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फार्मासिस्ट का लाइसेंस आधार से लिंक होगा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Fri, 27 Jul 2018 01:00 AM IST
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अब दवा की दुकान चलाने में फार्मासिस्टों का खेल नहीं चलेगा, ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि अब फार्मासिस्ट का लाइसेंस अन्य दस्तावेजों के साथ आधार से लिंक करने की तैयारी है, जिसके बाद फार्मासिस्ट अपना लाइसेंस एक ही जगह खुद प्रयोग कर सकेंगे साथ ही अगर वह इसका दुरुपयोग करते हैं तो उनकी आय के अन्य माध्यम भी उजागर हो जाएंगे। नई प्रक्रिया के तहत मेडिकल स्टोर और फार्मासिस्ट के लाइसेंस के रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण अब ऑनलाइन होंगे। पुराने लाइसेंस धारकों को भी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के पोर्टल पर ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
मेडिकल स्टोर, थोक कारोबारी, ब्लड बैंक और दवा निर्माता कंपनी के लाइसेंस का ऑनलाइन ब्योरा दर्ज किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक इसे लेकर केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों से वार्ता हो चुकी है। शहर में दुकान चलाने वाले करीब पांच हजार कारोबारियों के लिए अपनी जानकारी ऑनलाइन अपलोड करना जरूरी होगा। इसके अलावा जनपद में कई फार्मासिस्ट ऐसे हैं जिन्होंने अपने लाइसेंस किराए पर दे रखे हैं और खुद मेडिकल कंपनी में एमआर का काम कर रहे हैं। दस्तावेज ऑनलाइन होने के बाद ऐसे फार्मासिस्ट की दो स्रोत से आय भी सामने आ जाएगी। इस कवायद के लिए 30 अगस्त तक की डेडलाइन निश्चित की गई है।
निरीक्षण नहीं होने पर साफ्टवेयर खुद बताएगा
एसएसओ आईडी बनाकर एफ एसडीएयूपी डॉट जीओवी डॉट इन पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसमें मेडिकल स्टोर संचालक और फ ार्मासिस्ट को अपना आधार नंबर भी दर्ज करना होगा। आधार नंबर जिस मोबाइल से लिंक होगा, उसी पर ओटीपी आएगा। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन पत्र ड्रग इंस्पेक्टर तक निरीक्षण करने के लिए पहुंच जाएगा। इसकी निरीक्षण रिपोर्ट भी अपलोड की जाएगी। अगर किसी मेडिकल स्टोर का निरीक्षण नहीं हुआ है तो संबंधित स्टोर का नाम सॉफ्टवेयर खुद ही बताएगा।
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मेडिकल स्टोर, थोक कारोबारी, ब्लड बैंक और दवा निर्माता कंपनी के लाइसेंस का ऑनलाइन ब्योरा दर्ज किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक इसे लेकर केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों से वार्ता हो चुकी है। शहर में दुकान चलाने वाले करीब पांच हजार कारोबारियों के लिए अपनी जानकारी ऑनलाइन अपलोड करना जरूरी होगा। इसके अलावा जनपद में कई फार्मासिस्ट ऐसे हैं जिन्होंने अपने लाइसेंस किराए पर दे रखे हैं और खुद मेडिकल कंपनी में एमआर का काम कर रहे हैं। दस्तावेज ऑनलाइन होने के बाद ऐसे फार्मासिस्ट की दो स्रोत से आय भी सामने आ जाएगी। इस कवायद के लिए 30 अगस्त तक की डेडलाइन निश्चित की गई है।
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निरीक्षण नहीं होने पर साफ्टवेयर खुद बताएगा
एसएसओ आईडी बनाकर एफ एसडीएयूपी डॉट जीओवी डॉट इन पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसमें मेडिकल स्टोर संचालक और फ ार्मासिस्ट को अपना आधार नंबर भी दर्ज करना होगा। आधार नंबर जिस मोबाइल से लिंक होगा, उसी पर ओटीपी आएगा। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन पत्र ड्रग इंस्पेक्टर तक निरीक्षण करने के लिए पहुंच जाएगा। इसकी निरीक्षण रिपोर्ट भी अपलोड की जाएगी। अगर किसी मेडिकल स्टोर का निरीक्षण नहीं हुआ है तो संबंधित स्टोर का नाम सॉफ्टवेयर खुद ही बताएगा।
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