फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   जहन्नम से निजात के दिन हैं आखिरी रोजे

जहन्नम से निजात के दिन हैं आखिरी रोजे

Fri, 16 Jun 2017 10:04 PM IST
Updated Fri, 16 Jun 2017 10:04 PM IST
विज्ञापन
जहन्नम से निजात के दिन हैं आखिरी रोजे
बरेली।
विज्ञापन

माहे मुबारक रमजान का आखिरी अशरा शुरू हो गया है, जो निहायत अहम है। यह जहन्नम से निजात का अशरा है।
रमजान के इन आखिरी दस दिनों में अल्लाह तबारक व ताला की तरफ से जहन्नम से आजादी की निदा हर रात में लगाई जाती है। जो लोगों को इस बात की तरफ बुलाती है कि इंसान यानी उम्मते मुस्लिमा जिन्होंने पूरी साल अपने रब की नाफरमानी और पड़ोसियों को परेशान किया वो भी इस आखिरी अशरे में अल्लाह से सच्ची तौबा करके और अल्लाह को राजी करके जहन्नम से आजादी को पा लें।
हजरते आयशा सिद्दीका फरमाती हैं कि अल्लाह के रसूल उन रातों में और दिनों के मुकाबले में खूब इबादत किया करते थे। रात भर जागते थे और अपने घरवालों को भी इबादत में मशगूल कराते थे।
विज्ञापन

यह पांच रातें वह मुख्तलिफ रातें हैं जिनमें 21वीं शब, 23वीं शब, 25वीं, 27वीं और 29वीं शब है। यह आखिरी अशरा इसलिए भी अहमियत का है कि इस आखिरी अशरे में रसूल अल्लाह पूरे अशरे का एहतेकाफ करते। इसमें आप अपने रब की खूब इबादत करते और उम्मते मुस्लिमा की मगफिरत की दुआएं करते। इसलिए भी रसूल अल्लाह के तरजे अमल को अख्तियार करते हुए इस आखिरी अशरे का एहतेमाम करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed