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यूपी बोर्ड का ‘महाकुंभ’ आज से, नकल रोकने को रहेगी कड़ी निगरानी
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बरेली। यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं सात फरवरी से शुरू हो रही हैं। नकल विहीन और सकुशल परीक्षा संपन्न कराने के लिए बुधवार को दिनभर कवायद चलती रही। देर शाम तक सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं। शासन के सख्त रुख को देखते हुए जिला प्रशासन व डीआईओएस कार्यालय के साथ केंद्र व्यवस्थापकों ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया।
बुधवार को परीक्षा केंद्रों पर केंद्र व्यवस्थापक स्टाफ के साथ तैयारियों में जुटे रहे। केंद्र व्यवस्थापकों ने शाम तक परीक्षार्थियों के बैठने की जगह उनके रोल नंबर की स्लिप लगाने का काम पूरा कर लिया। साथ ही कक्षों में लगे वॉयस रिकॉर्डर और सीसीटीवी कैमरों को भी परखा। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों का मुआयना कर वहां पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के लिए केंद्र व्यवस्थापकोें को आवश्यक निर्देश दिए। इन केंद्रों पर शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। बता दें कि बरेली जिले में जेल समेत कुल 128 केंद्र बनाए गए हैं, जहां हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 93387 विद्यार्थी परीक्षा देंगे। छापामारी के लिए छह सचल दल के अलावा जेडी और जिला प्रशासन ने भी सचल दल बनाए हैं। डीएम ने परीक्षा नियंत्रक व अन्य शिक्षा अधिकारियों से परीक्षा सामग्री पहुंचाने समेत सुरक्षा के बाबत जानकारी भी ली।
...तो जिम्मेदार जाएंगे जेल
बीते दिनों सीएम ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर सख्त निर्देश दिए थे। इनमें खामी पाए जाने पर केंद्र व्यवस्थापकों और कक्ष निरीक्षकों को जिम्मेदार मानते हुए एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं। कक्षों में लगे वॉयस रिकॉर्डर और सीसीटीवी फुटेज को रिजल्ट आने तक कॉलेजों को सुरक्षित रखना होगा। रिकॉर्डिंग गुम होने पर संबंधित केंद्र व्यवस्थापक को दोषी माना जाएगा। 18 संवेदनशील और 4 अतिसंवेदनशील केंद्र बनाए गए हैं, जहां फोर्स की निगरानी में परीक्षा होगी। एसटीएफ भी अलर्ट रहेगी।
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केंद्रों के पास धारा 144
सभी केंद्रों के बाहर परीक्षा के दौरान धारा 144 लागू रहेगी। केंद्र के सौ मीटर के दायरे में आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा। सकुशल परीक्षा संपन्न कराने के लिए जिले को आठ जोन में बांटा गया है। हर जोन में एक अधिकारी, 17 सेक्टर मजिस्ट्रेट और छह सचल दल रहेंगे। सचल दल में महिला शिक्षक भी रहेंगी। परीक्षा केंद्र के अंदर या बाहर महिला शिक्षक ही छात्राओं की चेकिंग करेंगी। हर सेंटर पर एक कंट्रोल रूम भी बना है। कैमरे बंद हुए तो खैर नहीं
इस बार वॉयस रिकॉर्डर और कैमरे की नजर में परीक्षा संपन्न कराने के लिए पावर कॉरपोरेशन को पत्र लिखकर बिजली कटौती न करने को कहा गया है। इसके बावजूद किन्हीं कारणों से बिजली कटौती करनी पड़ी तो केंद्र पर जेनरेटर के जरिए तत्काल बिजली मुहैया कराने को कहा है। बिजली जाने और जेनरेटर चलाने के बीच अगर ज्यादा लंबा समय लगा और कैमरे बंद हुए तो इसे केंद्र व्यवस्थापक की खामी माना जाएगा और कार्रवाई की संस्तुति होगी।
बदले गए परीक्षा नियंत्रक
देर शाम बोर्ड परीक्षाओं के लिए नियुक्त किए गए एक राजकीय इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल सुभाष मौर्य की तबियत खराब हो गई। उनके स्थान पर जीआईसी के वाइस प्रिंसिपल डॉ. अवनीश यादव को परीक्षा नियंत्रक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
परीक्षा सुचिता के साथ कराने के लिए तैयारियां हो चुकी हैं। सभी केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात हो गए हैं। हड़ताल की स्थिति में जहां कक्ष निरीक्षक कम पड़ेंगे, वहां के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। - डॉ. अवनीश यादव, परीक्षा नियंत्रक
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बुधवार को परीक्षा केंद्रों पर केंद्र व्यवस्थापक स्टाफ के साथ तैयारियों में जुटे रहे। केंद्र व्यवस्थापकों ने शाम तक परीक्षार्थियों के बैठने की जगह उनके रोल नंबर की स्लिप लगाने का काम पूरा कर लिया। साथ ही कक्षों में लगे वॉयस रिकॉर्डर और सीसीटीवी कैमरों को भी परखा। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों का मुआयना कर वहां पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के लिए केंद्र व्यवस्थापकोें को आवश्यक निर्देश दिए। इन केंद्रों पर शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। बता दें कि बरेली जिले में जेल समेत कुल 128 केंद्र बनाए गए हैं, जहां हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 93387 विद्यार्थी परीक्षा देंगे। छापामारी के लिए छह सचल दल के अलावा जेडी और जिला प्रशासन ने भी सचल दल बनाए हैं। डीएम ने परीक्षा नियंत्रक व अन्य शिक्षा अधिकारियों से परीक्षा सामग्री पहुंचाने समेत सुरक्षा के बाबत जानकारी भी ली।
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...तो जिम्मेदार जाएंगे जेल
बीते दिनों सीएम ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर सख्त निर्देश दिए थे। इनमें खामी पाए जाने पर केंद्र व्यवस्थापकों और कक्ष निरीक्षकों को जिम्मेदार मानते हुए एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं। कक्षों में लगे वॉयस रिकॉर्डर और सीसीटीवी फुटेज को रिजल्ट आने तक कॉलेजों को सुरक्षित रखना होगा। रिकॉर्डिंग गुम होने पर संबंधित केंद्र व्यवस्थापक को दोषी माना जाएगा। 18 संवेदनशील और 4 अतिसंवेदनशील केंद्र बनाए गए हैं, जहां फोर्स की निगरानी में परीक्षा होगी। एसटीएफ भी अलर्ट रहेगी।
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केंद्रों के पास धारा 144
सभी केंद्रों के बाहर परीक्षा के दौरान धारा 144 लागू रहेगी। केंद्र के सौ मीटर के दायरे में आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा। सकुशल परीक्षा संपन्न कराने के लिए जिले को आठ जोन में बांटा गया है। हर जोन में एक अधिकारी, 17 सेक्टर मजिस्ट्रेट और छह सचल दल रहेंगे। सचल दल में महिला शिक्षक भी रहेंगी। परीक्षा केंद्र के अंदर या बाहर महिला शिक्षक ही छात्राओं की चेकिंग करेंगी। हर सेंटर पर एक कंट्रोल रूम भी बना है। कैमरे बंद हुए तो खैर नहीं
इस बार वॉयस रिकॉर्डर और कैमरे की नजर में परीक्षा संपन्न कराने के लिए पावर कॉरपोरेशन को पत्र लिखकर बिजली कटौती न करने को कहा गया है। इसके बावजूद किन्हीं कारणों से बिजली कटौती करनी पड़ी तो केंद्र पर जेनरेटर के जरिए तत्काल बिजली मुहैया कराने को कहा है। बिजली जाने और जेनरेटर चलाने के बीच अगर ज्यादा लंबा समय लगा और कैमरे बंद हुए तो इसे केंद्र व्यवस्थापक की खामी माना जाएगा और कार्रवाई की संस्तुति होगी।
बदले गए परीक्षा नियंत्रक
देर शाम बोर्ड परीक्षाओं के लिए नियुक्त किए गए एक राजकीय इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल सुभाष मौर्य की तबियत खराब हो गई। उनके स्थान पर जीआईसी के वाइस प्रिंसिपल डॉ. अवनीश यादव को परीक्षा नियंत्रक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
परीक्षा सुचिता के साथ कराने के लिए तैयारियां हो चुकी हैं। सभी केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात हो गए हैं। हड़ताल की स्थिति में जहां कक्ष निरीक्षक कम पड़ेंगे, वहां के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। - डॉ. अवनीश यादव, परीक्षा नियंत्रक