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नैक मूल्यांकन में शिक्षा का स्तर सुधारने पर मंथन
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में नैक मूल्यांकन के तहत कॉलेज की शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। शुक्रवार से शुरू हुई कार्यशाला में प्रदेश भर के महाविद्यालयों से आए 130 प्रोफेसर भाग ले रहे हैं।
‘रिवाइज्ड प्रोसेस ऑफ नैक एसेसमेंट एंड एक्रिडिटेशन एंड टोटल क्वालिटी मैनजमेंट इन हायर एजुकेशन’ विषय पर हुई कार्यशाला के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के भूतपूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. गिरजेश कुमार ने उच्च ग्र्रेडिंग प्राप्त करने के तरीके बताए। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता प्रो. एनएन पांडेय ने की। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता हनन के लिए हम स्वयं उत्तरदायी है। विशिष्ट अतिथि, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के प्रो. प्रदीप कुमार मिश्र ने नैक मूल्यांकन की व्यवस्थित प्रणाली पर प्रकाश डाला। कुल सचिव प्रो. संजय मिश्रा ने गुणवत्ता और विस्तृत नजरिये पर जोर डालने को कहा। अतिथियों का स्वागत आईक्यूएसी के समन्वयक प्रो. बीआर कुकरेती ने किया। कार्यशाला के प्रथम तकनीकी सत्र में प्रो. प्रदीप मिश्र ने अकादमिक ऑडिट पर चर्चा की। कार्यक्रम में प्रो. रश्मि अग्रवाल, प्रो. यशपाल सिंह, प्रो. केके चौधरी, डॉ. केके माहेश्वरी, प्रो. संतोष अरोरा समेत विभिन्न महाविद्यालयों के 130 लोगों ने सहभागिता की।
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‘रिवाइज्ड प्रोसेस ऑफ नैक एसेसमेंट एंड एक्रिडिटेशन एंड टोटल क्वालिटी मैनजमेंट इन हायर एजुकेशन’ विषय पर हुई कार्यशाला के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के भूतपूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. गिरजेश कुमार ने उच्च ग्र्रेडिंग प्राप्त करने के तरीके बताए। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता प्रो. एनएन पांडेय ने की। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता हनन के लिए हम स्वयं उत्तरदायी है। विशिष्ट अतिथि, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के प्रो. प्रदीप कुमार मिश्र ने नैक मूल्यांकन की व्यवस्थित प्रणाली पर प्रकाश डाला। कुल सचिव प्रो. संजय मिश्रा ने गुणवत्ता और विस्तृत नजरिये पर जोर डालने को कहा। अतिथियों का स्वागत आईक्यूएसी के समन्वयक प्रो. बीआर कुकरेती ने किया। कार्यशाला के प्रथम तकनीकी सत्र में प्रो. प्रदीप मिश्र ने अकादमिक ऑडिट पर चर्चा की। कार्यक्रम में प्रो. रश्मि अग्रवाल, प्रो. यशपाल सिंह, प्रो. केके चौधरी, डॉ. केके माहेश्वरी, प्रो. संतोष अरोरा समेत विभिन्न महाविद्यालयों के 130 लोगों ने सहभागिता की।
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