिल पा रहा है। इसलिए गायब पत्रावली तलाश की जाएं। जिला जज ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई कर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम से सात दिन में रिपोर्ट मांगी है।
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