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पति की हत्या में पत्नी और उसके प्रेमी को उम्र कैद
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Tue, 31 Jul 2018 12:40 AM IST
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पति की हत्या करने में पत्नी और उसके प्रेमी भांजे को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। सजा का आदेश अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार यादव ने किया।
घटना थाना फतेहगंज पश्चिमी के गांव बकैनिया की है। इसकी रिपोर्ट महेंद्र पाल ने लिखाई थी। रिपोर्ट में महेंद्र ने कहा कि उनके भाई नरेंद्र कुमार गांव खिरका जगतपुर में सफाई कर्मचारी थे। 25 मार्च, 2013 को नरेंद्र ने गांव ठिरिया खेतल में चंद्रपाल मौर्य का मकान किराए पर लिया और पत्नी गीता के साथ वहां रहने लगे। गीता के नाजायज संबंध बहेड़ी में रहने वाले अपने भांजे दीपक से थे। नरेंद्र इसका विरोध करते थे। 29 मार्च 2013 को महेंद्र अपने भाई नरेंद्र के घर गया तो वहां गीता के साथ दीपक मौजूद मिला। शाम को नरेंद्र भी आ गए। खाना खाने के बाद नरेंद्र, गीता और दीपक नीचे सो गए जबकि महेंद्र छत पर सो गया। रात में 12 बजे आहट पर महेंद्र की आंख खुली तो उसने देखा कि गीता और दीपक नरेंद्र को घसीटते हुए घर के बाहर ले जा रहे थे। नरेंद्र की गर्दन कटी थी। महेंद्र नीचे उतरकर आया तो दोनों लाश छोड़कर भाग गए। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील सुनिति कुमार पाठक ने पक्ष रखा। अदालत ने गीता और दीपक को नरेंद्र की हत्या का दोषी ठहराते हुए दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके अलावा दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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घटना थाना फतेहगंज पश्चिमी के गांव बकैनिया की है। इसकी रिपोर्ट महेंद्र पाल ने लिखाई थी। रिपोर्ट में महेंद्र ने कहा कि उनके भाई नरेंद्र कुमार गांव खिरका जगतपुर में सफाई कर्मचारी थे। 25 मार्च, 2013 को नरेंद्र ने गांव ठिरिया खेतल में चंद्रपाल मौर्य का मकान किराए पर लिया और पत्नी गीता के साथ वहां रहने लगे। गीता के नाजायज संबंध बहेड़ी में रहने वाले अपने भांजे दीपक से थे। नरेंद्र इसका विरोध करते थे। 29 मार्च 2013 को महेंद्र अपने भाई नरेंद्र के घर गया तो वहां गीता के साथ दीपक मौजूद मिला। शाम को नरेंद्र भी आ गए। खाना खाने के बाद नरेंद्र, गीता और दीपक नीचे सो गए जबकि महेंद्र छत पर सो गया। रात में 12 बजे आहट पर महेंद्र की आंख खुली तो उसने देखा कि गीता और दीपक नरेंद्र को घसीटते हुए घर के बाहर ले जा रहे थे। नरेंद्र की गर्दन कटी थी। महेंद्र नीचे उतरकर आया तो दोनों लाश छोड़कर भाग गए। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील सुनिति कुमार पाठक ने पक्ष रखा। अदालत ने गीता और दीपक को नरेंद्र की हत्या का दोषी ठहराते हुए दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके अलावा दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।