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Bareilly News: कंप्यूटर ऑपरेटर पर कार्रवाई के बाद टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की जांच ठप

Wed, 12 Mar 2025 02:37 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 12 Mar 2025 02:37 AM IST
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After action against the computer operator, the investigation into the irregularities in the tender process came to a halt
बरेली। टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी के मामले में कंप्यूटर ऑपरेटर पर कार्रवाई के बाद नगर निगम प्रशासन की जांच और कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई है। डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) के गलत उपयोग को लेकर जिम्मेदार अभियंता पर कार्रवाई से अधिकारी कतरा रहे हैं। मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी का कहना है कि डिजिटल सिग्नेचर कंप्यूटर ऑपरेटर के पास ही रहता है।
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जानकारों का कहना है कि यह एक महत्वपूर्ण डिजिटल डाटा है जिसका दुरुपयोग होने की हमेशा आशंका रहती है। ऐसे में जिसका डिजिटल सिग्नेचर है, उसे खुद सुरक्षित रखना होता है। कंप्यूटर ऑपरेटर के पास डिजिटल सिग्नेचर होना सीधे तौर पर संबंधित अभियंता की लापरवाही है। ऐसे में तो कई बड़े फ्रॉड हो सकते हैं जिनका शायद कभी पता भी नहीं चल सके। चर्चा है कि कंप्यूटर ऑपरेटर पर कार्रवाई की भनक लगने पर नगर निगम के एक अभियंता अपने डिजिटल सिग्नेचर की पेनड्राइव लेने रात को ही बदायूं भी गए थे।
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सवाल उठ रहा है कि डिजिटल सिग्नेचर जैसी महत्वपूर्ण ड्राइव कंप्यूटर ऑपरेटर के पास कैसे पहुंच गई? क्या यह गड़बड़ी इंजीनियर की सहमति से हुई? सड़क-नाली निर्माण समेत अन्य टेंडर नगर निगम के निर्माण विभाग की ओर से निकाले गए हैं। इनमें एनकैप (नेशनल क्लीन एयर एंड प्रोग्राम), स्वच्छ भारत मिशन, 15वें वित्त आयोग के टेंडर भी शामिल हैं। ऐसे में फर्जीवाड़ा का आंकड़ा और अधिक बड़ा हो सकता है।
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अधिकारियों के तर्क गलत हैं : पूर्व महापौर
पूर्व महापौर डॉ. आईएस तोमर का कहना है कि मामले में अधिकारियों के तर्क गलत हैं। डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग केवल इसका उपयोगकर्ता ही कर सकता है। यही नियम है। अगर अधिकारी कह रहे हैं कि इसे अब वापस लिया जाएगा तो यह गलत है। कंप्यूटर ऑपरेटर के पास डिजिटल सिग्नेचर होने का कोई औचित्य ही नहीं है। संवाद
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जिम्मेदार बोले, कुछ भी गलत नहीं
कंप्यूटर ऑपरेटर ठीक से काम नहीं कर रहा था, इसलिए उसे हटाया गया है। डिजिटल सिग्नेचर कंप्यूटर ऑपरेटर के पास ही रहता है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। अब उसे हटा दिया गया है तो वह इसे वापस करेगा। इसमें किसी तरह की जांच नहीं की जा रही है।

- मनीष अवस्थी, मुख्य अभियंता


डिजिटल सिग्नेचर की ड्राइव कार्यालय में रहती है। इसके उपयोग से पहले अनुमति की जरूरत होती है। ऑपरेटर पर कोई भी कार्रवाई इसलिए हुई है क्योंकि वह दस्तावेजों में हेरफेर करता था। इसमें अगर कोई अन्य शामिल होगा तो उस पर भी कार्रवाई होगी।
- संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
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