{"_id":"5bf9af24bdec22419d12b701","slug":"91543089956-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लालफाटक ओवरब्रिज- पुल का काम ठप, अब बस दौड़ाओ या ट्रक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लालफाटक ओवरब्रिज- पुल का काम ठप, अब बस दौड़ाओ या ट्रक
विज्ञापन
बरेली। सेतु निगम ने लाल फाटक ओवरब्रिज पर काम क्या ठप किया, रोडवेज के अधिकारियों की इधर से फिर अपनी बसें दौड़ाने की आस जग गई। दो जिलों की जनता की परेशानी और परिवहन निगम को लगातार नुकसान का हवाला देते हुए लालफाटक रूट को वन-वे करके फिर बसों का आवागमन शुरू करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए लंबी लिखापढ़ी के बाद स्थलीय निरीक्षण हो चुका है, बस सेतु निगम की एनओसी मिलने का इंतजार है। फिलहाल पुल का कोई खास निर्माण कार्य न चलने से उसमें भी बाधा नजर नहीं आ रही।
बदायूं जाने वाली रोडवेज बसों को अब तक सिर्फ रात में ही लालफाटक होकर गुजारा जा रहा है। सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक रास्ता बंद रहता है। पिछले दिनों सेतु निगम के काम में बाधा और राहगीरों की मौत के चलते इस रास्ते को दिन में बसों एवं भारी वाहनों के लिए बंद किया गया था। इसके चलते बदायूं से लेकर बरेली तक के रोडवेज अधिकारी इस मार्ग को खुलवाने के लिए लिखापढ़ी कर रहे हैं। इसके पीछे जनता की समस्या और राजस्व घाटा बताते हुए डग्गामारी बढ़ने की बात कही जा रही है। उनके अनुरोध पर एसपी ट्रैफिक एससी गंगवार भी निरीक्षण करके एक तरफ से बसों के संचालन करने के पक्ष में हैं। उनकी ओर से ओके होने के बाद गेंद अब सेतु निगम के पाले में है। जल्द ही व्यवस्था लागू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
34 रुपये किराया, एक घंटे का सफर बढ़ा
अभी बदायूं दिशा से आने वाली रोडवेज बसें चौपुला होकर शहर में आती हैं। दिन के वक्त शहर से बदायूं जाने वाली बसें फरीदपुर, बुखारा मोड़ होकर बदायूं जाती हैं। इसके चलते बरेली से बदायूं का 59 रुपये का टिकट 93 रुपये का हो जाता है। वहीं 53 किमी का रास्ता 89 किमी. हो जाता है और सफर का एक घंटा भी बढ़ जाता है। इसके चलते यात्री डग्गामार वाहनों पर सफर करना ज्यादा बेहतर समझते हैं या फिर रामगंगा लाकर रोडवेज बस में बैठते हैं।
विज्ञापन
एक लाख का रोज नुकसान
लाल फाटक मार्ग बंद होने से बदायूं डिपो को रोज एक लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। हमारे सामने ही डग्गामार वाहन वाले यात्रियों को बैठा ले जाते हैं। कई मुसाफिर तो कम किराया और समय बचाने को रात आठ बजने का इंतजार करते हैं। इस समस्या से अफसरों को अवगत कराया है।- राजेश कुमार, एआरएम बदायूं डिपो
शहर से बुखारा मोड़ तक तीन किमी की दूरी के लिए जब बस 34 किमी बस घूमती है तो यात्री परेशान होते हैं। अक्सर हमारे स्टाफ को कसूरवार समझकर झगड़ा करते हैं। आरएम व एमडी तक को परेशानी बताई है। वन-वे भी काफी राहत मिल जाएगी।- चीनी प्रसाद, एआरएम बरेली डिपो
समस्याओं को देखते हुए रोड दिन में बसों के लिए बंद किया गया था। अब जनता को रोड बंद होने से ज्यादा तकलीफ है। रोडवेज अधिकारियों के भी कई पत्र आ चुके हैं। मैंने खुद जाकर रास्ता देखा, जिसे वन-वे चलाया जा सकता है। सेतु निगम से एनओसी मिले तो स्टाफ लगाकर रास्ता खुलवा देंगे। - एससी गंगवार, एसपी ट्रैफिक
एसपी ट्रैफिक का पत्र मिला है। इसमें जनता और रोडवेज की समस्या का जिक्र है। सोमवार या मंगलवार को इस बारे में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। कोई हल निकलेगा तो जरूर निकाला जाएगा।- वीके सेन, उप परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम
विज्ञापन
बदायूं जाने वाली रोडवेज बसों को अब तक सिर्फ रात में ही लालफाटक होकर गुजारा जा रहा है। सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक रास्ता बंद रहता है। पिछले दिनों सेतु निगम के काम में बाधा और राहगीरों की मौत के चलते इस रास्ते को दिन में बसों एवं भारी वाहनों के लिए बंद किया गया था। इसके चलते बदायूं से लेकर बरेली तक के रोडवेज अधिकारी इस मार्ग को खुलवाने के लिए लिखापढ़ी कर रहे हैं। इसके पीछे जनता की समस्या और राजस्व घाटा बताते हुए डग्गामारी बढ़ने की बात कही जा रही है। उनके अनुरोध पर एसपी ट्रैफिक एससी गंगवार भी निरीक्षण करके एक तरफ से बसों के संचालन करने के पक्ष में हैं। उनकी ओर से ओके होने के बाद गेंद अब सेतु निगम के पाले में है। जल्द ही व्यवस्था लागू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
विज्ञापन
34 रुपये किराया, एक घंटे का सफर बढ़ा
अभी बदायूं दिशा से आने वाली रोडवेज बसें चौपुला होकर शहर में आती हैं। दिन के वक्त शहर से बदायूं जाने वाली बसें फरीदपुर, बुखारा मोड़ होकर बदायूं जाती हैं। इसके चलते बरेली से बदायूं का 59 रुपये का टिकट 93 रुपये का हो जाता है। वहीं 53 किमी का रास्ता 89 किमी. हो जाता है और सफर का एक घंटा भी बढ़ जाता है। इसके चलते यात्री डग्गामार वाहनों पर सफर करना ज्यादा बेहतर समझते हैं या फिर रामगंगा लाकर रोडवेज बस में बैठते हैं।
विज्ञापन
एक लाख का रोज नुकसान
लाल फाटक मार्ग बंद होने से बदायूं डिपो को रोज एक लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। हमारे सामने ही डग्गामार वाहन वाले यात्रियों को बैठा ले जाते हैं। कई मुसाफिर तो कम किराया और समय बचाने को रात आठ बजने का इंतजार करते हैं। इस समस्या से अफसरों को अवगत कराया है।- राजेश कुमार, एआरएम बदायूं डिपो
शहर से बुखारा मोड़ तक तीन किमी की दूरी के लिए जब बस 34 किमी बस घूमती है तो यात्री परेशान होते हैं। अक्सर हमारे स्टाफ को कसूरवार समझकर झगड़ा करते हैं। आरएम व एमडी तक को परेशानी बताई है। वन-वे भी काफी राहत मिल जाएगी।- चीनी प्रसाद, एआरएम बरेली डिपो
समस्याओं को देखते हुए रोड दिन में बसों के लिए बंद किया गया था। अब जनता को रोड बंद होने से ज्यादा तकलीफ है। रोडवेज अधिकारियों के भी कई पत्र आ चुके हैं। मैंने खुद जाकर रास्ता देखा, जिसे वन-वे चलाया जा सकता है। सेतु निगम से एनओसी मिले तो स्टाफ लगाकर रास्ता खुलवा देंगे। - एससी गंगवार, एसपी ट्रैफिक
एसपी ट्रैफिक का पत्र मिला है। इसमें जनता और रोडवेज की समस्या का जिक्र है। सोमवार या मंगलवार को इस बारे में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। कोई हल निकलेगा तो जरूर निकाला जाएगा।- वीके सेन, उप परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम