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ई-टेंडर से ही होंगे प्रचार सामग्री के काम
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बरेली। चुनाव आचार संहिता और निर्वाचन कार्य की आड़ में चहेतों को ठेके और मनमाने काम मैन्युअल टेंडर प्रक्रिया से दिए जा रहे हैं। जानकारी मिलने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने नाराजगी जताई है क्योंकि दस लाख रुपये से ज्यादा के ठेके ई-टेंडर से होने चाहिए। सीईओ के तेवरों को देखते हुए माना जा रहा है कि अब निर्वाचन से जुडे़ दस लाख रुपये से ज्यादा के काम ई- टेंडर से ही कराए जाएंगे। उधर, पीलीभीत जिला निर्वाचन कार्यालय में ऐसी ही अनियमितता होने पर एडीएम प्रशासन पर गाज गिरी है।
प्रदेश सरकार ने दो साल पहले आदेश दिए थे कि दस लाख रुपये से ज्यादा के ठेकों में ई-टेंडरिंग होगी। इससे इतर बरेली जिला निर्वाचन कार्यालय सीधे टेंडर मांगकर निर्वाचन संबंधी कार्य निपटा रहा है। जिले में वोटर गाइड पुस्तिका छपवाने के काम पर भी एक फर्म कब्जा करना चाहती है। बताया जाता है कि फर्म ने विभिन्न नामों से आवेदन दे दिए हैं लेकिन अभी यह टेंडर फाइनल नहीं हो पाए हैं।
टेंडर नहीं खुले
वोटर पुस्तिका छपवाने में मनमानी करने के बाद जिला निर्वाचन कार्यालय ने मतदाता पर्ची छपवाने का काम भी मैन्युअल टेंडर से कराना शुरू कर दिया। यह टेंडर गुरुवार शाम तीन बजे खुलने थे। बताया जाता है कि सीईओ कार्यालय ने ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेकर नाराजगी जताई है। इसलिए गुरुवार शाम टेंडर खोलने की प्रक्रिया टाल दी। सीईओ के रुख को देखते हुए वोटर बुकलेट के टेंडर भी ई-टेंडर से कराए जाने पर विचार हो रहा है। भनक लगते ही मिलीभगत से लाखों के ठेके पाने वाली फर्मों में खलबली मची हुई है।
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एडीएम पीलीभीत नपे!
पीलीभीत जिला निर्वाचन कार्यालय ने भी टेंडर प्रक्रिया में मनमानी की थी, इस पर डीएम ने नाराजगी जताई और ठेके ई- टेंडर से कराए जाने के निर्देश दिए। सूत्रों ने बताया कि पीलीभीत में 12 लाख रुपये से ज्यादा के ठेके होने थे। मनमानी में लिप्त एडीएम प्रशासन बृज किशोर का तबादला कर दिया गया है। ऐसी कड़ी कार्रवाई बरेली में होने की संभावना जताई जा रही है।
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प्रदेश सरकार ने दो साल पहले आदेश दिए थे कि दस लाख रुपये से ज्यादा के ठेकों में ई-टेंडरिंग होगी। इससे इतर बरेली जिला निर्वाचन कार्यालय सीधे टेंडर मांगकर निर्वाचन संबंधी कार्य निपटा रहा है। जिले में वोटर गाइड पुस्तिका छपवाने के काम पर भी एक फर्म कब्जा करना चाहती है। बताया जाता है कि फर्म ने विभिन्न नामों से आवेदन दे दिए हैं लेकिन अभी यह टेंडर फाइनल नहीं हो पाए हैं।
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टेंडर नहीं खुले
वोटर पुस्तिका छपवाने में मनमानी करने के बाद जिला निर्वाचन कार्यालय ने मतदाता पर्ची छपवाने का काम भी मैन्युअल टेंडर से कराना शुरू कर दिया। यह टेंडर गुरुवार शाम तीन बजे खुलने थे। बताया जाता है कि सीईओ कार्यालय ने ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेकर नाराजगी जताई है। इसलिए गुरुवार शाम टेंडर खोलने की प्रक्रिया टाल दी। सीईओ के रुख को देखते हुए वोटर बुकलेट के टेंडर भी ई-टेंडर से कराए जाने पर विचार हो रहा है। भनक लगते ही मिलीभगत से लाखों के ठेके पाने वाली फर्मों में खलबली मची हुई है।
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एडीएम पीलीभीत नपे!
पीलीभीत जिला निर्वाचन कार्यालय ने भी टेंडर प्रक्रिया में मनमानी की थी, इस पर डीएम ने नाराजगी जताई और ठेके ई- टेंडर से कराए जाने के निर्देश दिए। सूत्रों ने बताया कि पीलीभीत में 12 लाख रुपये से ज्यादा के ठेके होने थे। मनमानी में लिप्त एडीएम प्रशासन बृज किशोर का तबादला कर दिया गया है। ऐसी कड़ी कार्रवाई बरेली में होने की संभावना जताई जा रही है।