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कलेक्ट्रेट में महिला ने खुद को आग लगाई
Bareilly
Updated Thu, 31 Jan 2013 05:30 AM IST
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बरेली। जिस महिला ने मंगलवार को प्रेमनगर पुलिस पर अपने बेटे को वाहन लूट के फर्जी मामले में फंसाने का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट पर आत्मदाह की धमकी दी थी, बुधवार को उसने उस पर अमल कर डाला। दोपहर करीब डेढ़ बजे उसने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपने ऊपर मिट्टी के तेल से भरी केन लौटी और आग लगा ली। कलेक्ट्रेट में इस घटना से हड़कंप मच गया। पुलिस के साथ महिला को बचाने की कोशिश करते हुए उसका पति भी झुलस गया। महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने उसकी हालत खतरे से बाहर बताई है। पुलिस ने उसके खिलाफ आत्महत्या की कोशिश के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।
शाही के मोहल्ला नेहरू नगर में रहने वाले इलेक्ट्रीशियन धर्मवीर राठौर के बेटे अतुल को प्रेमनगर पुलिस ने वाहन लूट के मामले में उठाया था। धर्मवीर की पत्नी सरोज ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि प्रेमनगर पुलिस ने उनके बेटे को फर्जी मामले में फंसाया है। आधी रात को पुलिस जबरदस्ती छत के रास्ते उनके घर में घुसकर उसे उठा ले गई थी। बेटे की रिहाई की मांग करते हुए सरोज ने पुलिस अधिकारियों को कलेक्ट्रेट में आत्मदाह कर लेने की धमकी दी थी।
बुधवार सुबह धर्मवीर राठौर वकीलों से कानूनी राय लेने बरेली में कचहरी चले आए। इसके बाद सरोज भी छोटे बेटे कुनाल को साथ लेकर बरेली पहुंची। कुनाल को यहां कटरा चांद खां में अपने भाई के घर छोड़ दिया। सरोज की बेटी कोमल यहीं रहकर पढ़ाई कर रही है। बेटे को भाई के घर छोड़कर सरोज मिट्टी के तेल से भरी पांच लीटर की केन लेकर कलेक्ट्रेट रवाना हो गईं। मां के मिट्टी का तेल साथ ले जाने से आशंकित कोमल भी कुछ देर बाद कलेक्ट्रेट पहुंच गई। लेकिन सरोज इससे पहले ही कलेक्ट्रेट गेट के पास अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा चुकी थी।
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महिला को आग की लपटों से घिरा देखकर कलेक्ट्रेट में हड़कंप मच गया। कलेक्ट्रेट में तैनात एसआई कृृपाल सिंह और अरविंद गोस्वामी ने पास की दुकान से एक बोरी खींचकर सरोज के ऊपर डाली। इसी बीच धर्मवीर भी कचहरी से कलेक्ट्रेट पहुंच गए। सरोज के कपड़ों में लगी आग बुझाने की कोशिश में उनके भी हाथ झुलस गए। इसके बाद आनन फानन में सरोज को एक टेंपो में लादकर जिला अस्पताल ले जाया गया। सीओ सिटी राजकुमार अग्रवाल और इंस्पेक्टर कोतवाली शक्ति सिंह ने अस्पताल जाकर उससे पूछताछ भी की।
अतुल राठौर को पीलीभीत के सुनगढ़ी थाने की पुलिस पहले भी गाड़ी चोरी के आरोप में पकड़ चुकी है। सरोज राठौर ने पुलिस पर दबाव बनाने को आत्महत्या की कोशिश की है। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सरोज को ऐसा करने के लिए प्रेरित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। -राजकुमार अग्रवाल, सीओ प्रथम
उठाया कहीं और दिखाया कहीं और
बरेली। कभी-कभी आपराधिक मामले का गुडवर्क करने में पुलिस का तरीका गले की फांस बन जाता है। शाही के अतुल राठौर को पुलिस ने उसके घर से उठाया और डेलापीर के पास अपनी कहानी के अनुसार गिरफ्तार दिखाया। सोमवार को पुलिस की कार्रवाई के दौरान ही पिता ने फोन करके इसकी जानकारी दी थी। खुद थाने के साथ उच्चाधिकारियों का चक्कर भी लगाया मगर बेटे का कुछ पता नहीं चल सका।
धर्मवीर राठौर ने बताया कि सोमवार की रात करीब साढ़े ग्यारह बजे कुछ लोग उनके घर पहुंचे। पहले तो पता ही नहीं चला कि वे बदमाश है या फिर पुलिस वाले। किसी अनहोनी की आशंका से ग्रसित धर्मवीर ने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद छत के रास्ते से जबरन जब वे लोग अंदर घुसे तो उनमें से एक-दो ने खाकी वर्दी पहन रखी थी। बताया कि वे पुलिस वाले हैं मगर किस थाने से आए है यह जानकारी नहीं दी। धर्मवीर के मुताबिक पत्नी के पूछने पर पुलिस ने काफी अभद्रता भी की। इसके बाद वे अतुल को अपने साथ ले गए। कड़ाके की ठंड में बेटे को कपड़ा पहनने का मौका भी पुलिस ने नहीं दिया। रात में ही धर्मवीर ने थाने जाकर पता लगाया तो वहां की पुलिस ने ऐसी जानकारी से इनकार कर दिया। मंगलवार की सुबह से दंपति ने अधिकारियों का चक्कर लगाना शुरू कर दिया।
धर्मवीर ने बताया कि बुधवार को अखबार में प्रकाशित खबर से उसे बेटे के हश्र का पता चला। हालांकि बेटे की पहले की सोहबत को पिता ने गलत माना मगर उसके साथ सख्ती रखने की बात भी कही। बुधवार कानूनी राय लेने के लिए कचहरी आ गया। तभी सूचना मिली कि घर से पत्नी केरोसिन का केन लेकर अपने बेटे के साथ निकली है। इससे परेशान पति ने पत्नी की मंशा भांपकर कचहरी में ही उसे खोजना शुरू कर दिया। पत्नी मिली मगर जलती हुई हालत में और बचाने में धर्मवीर का हाथ भी झुलस गया था। पति को इस बात का अंदाजा ही नहीं था पत्नी उसे बिना बताए ऐसा कदम उठा सकती है।
तीसरी तीली ने मचाया कोहराम
पुलिस के पास कोई सुनवाई नहीं हुई तो राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, मानवाधिकार आयोग से लेकर पुलिस के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर सरोज ने बेटे को वापस दिलाने की मांग की। पत्र में सरोज ने पूरे परिवार के संग आत्मदाह करने की चेतावनी भी दी थी। इसके बाद भी पुलिस हरकत में नहीं आई।
सरोज ने जब खुद पर केरोसिन डाला तो एक बारगी आसपास के लोगों ने समझा की पानी गिरा है। जब उसने माचिस की तीली जलाना शुरू की तो कुछ आशंका हुई मगर तब तक दो तीली खराब होने के बाद तीसरी तीली से सरोज ने खुद को आग लगा ली थी। लपटें उठते ही मौके पर कोहराम मच गया।
अनशन पर बैठ गया पति
बरेली। सरोज राठौर का पति धर्मवीर बुधवार की देर शाम जिला अस्पताल में अनशन पर बैठ गया। धर्मवीर ने बताया कि जब तक पुलिस उनके बेटे को नहीं छोड़ेगी तब तक वह भूख हड़ताल पर ही रहेगा। चाहे ऐसा करने में उनका दम ही क्यों न निकल जाए। धर्मवीर ने कहा कि वैसे भी उसने सुबह से बेटे की चिंता में कुछ नहीं खाया है और उसे इन्साफ दिलाकर ही रहेगा। इसकी जानकारी मिलने पर एसपी सिटी शिवसागर सिंह जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने धर्मवीर और सरोज से बात करके मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि जो भी होगा वह कानून के दायरे में रहकर होगा।
शाही की पुलिस को जानकारी नहीं थी दबिश की
मीरगंज/शाही। नेहरु नगर मोहल्ले में धर्मवीर के घर प्रेम नगर पुलिस की दबिश की जानकारी शाही पुलिस को नहीं थी। एसओ रुकुमपाल सिंह के मुताबिक नियमानुसार बाहरी पुलिस को दबिश देने से पहले उन्हें जानकारी देनी चाहिए थी। यही कारण था कि धर्मवीर के थाने जाने पर एसओ ने ऐसी किसी कार्रवाई से इनकार कर दिया।
अतुल की चाचियों विमला पत्नी बलवीर व ज्ञानवती पत्नी रघुवीर ने बताया कि जब खाकी वर्दी धारी लोग घर में घुसे तो वे गहरी नींद में थीं। इसलिए नहीं बता सकतीं कि पुलिस वाले किधर से घुसे थे? रिटायर्ड पोस्टमैन पड़ोसी मक्खनलाल का कहना है कि पुलिस रात बारह बजे के आसपास घर में घुसी थी। शोरशराबा सुनकर वे भी वहां पहुंच गए। पड़ोसियों धर्मपाल, हरीश कुमार मौर्य, पुरुषोत्तम, मेघनाथ, बाबूराम, राजेश कुमार ने बताया कि घने कोहरे की वजह से देख नहीं पाए धर्मवीर के घर आने वाले कौन थे। पंद्रह मिनट तक उत्पात हुआ मगर वे तो शोरशराबे पर पहुंचे थे।
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शाही के मोहल्ला नेहरू नगर में रहने वाले इलेक्ट्रीशियन धर्मवीर राठौर के बेटे अतुल को प्रेमनगर पुलिस ने वाहन लूट के मामले में उठाया था। धर्मवीर की पत्नी सरोज ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि प्रेमनगर पुलिस ने उनके बेटे को फर्जी मामले में फंसाया है। आधी रात को पुलिस जबरदस्ती छत के रास्ते उनके घर में घुसकर उसे उठा ले गई थी। बेटे की रिहाई की मांग करते हुए सरोज ने पुलिस अधिकारियों को कलेक्ट्रेट में आत्मदाह कर लेने की धमकी दी थी।
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बुधवार सुबह धर्मवीर राठौर वकीलों से कानूनी राय लेने बरेली में कचहरी चले आए। इसके बाद सरोज भी छोटे बेटे कुनाल को साथ लेकर बरेली पहुंची। कुनाल को यहां कटरा चांद खां में अपने भाई के घर छोड़ दिया। सरोज की बेटी कोमल यहीं रहकर पढ़ाई कर रही है। बेटे को भाई के घर छोड़कर सरोज मिट्टी के तेल से भरी पांच लीटर की केन लेकर कलेक्ट्रेट रवाना हो गईं। मां के मिट्टी का तेल साथ ले जाने से आशंकित कोमल भी कुछ देर बाद कलेक्ट्रेट पहुंच गई। लेकिन सरोज इससे पहले ही कलेक्ट्रेट गेट के पास अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा चुकी थी।
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महिला को आग की लपटों से घिरा देखकर कलेक्ट्रेट में हड़कंप मच गया। कलेक्ट्रेट में तैनात एसआई कृृपाल सिंह और अरविंद गोस्वामी ने पास की दुकान से एक बोरी खींचकर सरोज के ऊपर डाली। इसी बीच धर्मवीर भी कचहरी से कलेक्ट्रेट पहुंच गए। सरोज के कपड़ों में लगी आग बुझाने की कोशिश में उनके भी हाथ झुलस गए। इसके बाद आनन फानन में सरोज को एक टेंपो में लादकर जिला अस्पताल ले जाया गया। सीओ सिटी राजकुमार अग्रवाल और इंस्पेक्टर कोतवाली शक्ति सिंह ने अस्पताल जाकर उससे पूछताछ भी की।
अतुल राठौर को पीलीभीत के सुनगढ़ी थाने की पुलिस पहले भी गाड़ी चोरी के आरोप में पकड़ चुकी है। सरोज राठौर ने पुलिस पर दबाव बनाने को आत्महत्या की कोशिश की है। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सरोज को ऐसा करने के लिए प्रेरित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। -राजकुमार अग्रवाल, सीओ प्रथम
उठाया कहीं और दिखाया कहीं और
बरेली। कभी-कभी आपराधिक मामले का गुडवर्क करने में पुलिस का तरीका गले की फांस बन जाता है। शाही के अतुल राठौर को पुलिस ने उसके घर से उठाया और डेलापीर के पास अपनी कहानी के अनुसार गिरफ्तार दिखाया। सोमवार को पुलिस की कार्रवाई के दौरान ही पिता ने फोन करके इसकी जानकारी दी थी। खुद थाने के साथ उच्चाधिकारियों का चक्कर भी लगाया मगर बेटे का कुछ पता नहीं चल सका।
धर्मवीर राठौर ने बताया कि सोमवार की रात करीब साढ़े ग्यारह बजे कुछ लोग उनके घर पहुंचे। पहले तो पता ही नहीं चला कि वे बदमाश है या फिर पुलिस वाले। किसी अनहोनी की आशंका से ग्रसित धर्मवीर ने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद छत के रास्ते से जबरन जब वे लोग अंदर घुसे तो उनमें से एक-दो ने खाकी वर्दी पहन रखी थी। बताया कि वे पुलिस वाले हैं मगर किस थाने से आए है यह जानकारी नहीं दी। धर्मवीर के मुताबिक पत्नी के पूछने पर पुलिस ने काफी अभद्रता भी की। इसके बाद वे अतुल को अपने साथ ले गए। कड़ाके की ठंड में बेटे को कपड़ा पहनने का मौका भी पुलिस ने नहीं दिया। रात में ही धर्मवीर ने थाने जाकर पता लगाया तो वहां की पुलिस ने ऐसी जानकारी से इनकार कर दिया। मंगलवार की सुबह से दंपति ने अधिकारियों का चक्कर लगाना शुरू कर दिया।
धर्मवीर ने बताया कि बुधवार को अखबार में प्रकाशित खबर से उसे बेटे के हश्र का पता चला। हालांकि बेटे की पहले की सोहबत को पिता ने गलत माना मगर उसके साथ सख्ती रखने की बात भी कही। बुधवार कानूनी राय लेने के लिए कचहरी आ गया। तभी सूचना मिली कि घर से पत्नी केरोसिन का केन लेकर अपने बेटे के साथ निकली है। इससे परेशान पति ने पत्नी की मंशा भांपकर कचहरी में ही उसे खोजना शुरू कर दिया। पत्नी मिली मगर जलती हुई हालत में और बचाने में धर्मवीर का हाथ भी झुलस गया था। पति को इस बात का अंदाजा ही नहीं था पत्नी उसे बिना बताए ऐसा कदम उठा सकती है।
तीसरी तीली ने मचाया कोहराम
पुलिस के पास कोई सुनवाई नहीं हुई तो राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, मानवाधिकार आयोग से लेकर पुलिस के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर सरोज ने बेटे को वापस दिलाने की मांग की। पत्र में सरोज ने पूरे परिवार के संग आत्मदाह करने की चेतावनी भी दी थी। इसके बाद भी पुलिस हरकत में नहीं आई।
सरोज ने जब खुद पर केरोसिन डाला तो एक बारगी आसपास के लोगों ने समझा की पानी गिरा है। जब उसने माचिस की तीली जलाना शुरू की तो कुछ आशंका हुई मगर तब तक दो तीली खराब होने के बाद तीसरी तीली से सरोज ने खुद को आग लगा ली थी। लपटें उठते ही मौके पर कोहराम मच गया।
अनशन पर बैठ गया पति
बरेली। सरोज राठौर का पति धर्मवीर बुधवार की देर शाम जिला अस्पताल में अनशन पर बैठ गया। धर्मवीर ने बताया कि जब तक पुलिस उनके बेटे को नहीं छोड़ेगी तब तक वह भूख हड़ताल पर ही रहेगा। चाहे ऐसा करने में उनका दम ही क्यों न निकल जाए। धर्मवीर ने कहा कि वैसे भी उसने सुबह से बेटे की चिंता में कुछ नहीं खाया है और उसे इन्साफ दिलाकर ही रहेगा। इसकी जानकारी मिलने पर एसपी सिटी शिवसागर सिंह जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने धर्मवीर और सरोज से बात करके मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि जो भी होगा वह कानून के दायरे में रहकर होगा।
शाही की पुलिस को जानकारी नहीं थी दबिश की
मीरगंज/शाही। नेहरु नगर मोहल्ले में धर्मवीर के घर प्रेम नगर पुलिस की दबिश की जानकारी शाही पुलिस को नहीं थी। एसओ रुकुमपाल सिंह के मुताबिक नियमानुसार बाहरी पुलिस को दबिश देने से पहले उन्हें जानकारी देनी चाहिए थी। यही कारण था कि धर्मवीर के थाने जाने पर एसओ ने ऐसी किसी कार्रवाई से इनकार कर दिया।
अतुल की चाचियों विमला पत्नी बलवीर व ज्ञानवती पत्नी रघुवीर ने बताया कि जब खाकी वर्दी धारी लोग घर में घुसे तो वे गहरी नींद में थीं। इसलिए नहीं बता सकतीं कि पुलिस वाले किधर से घुसे थे? रिटायर्ड पोस्टमैन पड़ोसी मक्खनलाल का कहना है कि पुलिस रात बारह बजे के आसपास घर में घुसी थी। शोरशराबा सुनकर वे भी वहां पहुंच गए। पड़ोसियों धर्मपाल, हरीश कुमार मौर्य, पुरुषोत्तम, मेघनाथ, बाबूराम, राजेश कुमार ने बताया कि घने कोहरे की वजह से देख नहीं पाए धर्मवीर के घर आने वाले कौन थे। पंद्रह मिनट तक उत्पात हुआ मगर वे तो शोरशराबे पर पहुंचे थे।