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आखिर रंग लाए देश भर की मुस्लिम महिलाओं के वोट

Fri, 26 Jul 2019 07:16 PM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Fri, 26 Jul 2019 07:16 PM IST
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After all, Muslim women vote across the country
तीन तलाक बिल - फोटो : SELF

मुस्लिम महिलाओं में खुशी

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बरेली। लोक सभा में तीन पर पास हुए बिल पर एक फिर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। इसमें पक्ष और विपक्ष में इस बार भी प्रतिक्रिया हुई है। इसमें सुन्नी बरेलवी मरकज से जहां तीन तलाक के बिल को बेमायने बताया गया है। वहीं तीन तलाक पीड़ित महिलाओं की लड़ाई लड़ रही महिलाओं ने इस पर खुशी जाहिर करते हुए मुस्लिम महिलाओं के लिए राहत भरा रास्ता बताया है।

बरेली दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी (अहसन मियां) ने लोकसभा में पास हुए ट्रिपल तलाक बिल पर अपने बयान में कहा की मुसलमान औरतों को इस बिल से कोई फायदा नहीं होने वाला, बल्कि नुकसान होगा। तरीका तो यह है कि अगर मियां बीबी में कोई झगड़ा है तो दोनों परिवार के लोग सुलह कराएं। इसके लिए 90 दिन का वक्त होता है। इस्लामी कानून का जरिया कुरान व हदीस हैं और ताकयामत रहेगा। मुस्लिम पर्सनल लॉ में हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं हैं। तीन तलाक हमेशा से मान्य हैं और हमेशा मान्य रहेगी।

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उन्होंने सवाल उठाया है कि जब सुप्रीम कोर्ट की नजर में तीन तलाक से रिश्ता नहीं टूटा तो सजा क्यों? तीन साल सजा होने पर शौहर बीवी के बीच मोहब्बत बढ़ेगी या तल्खी। जब शौहर जेल में रहेगा तो परिवार का गुजारा कैसे होगा। शौहर और बीबी को खुद से अपने हालत में सुधार करना पड़ेगा और इसके लिए दीनी तालिम जरूरी है। एक ही वक्त पर तीन तलाक देने पर मजहबे इस्लाम में मनाही जरूर है लेकिन कोई एक साथ तीन तलाक दे देगा तो तलाक हो जायेगी। यह कुरान व सुन्नत से साबित है।

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अहसन मियां ने कहा कि संविधान निर्माता डा. भीमराव अंबेडकर ने भी कहा था कि यहां हर मजहब के कानून को मानना होगा। मजहब के अनुसार ही कानून बनाना होगा और मजहब के मामले में दखल नहीं दिया जायेगा, लेकिन हो इसके उलट रहा है। कुछ लोग मुस्लिम औरतों को दीने इस्लाम के खिलाफ बहका रहे हैं। शरीयत में किसी भी तरह की दखलअंदाजी नहीं होना चाहिए। अगर वाकई सरकार मुसलमानों का हक दिलाना चाहती है तो पहले वो मुसलमानों की हिफाजत करे। उनकी इबादतगाहों की हिफाजत करे और मुस्लिम औरतों के शौहरों व बच्चों की हिफाजत करे। निकाह और तलाक इस्लामी कानून से ही होंगे।


पीड़ित महिलाओं का भाजपा को सपोर्ट हुआ कारगर साबित

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निदा खान - फोटो : अमर उजाला, बरेली

आला हजरत हेल्पिंग सोसाइटी की अध्यक्ष एवं तीन तलाक पीड़ित निदा खान ने कहा है कि तीन तलाक बिल पास होने से मुस्लिम महिलाओं में खुशी है। उन्होंने कहा है कि पीड़ित महिलाओं ने जो भाजपा को वोट दिया है और सपोर्ट किया है वह कारगर साबित हुआ है। भाजपा फिर से बिल लाई है यह उन उलमा को चेतावनी है जो मजहब के आड़ में महिलाओं का उत्पीड़न और प्रताड़ित करते रहे हैं। उन्हें भी कानून का पालन करना होगा। उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के वैवाहिक जीवन को सुरक्षित करने को उठाए गए कदम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है।

 

राज्यसभा में भी बिल पास हो तो बने बात

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फरहत नकबी - फोटो : अमर उजाला, बरेली
मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी ने कहा है कि लोक सभा में बिल पास होता रहा है। मगर राज्य सभा में जा कर बिल फंस जाता है। अब राज्य सभा में बिल पास हो, पीड़ित महिलाओं की नजर और उम्मीद इसी पर टिकी है। उन्होंने कहा कि भाजपा पर भरोसा है कि वह दुबारा सरकार में आई और तीन तलाक पर फिर बिल को पास कराया उम्मीद है इस बार भाजपा सरकार राज्य सभा से भी बिल पास कराने में कामयाब होगी।
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