फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   After surgical strike lasted marathon meetings in Bareilly

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बरेली में चली मैराथन बैठकें

Fri, 30 Sep 2016 01:26 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Fri, 30 Sep 2016 01:26 AM IST
विज्ञापन
After surgical strike lasted marathon meetings in Bareilly
हमले के बाद जताई खुशी
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सीमा पर पर तनाव के मद्देनजर गुरुवार को सेना, पुलिस - प्रशासन की मैराथन बैठकों का दौर चला। त्रिशूल एयरबेस और आर्मी एरिया होने के कारण मेरठ की तर्ज पर बरेली में सिविल डिफेंस का ढांचा तैयार करने का फैसला लिया। वहां की तर्ज पर बरेली की सिविल डिफेंस का खाका तैयार करने के लिए डिटेल मंगाई जा रही है। उसी के  आधार पर रिक्त पदों को भरे जाएंगे। आपात सेवाओं और व्यवस्थाओं को अपडेट किया जा रहा है।
विज्ञापन

त्रिशूल एयरबेस और आर्मी एरिया परिसर में सतर्कता बढ़ा दी गई है। आसपास के मकानों में रह रहे लोगों पर निगाह रखी जा रही है। 24 घंटे सेना पुलिस और सामान्य पुलिस की संयुक्त पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। स्थाई व्यवस्था के लिए सिविल डिफेंस को मजबूत करने पर जोर दिय गया। खाली पड़े पदों पर सभी ट्रेड के सक्रिय लोगों को शामिल किया जाएगा। इसमें भर्ती की जिम्मेदारी एडीएम सिटी को सौंपी गई है। पंद्रह दिन में इन पदों पर भर्ती के साथ-साथ हर ट्रेड का प्रशिक्षण देंगे।
विज्ञापन

इमरजेंसी प्लान बना
सेना और प्रशासन ने शहर के प्रमुख चिकित्सक, अस्पताल, एंबुलेंस और सुुविधाओं का ब्योरा नए सिरे से तैयार होगा। भारी और हल्के वाहनों का इमरजेंसी प्लान तैयार किया गया है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए जेसीबी, लोडर तथा अन्य वाहनों की जानकारी जुटाई गई है। शहर एवं जिले के संवेदनशील स्थान, पुल आदि का डाटा भी तैयार किया गया। इन सभी स्थानों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

खुफिया रिपोर्ट, त्योहारों पर सतर्कता
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर दुर्गा पूजा, नवरात्र, मोहर्रम तथा अन्य भीड़ भाड़ वाले इलाकों में आयोजनों के दौरान कड़ी नजर रखी जा रही है। पिछले दिनों स्लीपिंग माड्यूल के आतंकियों के होने की संभावना के मद्देनजर संदिग्ध स्थानों पर नजर रखी जा रही है।
सेना और एयरफोर्स सतर्क, छुट्टियां रद्द
आर्मी एरिया और एयरफोर्स ने सतर्कता के साथ-साथजवानों को सामान्य परिस्थितियों में छुट्टी पर न भेजने का आदेश आ गया है। उड़ी में पाकिस्तान की ओर से किए गए आतंकी हमले के बाद से ही सेना क्षेत्र में अलर्ट घोषित कर दिया गया था। सेना ने सतर्कता बरतते हुए सैन्य क्षेत्रों को जाने वाले रास्तों पर चौकसी कड़ी कर दी थी लेकिन भारतीय सेना की ओर से किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बदले हालात में सेना मुख्यालय से अगले आदेश को लेकर यहां भी सेना सतर्क हो गई है। माना जा रहा है कि अगर बार्डर पर लड़ाई की नौबत आई तो उत्तर भारत मुख्यालय से भी बटालियन को रवाना होना पड़ेगा। बृहस्पतिवार को पूरे दिन सेना में आंतरिक स्तर पर मीटिंगों को दौर चलता रहा।
खुफिया सूत्रों का कहना है कि उत्पन्न हुए हालात में सेना पूरी तरह से सतर्क और तैयार है। सेना मुख्यालय का जवानों को सामान्य परिस्थितियों में छुट्टी न देने का फरमान यहां भी आ गया है।   
सोशल साइट्स पर छाईं 56 इंच की बातें 
 फेसबुक, व्हाट्सएप और ट्विटर पर सक्रिय रहे लोग
पिछले कई दिनों से टीवी और अखबार पढ़कर पाकिस्तान की हरकत पर अपनी आस्तीन चढ़ा रहे भारतीयों को खुश होने का एक मौका मिला। भारतीय सेना के एलओसी पार कर पाकिस्तान के सात आतंकी बेस कैंप को सर्जिकल स्ट्राइक से दफन करने पर सभी का सीना 56 इंच का हो गया। दिन भर ह्वाट्स ग्रुप, ट्विटर और फेसबुक पर इसी की चर्चा रही। लोगाें ने एक दूसरे को ऐसे बधाई दी जैसे व्यक्तिगत प्रशंसा की जा रही हो।  अमर उजाला के ट्विटर की पब्लिक पोल में सर्जिकल स्ट्राइक को 90 प्रतिशत से अधिक लोगाें ने सही माना है। ज्यादातर पोस्ट्स पर किसी न किसी रूप में 56 इंच का जिक्र किया जाता रहा। 
ट्वीट्स 
टिवट्र पर कई लोगों ने प्रधानमंत्री तक को बदाई संदेश भेजे। विजन रुहेलखंड के डॉ प्रमेंद्र माहेश्वरी ने तो सेना के जवानों को साधुवाद देते हुए एक विशेष रक्तदान शिविर लगाने की भी घोषणा की है। आनंद मिश्रा ने लिखा है कि मोदी नवाज की उधारी उतारी।नरेश ने लिखा है  ये बोली से नहीं समझने वाले, इन्हें गोली की भाषा समझ में आती है। 
रजनीश कुमार ने लिखा इस बार भारतीय घर पर पटाखे न जला कर सेना को सहयोग कर बार्डर पर दीवाली मनाएं
वर्षा सिंह ने लिखा कि पाकिस्तान बार्डर पार मत करो, भारत त्योहार पर होम डिलीवरी करता है। 
व्हाट्सएप पर भी संदेशों की बाढ़
- भारत कब पैदा हुआ यह कोई नहीं बता सकता लेकिन पाकिस्तान 14 अगस्त 1947 को पैदा हुआ। गीता के मुताबिक जो पैदा हुआ उसका अंत भी होगा। 
 - नवरात्र में दो दिन बाकी है भारत मां के बेटों ने अभी से मां दुर्गा को बलि के बकरे अर्पित करने शुरू कर दिए।
- अगर युद्ध हुआ तो चीन पाकिस्तान का साथ देगा। डरने का नहीं भैया, चीन के 90 फीसदी बम फु स्स निकलते हैं। 
- आज की तारीख 29-09-2016 मतलब 29+9+2+16= 56 इंच
-  ‘हम तुम्हें मारेंगे, जरूर मारेंगे लेकिन वो बंदूक भी हमारी होगी गोली भी हमारी होगी और वक्त भी हमारा होगा।’
- सुन पाकिस्तान, हम युद्ध से नहीं डरते। टेंशन इस बात की है कि बच्चाें को इतिहास में एक अतिरिक्त चैप्टर पढ़ना पड़ेगा। ‘एक था पाकिस्तान’ 
- पाकिस्तान में आवासीय प्लाटों की बुकिंग शुरू। कब्जा युद्ध जीतने के बाद दिया जाएगा। 
- 56 इंच का सीना है सिर उठाके जीना है। 
- मुफ्त डाटा नहीं चाहिए सिर्फ पाकिस्तान में सन्नाटा चाहिए
खूब हुई आतिशबाजी
शहर में जश्न का माहौल है। लोग एक दूसरे को बधाई दे रहे हैं और भारत माता जय के नारे लगाए। सेलेक्शन प्वाइंट पर राजेंद्रनगर के लोगों ने खूब आतिशबाजी की। एक घंटे तक आसमानी आतिशबाजी और पटाखे फोड़े। तिरंगा लहराया और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। भारत सरकार तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं नारे लगाकर हिम्मत बांधी। इस मौके पर राजेंद्र नगर की पार्षद शशि सक्सेना, गुलशन अरोरा, सुमित सक्सेना, अरुण कुक्की, विदित सक्सेना, सचित सक्सेना, मनोज, ललित, राहुल कपूर, ललित मोहन, लवी रॉबिंसन व अन्य शामिल रहे। मॉडल टाउन, कालीबाड़ी, सुभाषनगर में भी लोग खुशी मनाते दिखे। 
नेताओं ने भी सेना को सराहा
सर्जिकल स्ट्राइक उड़ी में आतंकी हमले में शहीद हुए भारतीय जवानों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय सेना की सच्ची श्रद्धांजलि है। प्रधानमंत्री ने देश के लिए अपनी सफलता कूटनीति साबित कर दिखाई है। अब विपक्षियों को भी मान लेना चाहिए कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने 56 इंच का सीना साबित कर दिखाया है।-राजेश अग्रवाल, कैंट विधायक, भाजपा
सर्जिकल स्ट्राइक के लिए सेना के साथ पूरे देश, सरकार और विपक्ष को भी बधाई लेकिन यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो साल की नहीं बल्कि कांग्रेस के 60 साल के कार्यकाल के कार्यकाल में भारतीय सेना को सशक्त बनाने के लिए हुए तमाम प्रयासों की है। यह बात प्रधानमंत्री मोदी, भाजपा और आरएसएस वालों को समझनी होगी, जो 60 साल में कांग्रेस के कार्यकाल को लेकर आरोप लगाते रहते हैं।-प्रवीण सिंह ऐरन, पूर्व सांसद कांग्रेस
सेना के सर्जिकल स्ट्राइक पर भाजपा अपनी पीठ न थपथपाए। यह कार्रवाई भारतीय सेना की ओर से देशवासियों की भावनाओं का नतीजा है। उड़ी के आतंकी हमले में शहीद जवानों का भारतीय सेना ने बदला लिया है, पूरे देश के साथ सपा भी हर कदम पर सेना के साथ है। -वीरपाल सिंह यादव, जिलाध्यक्ष सपा 
रिटायर सैन्य अफसरों से बातचीत
अगले 72 घंटे में कुछ भी संभव 
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी कैंपों पर भारतीय सेना का सर्जिकल स्ट्राइक बड़ी उपलब्धि है। यह होना भी जरूरी थी क्योंकि पाकिस्तान को इस तरह का एक झटका देना ही था कि हम ऐसा भी कर सकते हैं लेकिन इसके 48 से 72 घंटे बहुत अहम हैं, इसलिए भी क्योंकि पाकिस्तान कह रहा है कि सर्जिकल स्ट्राइक हुआ नहीं है, यह केवल फायरिंग हुई है। यह उसकी खिसियाहट है। उसके बाद जिस तरह से वहां के रक्षा मंत्री का बयान आया है कि भारत को नेस्तनाबूद कर देंगे। जाहिर है कि वह चुप नहीं बैठेगा। वैसे भी उस पर आतंकी जेहादियों का भारत पर हमला करने के लिए दबाव है इसलिए वह रिएक्ट करेगा। नामुमकिन नहीं है कि वह एटामिक वार करने से चूक जाए लेकिन उसका टारगेट जम्मू, पठानकोट, अमृतसर और भटिंडा हो सकते हैं। हालांकि हम कमजोर नहीं हैं और जो लोग सोच रहे हैं कि भारत ने जवाबी हमला किया है तो ऐसा नहीं है बल्कि भारत की सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक करके पाकिस्तान को संदेश दिया है कि वह हमें कमजोर न समझे।

-एयरमार्शल अशोक कुमार गोयल
भारतीय वायुसेना मुख्यालय से डायरेक्टर जनरल सुरक्षा के पद से रिटायर हैं।
चुप नहीं बैठेगा पाकिस्तान
यह तो तय है कि भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान चुप नहीं बैठने वाला, अब यह देखने की जरूरत है कि वह किस रूप में खुराफात करेगा। मेरा मानना है कि परमाणु बम जैसा कदम उठाना पाकिस्तान के वश की बात नहीं है। वजह यह है कि इसको लेकर उस पर अंतरराष्ट्रीय दबाव रहेगा इसलिए वह जमीन पर लड़ाई लड़ सकता है, क्योंकि उस पर जिहादियों का दबाव है। हो सकता है कि इसमें चीन उसकी मदद करे, भले ही सामने से नहीं लेकिन पीछे से उसको उकसा सकता है। हां अमेरिका भले ही हमारा साथ खुलकर न दे लेकिन हमारे विरोध में खड़ा नहीं होगा, पाकिस्तान इसीलिए परमाणु बम जैसा कदम उठाने का साहस नहीं करेगा। सच तो यह है कि पाकिस्तान मोहरा है, जिहादियों और आतंकवादियों का, चीन भी उस पर हाथ रखे है इसलिए वह भारत पर आक्रामक होने लगता है लेकिन भारत सैन्य शक्ति में कम नहीं है।-कर्नल सीपीएस राठौर
भारतीय सेना की मिलिट्री इंटेलिजेंस में कर्नल रैंक से 1991 में रिटायर हुए। बरेली क्लब के सेक्रेटरी हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed