{"_id":"df55c050e7b285d71c4767964a0019f7","slug":"aapda-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आपदा में फंसे बरेली के सौ अमरनाथ यात्री, एक की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आपदा में फंसे बरेली के सौ अमरनाथ यात्री, एक की मौत
बरेली
Updated Sat, 18 Jul 2015 01:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। बाबा अमरनाथ के दर्शन को गए बरेली के लगभग सौ लोग वहां बादल फटने के बाद आई आपदा में फंसे हुए हैं। इनमें एक की मौत हो गई। वहीं आपदा में फंसे लोगों के परिजन भी आशंकित हैं और उनकी खैरखबर लेने की कोशिश में जुटे हैं। सब अपनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं।
बाबा के दर्शन के लिए पिछले सप्ताह शहर से कई जत्थों में लोग गए थे। इनमें से अधिकांश लौट रहे थे, तभी बृहस्पतिवार को रास्ते में कई स्थानों पर बादल फटने की घटना के बाद वहां आई आपदा से सभी प्रमुख रास्ते बंद हो गए। इससे जगह-जगह सारे यात्री फंस गए। इनमें बरेली के लोग भी शामिल हैं। महानगर कालोनी में रहने वाले अजय मल्होत्रा और सदर कैंट के निवासी प्रेम नारंग सोनमर्ग में फंसे हुए हैं। नरेश श्रीवास्तव बालटाल में फंसे हुए हैं। उनके साथ बरेली से गए करीब 50 लोग हैं। इनमें कैंट में रहने वाले अशोक मेहता भी हैं, जो परिवार के साथ बाबा अमरनाथ के दर्शन करके लौट रहे थे। इन्होंने सेना के एक कैंप में शरण ले रखी है। हालांकि सभी सुरक्षित हैं लेकिन इनमें परिजन बेचैन हैं। वहीं, आंवला तहसील क्षेत्र के पांच लोग भी अमरनाथ यात्रा में फंसे हुए हैं। गैनी के सर्राफ प्रमोद वर्मा और मैंथा कारोबारी रोहित गुप्ता व गुड्डू मंगलवार को अमरनाथ यात्रा को निकले थे लेकिन बृहस्पतिवार शाम से उनका घर वालों से संपर्क कटा हुआ है। प्रमोद के भाई विपिन, पत्नी बेबी ने बताया कि पहलगाम पहुंचने पर रात दस बजे बात हुई थी। इसके बाद से फोन बंद जा रहा है। बसेरा से स्वराज और अंतपुर के शिक्षक अनिल सिंह भी वहां फंसने वालों में शामिल हैं। इनके घर वालों का कहना है कि उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिजन चिंतित हैं और लगातार उनकी खैरखबर लेने की कोशिश कर रहे हैं।
इंसेट...
प्यारेलाल की मौत से घर में कोहराम
अमरनाथ यात्रा पर गए बांसमंडी में रहने वाले प्यारेलाल की बृहस्पतिवार को मौत हो गई। उनकी मौत की सूचना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। उनका शव सोनमर्ग की मोर्चरी में रखी हुई है लेकिन यात्रा के रास्ते में आपदा आने की वजह से सारे रास्ते बंद हो चुके हैं इसलिए उनके साथ गए लोग शव को ला नहीं पा रहे थे। उनके साथ गए अजय कल्होत्रा ने फोन पर बताया कि बाबा के दर्शन करने के बाद लौटते समय बालटाल के रास्ते पर सोन घाटी के पास प्यारे लाल की मौत हुई। 50 वर्षीय प्यारे लाल उस वक्त घोड़े पर सवार थे। डाक्टरों ने उनकी हार्टअटैक से मौत का अनुमान लगाया गया। प्यारेलाल यहां गंगापुर मंडी में पल्लेदार थे और अन्य तीर्थयात्रियों के साथ अमरनाथ यात्रा पर गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बाबा के दर्शन के लिए पिछले सप्ताह शहर से कई जत्थों में लोग गए थे। इनमें से अधिकांश लौट रहे थे, तभी बृहस्पतिवार को रास्ते में कई स्थानों पर बादल फटने की घटना के बाद वहां आई आपदा से सभी प्रमुख रास्ते बंद हो गए। इससे जगह-जगह सारे यात्री फंस गए। इनमें बरेली के लोग भी शामिल हैं। महानगर कालोनी में रहने वाले अजय मल्होत्रा और सदर कैंट के निवासी प्रेम नारंग सोनमर्ग में फंसे हुए हैं। नरेश श्रीवास्तव बालटाल में फंसे हुए हैं। उनके साथ बरेली से गए करीब 50 लोग हैं। इनमें कैंट में रहने वाले अशोक मेहता भी हैं, जो परिवार के साथ बाबा अमरनाथ के दर्शन करके लौट रहे थे। इन्होंने सेना के एक कैंप में शरण ले रखी है। हालांकि सभी सुरक्षित हैं लेकिन इनमें परिजन बेचैन हैं। वहीं, आंवला तहसील क्षेत्र के पांच लोग भी अमरनाथ यात्रा में फंसे हुए हैं। गैनी के सर्राफ प्रमोद वर्मा और मैंथा कारोबारी रोहित गुप्ता व गुड्डू मंगलवार को अमरनाथ यात्रा को निकले थे लेकिन बृहस्पतिवार शाम से उनका घर वालों से संपर्क कटा हुआ है। प्रमोद के भाई विपिन, पत्नी बेबी ने बताया कि पहलगाम पहुंचने पर रात दस बजे बात हुई थी। इसके बाद से फोन बंद जा रहा है। बसेरा से स्वराज और अंतपुर के शिक्षक अनिल सिंह भी वहां फंसने वालों में शामिल हैं। इनके घर वालों का कहना है कि उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिजन चिंतित हैं और लगातार उनकी खैरखबर लेने की कोशिश कर रहे हैं।
विज्ञापन
इंसेट...
प्यारेलाल की मौत से घर में कोहराम
अमरनाथ यात्रा पर गए बांसमंडी में रहने वाले प्यारेलाल की बृहस्पतिवार को मौत हो गई। उनकी मौत की सूचना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। उनका शव सोनमर्ग की मोर्चरी में रखी हुई है लेकिन यात्रा के रास्ते में आपदा आने की वजह से सारे रास्ते बंद हो चुके हैं इसलिए उनके साथ गए लोग शव को ला नहीं पा रहे थे। उनके साथ गए अजय कल्होत्रा ने फोन पर बताया कि बाबा के दर्शन करने के बाद लौटते समय बालटाल के रास्ते पर सोन घाटी के पास प्यारे लाल की मौत हुई। 50 वर्षीय प्यारे लाल उस वक्त घोड़े पर सवार थे। डाक्टरों ने उनकी हार्टअटैक से मौत का अनुमान लगाया गया। प्यारेलाल यहां गंगापुर मंडी में पल्लेदार थे और अन्य तीर्थयात्रियों के साथ अमरनाथ यात्रा पर गए थे।
विज्ञापन