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लेकिन जनरेटर नहीं चलाया गया।
Bareilly
Updated Thu, 25 Jul 2013 05:34 AM IST
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हंगामे के बाद भी नहीं चला जनरेटर
अन्ना के लिए एसी चलवाना चाहते थे समर्थक
अमर उजाला ब्यूृरो
बरेली। अन्ना जिस वक्त सर्किट हाउस पहुंचे, उस दौरान बिजली गुल थी। अन्ना समर्थकों ने सिटी मजिस्ट्रेट से जनरेटर चलवाने की मांग की, लेकिन उन्होंने इन्कार कर दिया। इस पर समर्थकों ने काफी देर हंगामा किया,
अन्ना का काफिला शाम करीब पौने चार बजे सर्किट हाउस पहुंचा। इस वक्त बिजली कटौती चल रही थी, इसलिए एसी बंद था। कमरे में इर्न्वटर से सिर्फ पंखा चला रहा था। प्रशासन ने अन्ना के लिए एनेक्सी में कक्ष नंबर चार आवंटित किया था। अन्ना कुछ देर आराम करना चाहते थे। अन्ना समर्थकों ने सिटी मजिस्ट़ेट आरपी सिंह से फोन पर बात कर जनरेटर चलवाने को कहा। सिटी मजिस्ट़ेट ने इन्कार कर दिया। इस पर अन्ना समर्थक बिफर गए और हंगामा करने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि अफसर जानबूझकर अन्ना को महत्व नहीं दे रहे हैं।
...तो रद्द कर देंगे आरक्षण
आयोजकों ने सर्किट हाउस में पूर्व जनरल वीके सिंह के नाम आरक्षण कराया था। प्रशासन ने उनके आवेदन पर जनरल के नाम दो कमरे आरक्षित किए थे। जनरेटर के मुद्दे पर जब फोन पर ज्यादा कहासुनी हुई तो सिटी मजिस्ट़ेट ने आरक्षण रद्द करने चेतावनी दे दी क्योंकि अन्ना हजारे के नाम कोई कक्ष आरक्षित ही नहीं था।
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अन्ना के लिए एसी चलवाना चाहते थे समर्थक
अमर उजाला ब्यूृरो
बरेली। अन्ना जिस वक्त सर्किट हाउस पहुंचे, उस दौरान बिजली गुल थी। अन्ना समर्थकों ने सिटी मजिस्ट्रेट से जनरेटर चलवाने की मांग की, लेकिन उन्होंने इन्कार कर दिया। इस पर समर्थकों ने काफी देर हंगामा किया,
अन्ना का काफिला शाम करीब पौने चार बजे सर्किट हाउस पहुंचा। इस वक्त बिजली कटौती चल रही थी, इसलिए एसी बंद था। कमरे में इर्न्वटर से सिर्फ पंखा चला रहा था। प्रशासन ने अन्ना के लिए एनेक्सी में कक्ष नंबर चार आवंटित किया था। अन्ना कुछ देर आराम करना चाहते थे। अन्ना समर्थकों ने सिटी मजिस्ट़ेट आरपी सिंह से फोन पर बात कर जनरेटर चलवाने को कहा। सिटी मजिस्ट़ेट ने इन्कार कर दिया। इस पर अन्ना समर्थक बिफर गए और हंगामा करने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि अफसर जानबूझकर अन्ना को महत्व नहीं दे रहे हैं।
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...तो रद्द कर देंगे आरक्षण
आयोजकों ने सर्किट हाउस में पूर्व जनरल वीके सिंह के नाम आरक्षण कराया था। प्रशासन ने उनके आवेदन पर जनरल के नाम दो कमरे आरक्षित किए थे। जनरेटर के मुद्दे पर जब फोन पर ज्यादा कहासुनी हुई तो सिटी मजिस्ट़ेट ने आरक्षण रद्द करने चेतावनी दे दी क्योंकि अन्ना हजारे के नाम कोई कक्ष आरक्षित ही नहीं था।
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