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25 मौतों के बाद अब टूटी एनएचएआई की नींद
Updated Sun, 09 Jul 2017 01:43 AM IST
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बरेली।
बड़ा बाईपास पर रजऊ परसपुर तिराहे के पास सड़क हादसे में 25 रोडवेज बस के यात्रियों की मौत के एक महीने बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों की नींद टूट पाई। इस खूनी तिराहे के खतरनाक मोड़ पर रोड की बाइंडिंग शुरू हो गई है। लोगों को जागरूक करने के लिए संकेतक लगा दिए गए हैं।
चार जून को रात करीब एक बजे रजऊ परसपुर तिराहे पर गोंडा डिपो की बस को ट्रक ने टक्कर मार दी थी जिससे बस में आग लग गई और 25 यात्री जिंदा जल गए थे। 15 लोग घायल हुए थे और कुछ ने किसी तरह अपनी जान बचाई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए तीन मंत्रियों को बरेली भेजा था। जांच में माना गया था कि इस तिराहे पर खामियां थीं जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। कमिश्नर ने हादसे बाद संभागीय परिवहन विभाग, परिवहन निगम और एनएचएआई के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। उन्होंने हादसे के बाद मौका का निरीक्षण करने के दौरान मिले इनपुट को सबके के साथ शेयर करते हुए कहा था कि रजऊ परसपुर तिराहे का डिजाइन ही ठीक से नहीं बनाया गया है। हादसे की वजह सभी ने एनएचएआई के डिजाइन की खामियों को बताया है। कमिश्नर डॉ. पीवी जगनमोहन ने बैठक में तिराहे में सुधार कराने के निर्देश दिए थे। साथ ही यह भी कहा था कि तिराहे के आसपास संकेतक लगाए जाएं। करीब एक महीने बाद एनएचएआई ने रजऊ परसपुर तिराहे के सुधार पर काम शुरू कर दिया है। यहां बरेली शहर से जाने वाले भारी वाहनों को घूमने में परेशानी होती है। इसके लिए रोड बाइंडिंग करके चौड़ा किया जा रहा है। शनिवार को एनएचएआई के ठेकेदार ने जेसीबी से मिट्टी को समतल कराकर रोड बाइंडिंग का काम शुरू कर दिया। फरीदपुर की तरफ से आने वालों को आगे दुघर्टना क्षेत्र है का बोर्ड लगा चेताया जा रहा है। एनएचएआई के प्रोजक्ट मैनेजर एनके अग्रवाल ने बताया कि हाईवे पर संकेतक लगवा दिए गए हैं। रोड बाइंडिंग कराकर तिराहे के डिजाइन को कुछ सुधारा जा रहा है।
अभी यह होना बाकी
कमिश्नर डॉ.पीवी जगनमोहन के कड़े रुख पर बड़ा बाईपास स्थित रजऊ परसपुर तिराहे के पास हादसे में 25 रोडवेज बस यात्रियों की मौत होने के बाद शहर के खतरनाक तीन स्थानों पर फ्लाई ओवर बनाए जाने की कवायद शुरू हो गई है। इनके बनने से शहर के आसपास होने वाले हादसों में कमी आएगी। शासन से मंजूरी मिलते ही तीनोें ओवरब्रिजों के निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। कमिश्नर ने बताया कि तीनों ओवरब्रिज बनवाने के लिए वह खुद प्रयास कर रहे हैं। इसे लेकर वह प्रमुख सचिव से इस संबंध में बात करके जल्दी स्वीकृति कराने की कोशिश कर रहे हैं।
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बड़ा बाईपास पर रजऊ परसपुर तिराहे के पास सड़क हादसे में 25 रोडवेज बस के यात्रियों की मौत के एक महीने बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों की नींद टूट पाई। इस खूनी तिराहे के खतरनाक मोड़ पर रोड की बाइंडिंग शुरू हो गई है। लोगों को जागरूक करने के लिए संकेतक लगा दिए गए हैं।
चार जून को रात करीब एक बजे रजऊ परसपुर तिराहे पर गोंडा डिपो की बस को ट्रक ने टक्कर मार दी थी जिससे बस में आग लग गई और 25 यात्री जिंदा जल गए थे। 15 लोग घायल हुए थे और कुछ ने किसी तरह अपनी जान बचाई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए तीन मंत्रियों को बरेली भेजा था। जांच में माना गया था कि इस तिराहे पर खामियां थीं जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। कमिश्नर ने हादसे बाद संभागीय परिवहन विभाग, परिवहन निगम और एनएचएआई के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। उन्होंने हादसे के बाद मौका का निरीक्षण करने के दौरान मिले इनपुट को सबके के साथ शेयर करते हुए कहा था कि रजऊ परसपुर तिराहे का डिजाइन ही ठीक से नहीं बनाया गया है। हादसे की वजह सभी ने एनएचएआई के डिजाइन की खामियों को बताया है। कमिश्नर डॉ. पीवी जगनमोहन ने बैठक में तिराहे में सुधार कराने के निर्देश दिए थे। साथ ही यह भी कहा था कि तिराहे के आसपास संकेतक लगाए जाएं। करीब एक महीने बाद एनएचएआई ने रजऊ परसपुर तिराहे के सुधार पर काम शुरू कर दिया है। यहां बरेली शहर से जाने वाले भारी वाहनों को घूमने में परेशानी होती है। इसके लिए रोड बाइंडिंग करके चौड़ा किया जा रहा है। शनिवार को एनएचएआई के ठेकेदार ने जेसीबी से मिट्टी को समतल कराकर रोड बाइंडिंग का काम शुरू कर दिया। फरीदपुर की तरफ से आने वालों को आगे दुघर्टना क्षेत्र है का बोर्ड लगा चेताया जा रहा है। एनएचएआई के प्रोजक्ट मैनेजर एनके अग्रवाल ने बताया कि हाईवे पर संकेतक लगवा दिए गए हैं। रोड बाइंडिंग कराकर तिराहे के डिजाइन को कुछ सुधारा जा रहा है।
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अभी यह होना बाकी
कमिश्नर डॉ.पीवी जगनमोहन के कड़े रुख पर बड़ा बाईपास स्थित रजऊ परसपुर तिराहे के पास हादसे में 25 रोडवेज बस यात्रियों की मौत होने के बाद शहर के खतरनाक तीन स्थानों पर फ्लाई ओवर बनाए जाने की कवायद शुरू हो गई है। इनके बनने से शहर के आसपास होने वाले हादसों में कमी आएगी। शासन से मंजूरी मिलते ही तीनोें ओवरब्रिजों के निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। कमिश्नर ने बताया कि तीनों ओवरब्रिज बनवाने के लिए वह खुद प्रयास कर रहे हैं। इसे लेकर वह प्रमुख सचिव से इस संबंध में बात करके जल्दी स्वीकृति कराने की कोशिश कर रहे हैं।
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