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डांट पड़ी तो लेखपाल ने लौटाई रिश्वत
Bareilly
Updated Thu, 14 Mar 2013 05:32 AM IST
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बरेली। भोजीपुरा के गांव जादोपुरा में रहने वाले माजिद अली ने आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए सदर तहसील में आवेदन किया था। स्थलीय निरीक्षण कर वेरीफिकेशन रिपोर्ट के लिए लेखपाल ओम प्रकाश शर्मा गांव पहुंचे। लेखपाल ने माजिद से संपर्क साधा और कहा कि दो हजार रुपये दो तो सालाना आय 36 हजार रुपये से कम की रिपोर्ट दूंगा वर्ना सर्र्टिफिकेट में सालाना आमदनी बढ़ा दूंगा। डरे-सहमे युवक ने परिचितों से उधार लेकर लेखपाल को मुंहमांगी रकम दी। लेकिन लेखपाल ने कागज युवक को ही थमा कर तहसील से संपर्क कर सर्टिफिकेट लेने को कहा। खुद दौड़भाग कर उसने सर्टिफिकेट तो पाया लेकिन बिना वजह ली गई घूस लौटाने के लिए बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में अर्जी दी।
ब्योरा सुनकर सिटी मजिस्ट्रेट आरपी सिंह भौचक्के रह गए। तत्काल आरोपी लेखपाल से संपर्क साधा। उसे विभाग को बदनाम करने के लिए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी और तुरंत सदर तहसीलदार गिरीश कुमार झा के समक्ष पेश होने को कहा। तहसीलदार के सामने लेखपाल ने युवक पर शिकायत वापस लेने को दबाव बनाने की कोशिश की। इस पर तहसीलदार ने लेखपाल की जमकर क्लास ली और तुरंत घूस की राशि लौटाने को कहा। मौके की नजाकत भांप लेखपाल ने पर्स से दो हजार रुपये निकाले और माजिद को दे दिये। साथ ही हाथ जोड़कर माफी मांगी ताकि मुअत्तल ना हो। बाद में युवक ने सिटी मजिस्ट्रेट से मुलाकात कर उन्हें शुक्रिया अदा किया। बताया कि गांव में टेलरिंग का काम करता है लेकिन धंधा काफी मंदा चलता है। ऐसे में सरकारी योजना के तहत सहायता राशि लेकर कुछ नया धंधा करने के लिये आय प्रमाण पत्र बनाने को आवेदन दिया था। तहसील में तो सिर्फ 20 रुपये ही लगे थे और यहां कोई दिक्कत नहीं हुई लेकिन लेखपाल ने बिना काम के ही पैसे ऐंठ लिये थे।
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ब्योरा सुनकर सिटी मजिस्ट्रेट आरपी सिंह भौचक्के रह गए। तत्काल आरोपी लेखपाल से संपर्क साधा। उसे विभाग को बदनाम करने के लिए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी और तुरंत सदर तहसीलदार गिरीश कुमार झा के समक्ष पेश होने को कहा। तहसीलदार के सामने लेखपाल ने युवक पर शिकायत वापस लेने को दबाव बनाने की कोशिश की। इस पर तहसीलदार ने लेखपाल की जमकर क्लास ली और तुरंत घूस की राशि लौटाने को कहा। मौके की नजाकत भांप लेखपाल ने पर्स से दो हजार रुपये निकाले और माजिद को दे दिये। साथ ही हाथ जोड़कर माफी मांगी ताकि मुअत्तल ना हो। बाद में युवक ने सिटी मजिस्ट्रेट से मुलाकात कर उन्हें शुक्रिया अदा किया। बताया कि गांव में टेलरिंग का काम करता है लेकिन धंधा काफी मंदा चलता है। ऐसे में सरकारी योजना के तहत सहायता राशि लेकर कुछ नया धंधा करने के लिये आय प्रमाण पत्र बनाने को आवेदन दिया था। तहसील में तो सिर्फ 20 रुपये ही लगे थे और यहां कोई दिक्कत नहीं हुई लेकिन लेखपाल ने बिना काम के ही पैसे ऐंठ लिये थे।
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