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लेखपाल नहीं आए तो पैमाइश भी नहीं हुई
Bareilly
Updated Sat, 22 Nov 2014 05:30 AM IST
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बरेली। किला नदी पर आठ बीघा जमीन के विवाद का मामला सुलझ नहीं पाया है। नगर निगम की टीम विवादित जमीन की पैमाइश करने पहुंची लेकिन लेखपाल के न आने से जमीन के राजस्व आंकड़ों का मिलान नहीं हो पाया। पैमाइश का काम अधूरा रह गया।
किला नदी पर सैदपुर हॉकिंस में ग्राम समाज की आठ बीघा जमीन पर विवाद है। ये जमीन सन 1974 से पहले धोबी समाज के लोगों को पट्टे पर दी गई थी। जब ये इलाका नगर निगम में शामिल हुआ तो वर्ष 2006 में लोगों के पट्टे खारिज कर जमीन दोबारा ग्राम समाज में मर्ज कर दी गई। इस पर पट्टाधारक कमिश्नर की कोर्ट चले गए। कमिश्नर ने ये मुकदमा एसडीएम सदर की अदालत भेज दिया। इसके बाद इस जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिशें शुरू हो गईं। पट्टा खारिज होने के बाद भी धोबी समाज के पट्टाधारकों का कब्जा बना हुआ है। जमीन का मुकदमा भी एसडीएम की कोर्ट में चल रहा है। पार्षद हरीशंकर और मनीषा सक्सेना के पति दीपक सक्सेना ने जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की थी। इस पर एक्सईएन गयूर अहमद के निर्देश पर नगर निगम के जेई आसिफ अली, मानचित्रकार हरीश भारती और सुपरवाइजर मनोज कुमार जमीन की पैमाइश करने किला विवादित जमीन देखने गए। लेखपाल विश्राम सिंह के न आने से जमीन के रिकार्ड का मिलान नहीं हो पाया और पैमाइश अधूरी रह गई
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किला नदी पर सैदपुर हॉकिंस में ग्राम समाज की आठ बीघा जमीन पर विवाद है। ये जमीन सन 1974 से पहले धोबी समाज के लोगों को पट्टे पर दी गई थी। जब ये इलाका नगर निगम में शामिल हुआ तो वर्ष 2006 में लोगों के पट्टे खारिज कर जमीन दोबारा ग्राम समाज में मर्ज कर दी गई। इस पर पट्टाधारक कमिश्नर की कोर्ट चले गए। कमिश्नर ने ये मुकदमा एसडीएम सदर की अदालत भेज दिया। इसके बाद इस जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिशें शुरू हो गईं। पट्टा खारिज होने के बाद भी धोबी समाज के पट्टाधारकों का कब्जा बना हुआ है। जमीन का मुकदमा भी एसडीएम की कोर्ट में चल रहा है। पार्षद हरीशंकर और मनीषा सक्सेना के पति दीपक सक्सेना ने जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की थी। इस पर एक्सईएन गयूर अहमद के निर्देश पर नगर निगम के जेई आसिफ अली, मानचित्रकार हरीश भारती और सुपरवाइजर मनोज कुमार जमीन की पैमाइश करने किला विवादित जमीन देखने गए। लेखपाल विश्राम सिंह के न आने से जमीन के रिकार्ड का मिलान नहीं हो पाया और पैमाइश अधूरी रह गई
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