अखिलेश ने प्रदेश सरकार पर कसा तंज: टावर चोरी मामले पर कहा- बिना मिलीभगत के यह संभव नहीं, जनता भी जानती है
सपा अध्यक्ष ने कहा कि जनता भी जानती है कि इतना बड़ा काम एक रात में अंजाम नहीं दिया जा सकता। अगले चुनाव में जनता भाजपा सरकार की नाकामी और भ्रष्टाचार के टावर का पुर्जा-पुर्जा खोल देगी।'
विस्तार
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में मोबाइल टावर चोरी होने के मामले पर चुटकी लेते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार को घेरा है। उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर बयान साझा करते हुए लिखा है 'यूपी में चोर-उच्चकों तक के हौसले, जीरो टॉलरेंस का दावा करनेवाली भाजपा सरकार के सामने 50 मीटर से भी अधिक बुलंद हैं।'
अखिलेश यादव ने बयान में कहा है कि 'पहले कौशांबी से और अब लखीमपुर खीरी से 50 मीटर ऊंचे टॉवर के सरेआम चोरी होने की जो खबर है वो बताती है कि उप्र में चोर-उच्चकों तक के हौसले, जीरो टॉलरेंस का दावा करनेवाली भाजपा सरकार के सामने 50 मीटर से भी अधिक बुलंद हैं। इतनी बड़ी चोरी शासन-प्रशासन के प्रश्रय और मिलीभगत के बिना संभव ही नहीं है क्योंकि जनता भी जानती है कि इतना बड़ा काम एक रात में अंजाम नहीं दिया जा सकता। अगले चुनाव में जनता भाजपा सरकार की नाकामी और भ्रष्टाचार के टावर का पुर्जा-पुर्जा खोल देगी।'
पहले कौशांबी से और अब लखीमपुर खीरी से 50 मीटर ऊँचे टॉवर के सरेआम चोरी होने की जो ख़बर है वो बताती है कि उप्र में चोर-उच्चकों तक के हौसले, ज़ीरो टॉलरेंस का दावा करनेवाली भाजपा सरकार के सामने 50 मीटर से भी अधिक बुलंद हैं। इतनी बड़ी चोरी शासन-प्रशासन के प्रश्रय और मिलीभगत के बिना… pic.twitter.com/IaniAyGxRD
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) January 8, 2024
यह था मामला
लखीमपुर खीरी के भीरा इलाके में चोरी का एक अजब ही मामला सामने आया है। यहां 50 मीटर ऊंचा टावर चोरी हो गया। इसका मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामला पांच महीने पहले अगस्त का बताया गया है, जिसकी रिपोर्ट जनवरी में दर्ज कराई गई है। मुकदमा ऑनलाइन पोर्टल के जरिये दर्ज कराया गया है। पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही है।
उमरिया बेल गांव निवासी जीटीएल कंपनी के टेक्नीशियन मुमताज ने भीरा थाने में दर्ज कराए मुकदमे में बताया कि कंपनी का एक टावर गांव भानपुर में एक किसान की जमीन पर लगा हुआ था। टावर का आधिकारिक नाम भानपुर के नाम से दर्ज है। अगस्त में जब वह टावर की जांच करने पहुंचे तो टावर चोरी हो चुका था। मौके पर टावर, शेल्टर, इलेक्ट्रानिक फिटिंग व अन्य सामान गायब था। चोरी के सामान की कीमत करीब 15 लाख है। मुमताज का कहना है कि सप्ताह भर पहले पुलिस के पास गए थे। इससे पहले कंपनी अपनी जांच कर रही थी। थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया, इसलिए ऑनलाइन मुकदमा दर्ज कराया गया है। उधर, टावर चोरी की यह घटना पुलिस के गले से नीचे नहीं उतर रही। घटना को संदिग्ध बताया जा रहा है।
लंबे समय से बंद पड़ा था टावर
टेक्नीशियन मुमताज ने बताया कि टावर करीब 10 वर्षों से बंद था। कभी-कभार वह जांच के लिए जाते थे। इस बार जब जांच करने पहुंचे तो पूरा टावर गायब था। ऐसा लग रहा कि जैसे पहले यहां टावर था ही नहीं। बताया कि टावर करीब 50 मीटर ऊंचा था। जिले में कई अन्य टावर भी गायब हो चुके हैं।
उठ रहे सवाल
गांव के पास से पूरा टावर चोरी हो जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। टावर अगर बंद था तो कंपनी ने सामान क्यों नहीं हटाया। अगस्त में निरीक्षण के समय टावर गायब मिला तो उस समय रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज कराई गई। पांच माह बाद ऑनलाइन एफआईआर कराई गई। कई अन्य सवाल भी खड़े हो रहे हैं।