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सर्वे का डाटा नहीं किया अपलोड तो जाएगी संबद्धता
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बरेली। हायर एजूकेशन सर्वे में डाटा अपलोड न करने पर अब कॉलेज की संबद्धता खत्म होगी। नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल से उस कॉलेज का नाम भी हटा दिया जाएगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने तीस अप्रैल का वक्त दिया है। इसके बाद कॉलेजों पर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। एमएचआरडी का पत्र आने कॉलेजों में खलबली मच गई है, क्योंकि अधिकतर ने डीसीएफ डाटा ही तैयार नहीं किया। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के ही सौ से ज्यादा कॉलेजों पर गाज गिर सकती है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय हर साल उच्च शिक्षा पर सर्वे के लिए कॉलेजों और विश्वविद्यालय से डाटा अपलोड कराता है। इसी से पता चलता कि किस कॉलेज में कितने शिक्षक, कितने छात्र-छात्राएं है। देश में पढ़ाई का स्तर क्या है और कॉलेजों में आधारभूत सुविधाएं हैं कि नहीं। ज्यादा कॉलेजों में आधारभूत सुविधाएं नहीं हैं। पर्याप्त शिक्षक भी नहीं है। विश्वविद्यालय से संबद्ध 503 कॉलेजों को डाटा अपलोड करना है। पहले 31 मार्च तक प्रक्रिया पूरी होनी थी, लेकिन बड़ी संख्या में कॉलेजों ने डाटा अपलोड नहीं किया। बरेली और मुरादाबाद में ही ऐसे कॉलेजों की संख्या सौ से ज्यादा है। अब मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने तिथि बढ़ाकर 30 अप्रैल तो कर दी, लेकिन लापरवाह कॉलेजों पर सख्त कार्रवाई के भी निर्देश जारी कर दिए। डाटा अपलोड न करने वाले कॉलेजों की संबद्धता समाप्त होगी और साथ ही नेशनल स्कालरशिप पोर्टल से उनको हटाया जाएगा।
विश्वविद्यालय में सर्वे के कोआर्डिनेटर डॉ. अतुल शर्मा का कहना है कि बरेली और मुरादाबाद मंडल में सौ से ज्यादा कॉलेजों ने डाटा अपलोड नहीं किया। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने अब ऐसे कॉलेजों की संबद्धता समाप्त करने और नेशनल स्कालरशिप के पोर्टल से कॉलेज का नाम हटाने के निर्देश दिए हैं। कॉलेज 30 अप्रैल तक डाटा जरूर अपलोड कर दें।
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मानव संसाधन विकास मंत्रालय हर साल उच्च शिक्षा पर सर्वे के लिए कॉलेजों और विश्वविद्यालय से डाटा अपलोड कराता है। इसी से पता चलता कि किस कॉलेज में कितने शिक्षक, कितने छात्र-छात्राएं है। देश में पढ़ाई का स्तर क्या है और कॉलेजों में आधारभूत सुविधाएं हैं कि नहीं। ज्यादा कॉलेजों में आधारभूत सुविधाएं नहीं हैं। पर्याप्त शिक्षक भी नहीं है। विश्वविद्यालय से संबद्ध 503 कॉलेजों को डाटा अपलोड करना है। पहले 31 मार्च तक प्रक्रिया पूरी होनी थी, लेकिन बड़ी संख्या में कॉलेजों ने डाटा अपलोड नहीं किया। बरेली और मुरादाबाद में ही ऐसे कॉलेजों की संख्या सौ से ज्यादा है। अब मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने तिथि बढ़ाकर 30 अप्रैल तो कर दी, लेकिन लापरवाह कॉलेजों पर सख्त कार्रवाई के भी निर्देश जारी कर दिए। डाटा अपलोड न करने वाले कॉलेजों की संबद्धता समाप्त होगी और साथ ही नेशनल स्कालरशिप पोर्टल से उनको हटाया जाएगा।
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विश्वविद्यालय में सर्वे के कोआर्डिनेटर डॉ. अतुल शर्मा का कहना है कि बरेली और मुरादाबाद मंडल में सौ से ज्यादा कॉलेजों ने डाटा अपलोड नहीं किया। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने अब ऐसे कॉलेजों की संबद्धता समाप्त करने और नेशनल स्कालरशिप के पोर्टल से कॉलेज का नाम हटाने के निर्देश दिए हैं। कॉलेज 30 अप्रैल तक डाटा जरूर अपलोड कर दें।
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