{"_id":"5e61582d8ebc3eeadd76aad6","slug":"a-large-residential-building-will-be-built-on-two-plots-owned-by-one-bareilly-news-bly398567422","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक स्वामित्व वाले दो भूखंडों पर बना सकेंगे एक बड़ा आवासीय भवन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक स्वामित्व वाले दो भूखंडों पर बना सकेंगे एक बड़ा आवासीय भवन
विज्ञापन
प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सात मार्च को होने वाली बीडीए बोर्ड की बैठक में अफसर रखेंगे यह प्रस्ताव
विज्ञापन
बरेली। बीडीए बोर्ड की सात मार्च को होने वाली बैठक में कई अहम प्रस्ताव रखे जाएंगे। इसमें महत्वपूर्ण प्रस्ताव यह भी रहेगा कि कोई दो भूखंडों पर एक बड़ा मकान भी बना सकता है। बस शर्त यह रहेगी कि दोनों भूखंडों का स्वामित्व एक ही व्यक्ति के पास हो। हालांकि इस पर ग्रुप हाउसिंग या मल्टीस्टोरी बिल्डिंग का निर्माण नहीं कराया जा सकेगा। इसके अलावा बीडीए के अधिकारी इस वित्तीय साल के आय-व्यय के प्रस्तावित बजट का ब्योरा भी पेश करेंगे।
सात जनवरी को कमिश्नर सभागार में होने वाली इस बैठक को लेकर बीडीए ने सभी सदस्यों को एजेंडा जारी कर दिया है। इसमें दो भूंखडों पर एक आवास बनाने के संबंध में यह बिंदु भी रखे जाएंगे कि इस भूखंड तक पहुंचने के लिए कम से कम नौ मीटर चौड़ी रोड हो। प्रत्येक भूखंड का क्षेत्रफल 150 वर्गमीटर अथवा उससे कम ही होना चाहिए। यह नियम एक जनवरी 2001 के बाद से विकसित या स्वीकृत आवासीय परियोजनाओं के लिए लागू होगा। बीडीए इसे स्वीकृत कराने के लिए प्रस्ताव बोर्ड की मीटिंग में प्रस्तुत करेगा।
पहले यह बैठक 26 फरवरी को होनी थी, लेकिन बोेर्ड के सदस्य व पार्षद सतीश चंद्र ने इस पर आपत्ति जताई थी कि बीडीए ने बैठक की सूचना समय से नहीं दी थी। एजेंडा के बारे में भी सूचना न दिए जाने से सदस्य बगैर किसी तैयारी के इस बैठक में जाते हैं। इससे वे अपनी बात ढंग से नहीं रख पाते। बीडीए उपाध्यक्ष दिव्या मित्तल ने बताया कि इस बार सभी सदस्यों को सूचना और एजेंडा भेज दिया गया है।
विज्ञापन
प्रस्ताव-
प्रधानमंत्री आवास आवंटियों के लिए सड़क व पानी आपूर्ति के लिए खर्च होंगे 852 लाख
प्रधानमंत्री आवास योजना में बीडीए की रामगंगानगर आवासीय परियोजना के सेक्टर-एक में 254 आवासों के निर्माण कराए जा रहे हैं। यहां 24 मीटर सड़क और सेक्टर चार में 30 मीटर चौड़ी सड़क बनाया जाना प्रस्तावित है। सेक्टर चार में बने ओवरहेड टैंक से सेक्टर एक तक वाटर सप्लाई होनी है। इस प्रस्तावित कार्य में 1385 मीटर चौड़ी रोड करीब 842.22 लाख से और वाटर सप्लाई का काम 9.29 लाख रुपये से होना है। दोनों कामों के लिए 852 लाख की धनराशि का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। बोर्ड में यह प्रस्ताव भी रखा जाएगा।
प्रस्ताव-
1.84 अरब की आय का टारगेट पूरा करेगा बीडीए
बीडीए ने वर्ष 2020-21 में 1.84 अरब की आय का लक्ष्य पूरा करेगा। इसमें रामगंगानगर योजना से 60 करोड़ मिलने का अनुमान है, जबकि रामगंगानगर में ही बने प्रधानमंत्री आवासों से 23.44 करोड़ मिलने की उम्मीद जताई गई है। इस साल करगैना योजना में बदायूं रोड पर जुए की पुलिया से नाला निर्माण के लिए शासन से 3.10 करोड़ रुपये मिलने की संभावना है। इसी तरह फ्रीहोल्ड मद में 2.50 करोड़, विकास शुल्क में 15 करोड़, नक्शा में 50 करोड़ मिलने की उम्मीद जताई गई है, जबकि वेतन, पेंशन और भत्ते में 15 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। आय व्यय के इस खर्च का भी प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।
प्रस्ताव-
करगैना आवासीय योजना में आवंटियों की रजिस्ट्री कराने पर होगा निर्णय
बीडीए ने वर्ष 1987 से 1991 के बीच में करगैना आवासीय परियोजना विकसित की थी। इसमें करीब सात सौ भवनों की रजिस्ट्री को लेकर मामला फंसा हुआ है। यहां बड़ी संख्या में अनधिकृत आवंटी रह रहे हैं, जिन्होंने वर्षों से किस्त अदा नहीं है। इससे परियोजना को काफी नुकसान पहुंचा है। इससे यहां विकास कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। बीडीए के अफसर किस्तें न जमा होने से आवंटियों को रजिस्ट्री कराने संबंधी आ रही दिक्कतों का निस्तारण के लिए भी प्रस्ताव रखेंगे।
सात जनवरी को कमिश्नर सभागार में होने वाली इस बैठक को लेकर बीडीए ने सभी सदस्यों को एजेंडा जारी कर दिया है। इसमें दो भूंखडों पर एक आवास बनाने के संबंध में यह बिंदु भी रखे जाएंगे कि इस भूखंड तक पहुंचने के लिए कम से कम नौ मीटर चौड़ी रोड हो। प्रत्येक भूखंड का क्षेत्रफल 150 वर्गमीटर अथवा उससे कम ही होना चाहिए। यह नियम एक जनवरी 2001 के बाद से विकसित या स्वीकृत आवासीय परियोजनाओं के लिए लागू होगा। बीडीए इसे स्वीकृत कराने के लिए प्रस्ताव बोर्ड की मीटिंग में प्रस्तुत करेगा।
विज्ञापन
पहले यह बैठक 26 फरवरी को होनी थी, लेकिन बोेर्ड के सदस्य व पार्षद सतीश चंद्र ने इस पर आपत्ति जताई थी कि बीडीए ने बैठक की सूचना समय से नहीं दी थी। एजेंडा के बारे में भी सूचना न दिए जाने से सदस्य बगैर किसी तैयारी के इस बैठक में जाते हैं। इससे वे अपनी बात ढंग से नहीं रख पाते। बीडीए उपाध्यक्ष दिव्या मित्तल ने बताया कि इस बार सभी सदस्यों को सूचना और एजेंडा भेज दिया गया है।
विज्ञापन
प्रस्ताव-
प्रधानमंत्री आवास आवंटियों के लिए सड़क व पानी आपूर्ति के लिए खर्च होंगे 852 लाख
प्रधानमंत्री आवास योजना में बीडीए की रामगंगानगर आवासीय परियोजना के सेक्टर-एक में 254 आवासों के निर्माण कराए जा रहे हैं। यहां 24 मीटर सड़क और सेक्टर चार में 30 मीटर चौड़ी सड़क बनाया जाना प्रस्तावित है। सेक्टर चार में बने ओवरहेड टैंक से सेक्टर एक तक वाटर सप्लाई होनी है। इस प्रस्तावित कार्य में 1385 मीटर चौड़ी रोड करीब 842.22 लाख से और वाटर सप्लाई का काम 9.29 लाख रुपये से होना है। दोनों कामों के लिए 852 लाख की धनराशि का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। बोर्ड में यह प्रस्ताव भी रखा जाएगा।
प्रस्ताव-
1.84 अरब की आय का टारगेट पूरा करेगा बीडीए
बीडीए ने वर्ष 2020-21 में 1.84 अरब की आय का लक्ष्य पूरा करेगा। इसमें रामगंगानगर योजना से 60 करोड़ मिलने का अनुमान है, जबकि रामगंगानगर में ही बने प्रधानमंत्री आवासों से 23.44 करोड़ मिलने की उम्मीद जताई गई है। इस साल करगैना योजना में बदायूं रोड पर जुए की पुलिया से नाला निर्माण के लिए शासन से 3.10 करोड़ रुपये मिलने की संभावना है। इसी तरह फ्रीहोल्ड मद में 2.50 करोड़, विकास शुल्क में 15 करोड़, नक्शा में 50 करोड़ मिलने की उम्मीद जताई गई है, जबकि वेतन, पेंशन और भत्ते में 15 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। आय व्यय के इस खर्च का भी प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।
प्रस्ताव-
करगैना आवासीय योजना में आवंटियों की रजिस्ट्री कराने पर होगा निर्णय
बीडीए ने वर्ष 1987 से 1991 के बीच में करगैना आवासीय परियोजना विकसित की थी। इसमें करीब सात सौ भवनों की रजिस्ट्री को लेकर मामला फंसा हुआ है। यहां बड़ी संख्या में अनधिकृत आवंटी रह रहे हैं, जिन्होंने वर्षों से किस्त अदा नहीं है। इससे परियोजना को काफी नुकसान पहुंचा है। इससे यहां विकास कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। बीडीए के अफसर किस्तें न जमा होने से आवंटियों को रजिस्ट्री कराने संबंधी आ रही दिक्कतों का निस्तारण के लिए भी प्रस्ताव रखेंगे।