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रद्दी के ढेर में मिला करोड़ों की संपत्ति का रिकॉर्ड
Bareilly
Updated Wed, 12 Mar 2014 05:33 AM IST
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बरेली। नगर निगम को पूरे 30 साल बाद होश आया कि अंग्रेजों के जमाने में रेलवे जंक्शन के पास बनी सराय कोठरी उसकी मिल्कियत है और उसमें रहने वाले 54 किरायेदारों से किराये की वसूली नहीं हो रही है। करोड़ों की इस संपत्ति के कागज रद्दी के ढेर में दबे हुए थे। अब यह रिकॉर्ड हाथ आने के बाद नगर निगम ने किरायेदारों को रिकवरी नोटिस जारी किए हैं।
रेलवे जंक्शन पुलिस चौकी के पीछे बनी सराय कोठरी में ब्रिटिश शासन के दौरान बाहर से आने-जाने वाले लोग ठहरा करते थे। अंग्रेजों ने इसे इसी मकसद से बनवाया था। आजादी के वक्त सराय कोठरी के कमरों में तमाम लोग काबिज थे। आजादी के बाद बरेली की नगर पालिका ने सराय कोठरी को अपने कब्जे में ले लिया लेकिन यहां काबिज लोगों को निकालने के बजाय किरायेदार मानते हुए रहने दिया। तय किया गया था कि किराये में हर पांच साल बाद साढ़े 12 फीसदी की वृद्धि होगी। इस वृद्धि के लिहाज से मौजूदा समय में इस कोठरी में रहने वालों का मासिक किराया 116 रुपये बनता है।
30 सालों से नगर निगम को अपनी इस मिल्कियत को होश नहीं था। इसी वित्तीय वर्ष में किराये पर उठी संपत्तियों को चिन्हित करने के लिए नगर निगम ने सर्वे कराया तो रद्दी के ढेर में दबे रिकॉर्ड खंगाले गए। इसी में सराय कोठरी का भी रिकॉर्ड निकला। पता चला कि सराय कोठरी पर काबिज किरायेदारों से तो 30 सालों से किराये की वसूली नहीं की गई है। क्षेत्रीय कर निरीक्षक राम सिंह जाटव ने इसकी रिपोर्ट नगर निगम प्रशासन को दी जिसके बाद कोठरियों पर काबिज किरायेदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। सभी 54 किरायेदारों पर कुल मिलाकर 9.46 लाख का किराया बकाया निकला है।
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40 दुकानें सील करने के आदेश पर बखेड़ा
बाबू ने दबाई फाइल, कर निरीक्षक ने की शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। नगर आयुक्त के किराया न देने पर 40 दुकानों को सील करने का आदेश देने के बाद इसकी फाइल नगर निगम के टैक्स विभाग में दबा दी गई। इसके बाद भी कर निरीक्षक की शिकायत को नगर निगम प्रशासन ने अनसुना कर दिया। इसके बाद कर निरीक्षक ने मेयर से शिकायत कर एक बाबू पर फाइल को दबा देने का आरोप लगाया है। मेयर ने नगर आयुक्त को कार्रवाई के लिए कहा है।
मामला कुतुबखाना क्षेत्र में नगर निगम की 40 दुकानों का है। इन पर काबिज किरायेदारों पर 16.2 लाख किराया बकाया है। किराया अदा न होने पर क्षेत्रीय कर निरीक्षक राम सिंह जाटव ने इन दुकानों को सील करने की संस्तुति की थी। राम सिंह के मुताबिक नगर आयुक्त ने चार मार्च को सभी दुकानों को सील करने का आदेश जारी कर दिया लेकिन फाइल उनके पास लौटकर ही नहीं आई। सोमवार को वह कर विभाग के संबंधित बाबू के पास पहुंचे तो उसने फाइल देने से साफ इनकार कर दिया। बकौल राम सिंह, उन्होंने इसकी शिकायत अपर नगर आयुक्त से की तो उन्होंने भी अनसुनी कर दी। मंगलवार को राम सिंह ने मेयर डॉ. आईएस तोमर से इस मामले में लिखित शिकायत की। बताया कि रिकवरी बाधित करने के लिए यह कार्रवाई रोकी जा रही है।
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रेलवे जंक्शन पुलिस चौकी के पीछे बनी सराय कोठरी में ब्रिटिश शासन के दौरान बाहर से आने-जाने वाले लोग ठहरा करते थे। अंग्रेजों ने इसे इसी मकसद से बनवाया था। आजादी के वक्त सराय कोठरी के कमरों में तमाम लोग काबिज थे। आजादी के बाद बरेली की नगर पालिका ने सराय कोठरी को अपने कब्जे में ले लिया लेकिन यहां काबिज लोगों को निकालने के बजाय किरायेदार मानते हुए रहने दिया। तय किया गया था कि किराये में हर पांच साल बाद साढ़े 12 फीसदी की वृद्धि होगी। इस वृद्धि के लिहाज से मौजूदा समय में इस कोठरी में रहने वालों का मासिक किराया 116 रुपये बनता है।
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30 सालों से नगर निगम को अपनी इस मिल्कियत को होश नहीं था। इसी वित्तीय वर्ष में किराये पर उठी संपत्तियों को चिन्हित करने के लिए नगर निगम ने सर्वे कराया तो रद्दी के ढेर में दबे रिकॉर्ड खंगाले गए। इसी में सराय कोठरी का भी रिकॉर्ड निकला। पता चला कि सराय कोठरी पर काबिज किरायेदारों से तो 30 सालों से किराये की वसूली नहीं की गई है। क्षेत्रीय कर निरीक्षक राम सिंह जाटव ने इसकी रिपोर्ट नगर निगम प्रशासन को दी जिसके बाद कोठरियों पर काबिज किरायेदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। सभी 54 किरायेदारों पर कुल मिलाकर 9.46 लाख का किराया बकाया निकला है।
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40 दुकानें सील करने के आदेश पर बखेड़ा
बाबू ने दबाई फाइल, कर निरीक्षक ने की शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। नगर आयुक्त के किराया न देने पर 40 दुकानों को सील करने का आदेश देने के बाद इसकी फाइल नगर निगम के टैक्स विभाग में दबा दी गई। इसके बाद भी कर निरीक्षक की शिकायत को नगर निगम प्रशासन ने अनसुना कर दिया। इसके बाद कर निरीक्षक ने मेयर से शिकायत कर एक बाबू पर फाइल को दबा देने का आरोप लगाया है। मेयर ने नगर आयुक्त को कार्रवाई के लिए कहा है।
मामला कुतुबखाना क्षेत्र में नगर निगम की 40 दुकानों का है। इन पर काबिज किरायेदारों पर 16.2 लाख किराया बकाया है। किराया अदा न होने पर क्षेत्रीय कर निरीक्षक राम सिंह जाटव ने इन दुकानों को सील करने की संस्तुति की थी। राम सिंह के मुताबिक नगर आयुक्त ने चार मार्च को सभी दुकानों को सील करने का आदेश जारी कर दिया लेकिन फाइल उनके पास लौटकर ही नहीं आई। सोमवार को वह कर विभाग के संबंधित बाबू के पास पहुंचे तो उसने फाइल देने से साफ इनकार कर दिया। बकौल राम सिंह, उन्होंने इसकी शिकायत अपर नगर आयुक्त से की तो उन्होंने भी अनसुनी कर दी। मंगलवार को राम सिंह ने मेयर डॉ. आईएस तोमर से इस मामले में लिखित शिकायत की। बताया कि रिकवरी बाधित करने के लिए यह कार्रवाई रोकी जा रही है।