{"_id":"120-96716","slug":"Bareilly-96716-120","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोहिया विहार कालोनी पर तो मेहरबान रहा बीडीए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोहिया विहार कालोनी पर तो मेहरबान रहा बीडीए
Bareilly
Updated Fri, 27 Jun 2014 05:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। परसाखेड़ा में लोहिया विहार आवासीय योजना केतहत बनाई गई कालोनी बीडीए अफसरों और ठेकेदारों की कमाई का बड़ा जरिया बन गई है। 10 साल में यहां की छह सड़कें चार बार बनाई जा चुकी हैं। दो करोड़ से ज्यादा का बजट खर्च करने केबावजूद सड़कें हर साल उखड़ जाती हैं। यहां अभी आबादी नाम मात्र की है इसलिए शिकायत करने वाला कोई नहीं है।
बीडीए ने अपनी अवस्थापना निधि से परसाखेड़ा की लोहिया विहार कालोनी में 2004 में 1.56 करोड़ की लागत से मिट्टी के भराव से लेकर बीएम और डब्ल्यूबीएम का काम कराया था। ये सड़कें हाट मिक्स से बनाई गई थी मगर दो साल भी नहीं चलीं। बीडीए को 2008 और 2011 में इन सड़कों की फिर मरम्मत करानी पड़ी। अब हाल ही में इसी कालोनी में छह सड़कों के निर्माण पर 48.37 लाख रुपये खर्च कर अवस्थापना निधि के बजट का दुरुपयोग किया गया। इसमें ठेकेदार को 37.69 लाख रुपये का भुगतान भी हो चुका है जबकि हाटमिक्स से बनी ये सड़कें किनारे से उखड़कर खुरदरी हो चुकी हैं। सड़कों की ऊपरी सतह बरसात से पहले ही खराब हुई तो ठेकेदार ने मिक्स होल लगाकर शील कोड बिछाकर मजबूती और नयापन दिखाने की कोशिश की। नियमानुसार हॉटमिक्स सड़कें ज्यादा ट्रैफिक वाले रूट पर बनाई जाती हैं लेकिन बीडीए ने ऐसी कालोनी में हॉटमिक्स सड़कें बनाई जिस पर ट्रैफिक नाम मात्र का है।
10 साल से डटे हैं इंजीनियर
बीडीए ने लोहिया विहार कालोनी योजना जब शुरू की थी, तो जूनियर इंजीनियर रमन कुमार की देखरेख में सड़कों का निर्माण कराया गया। 10 साल बाद अब रमन कुमार एई बन गए और लगातार ऐसी सड़कें बनवाते रहे जिनकी गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं थी।
विज्ञापन
बीडीए में हड़कंप मगर अफसरों की ओकेरिपोर्ट
अमर उजाला में 26 जून को लोहिया विहार की सड़कों के उखड़ने का समाचार प्रकाशित होने के बाद बीडीए में हड़कंप मच गया। चीफ इंजीनियर ने एक्सईएन समेत एई और जेई को लोहिया विहार कालोनी में सड़कों की जांच करने भेजा। जिन इंजीनियरों ने अपनी देखरेख में घटिया गुणवत्ता की सड़कें बनवाईं थीं, उन्होंने ही मौके से जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट में बताया कि सड़कें बिल्कुल ठीक बनी हैं। कहीं कोई कमी नहीं है। इसके बाद बीडीए अफसर भी लीपापोती करने में जुट गए।
कोट
लोहिया विहार कालोनी में बनी सड़कों की जांच कराई गई है। इनमें कुछ सड़कें पीडब्ल्यूडी ने भी बनवाई हैं। टीम ने जो रिपोर्ट दी है, उसमें सड़कें ठीक दर्शाई गई हैं।
- अजय सिंह, चीफ इंजीनियर बीडी
विज्ञापन
बीडीए ने अपनी अवस्थापना निधि से परसाखेड़ा की लोहिया विहार कालोनी में 2004 में 1.56 करोड़ की लागत से मिट्टी के भराव से लेकर बीएम और डब्ल्यूबीएम का काम कराया था। ये सड़कें हाट मिक्स से बनाई गई थी मगर दो साल भी नहीं चलीं। बीडीए को 2008 और 2011 में इन सड़कों की फिर मरम्मत करानी पड़ी। अब हाल ही में इसी कालोनी में छह सड़कों के निर्माण पर 48.37 लाख रुपये खर्च कर अवस्थापना निधि के बजट का दुरुपयोग किया गया। इसमें ठेकेदार को 37.69 लाख रुपये का भुगतान भी हो चुका है जबकि हाटमिक्स से बनी ये सड़कें किनारे से उखड़कर खुरदरी हो चुकी हैं। सड़कों की ऊपरी सतह बरसात से पहले ही खराब हुई तो ठेकेदार ने मिक्स होल लगाकर शील कोड बिछाकर मजबूती और नयापन दिखाने की कोशिश की। नियमानुसार हॉटमिक्स सड़कें ज्यादा ट्रैफिक वाले रूट पर बनाई जाती हैं लेकिन बीडीए ने ऐसी कालोनी में हॉटमिक्स सड़कें बनाई जिस पर ट्रैफिक नाम मात्र का है।
विज्ञापन
10 साल से डटे हैं इंजीनियर
बीडीए ने लोहिया विहार कालोनी योजना जब शुरू की थी, तो जूनियर इंजीनियर रमन कुमार की देखरेख में सड़कों का निर्माण कराया गया। 10 साल बाद अब रमन कुमार एई बन गए और लगातार ऐसी सड़कें बनवाते रहे जिनकी गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं थी।
विज्ञापन
बीडीए में हड़कंप मगर अफसरों की ओकेरिपोर्ट
अमर उजाला में 26 जून को लोहिया विहार की सड़कों के उखड़ने का समाचार प्रकाशित होने के बाद बीडीए में हड़कंप मच गया। चीफ इंजीनियर ने एक्सईएन समेत एई और जेई को लोहिया विहार कालोनी में सड़कों की जांच करने भेजा। जिन इंजीनियरों ने अपनी देखरेख में घटिया गुणवत्ता की सड़कें बनवाईं थीं, उन्होंने ही मौके से जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट में बताया कि सड़कें बिल्कुल ठीक बनी हैं। कहीं कोई कमी नहीं है। इसके बाद बीडीए अफसर भी लीपापोती करने में जुट गए।
कोट
लोहिया विहार कालोनी में बनी सड़कों की जांच कराई गई है। इनमें कुछ सड़कें पीडब्ल्यूडी ने भी बनवाई हैं। टीम ने जो रिपोर्ट दी है, उसमें सड़कें ठीक दर्शाई गई हैं।
- अजय सिंह, चीफ इंजीनियर बीडी