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बीएससी फाइनल में 61 फीसदी छात्र फेल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Mon, 21 May 2018 08:54 PM IST
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एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने सोमवार को बीएससी फाइनल का रिजल्ट घोषित कर दिया। इस बार महज 39 फीसदी विद्यार्थी ही पास हो सके हैं। 61 फीसदी विद्यार्थी फेल हो गए। जो पास हुए हैं, उनका प्राप्तांक प्रतिशत भी पिछले वर्षों के मुकाबले काफी कम है। कई कॉलेज तो ऐसे हैं जहां चार या पांच विद्यार्थी ही पास हो सके हैं। वैसे हर साल बीएससी का रिजल्ट 85 से 90 फीसदी के बीच रहता था। वर्षों बाद बीएससी का इतना खराब रिजल्ट आया है।
बीएससी फाइनल में इस बार 32900 विद्यार्थी थे। शासन के निर्देश पर विश्वविद्यालय ने स्वकेंद्र परीक्षा प्रणाली खत्म कर सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में परीक्षाएं कराईं। 20 से ज्यादा संवेदनशील केंद्रों पर पर्यवेक्षक की देखरेख में परीक्षाएं हुईं। इसके चलते कॉलेजों को नकल कराने का मौका नहीं मिला। हालांकि कुछ कॉलेजों ने एक-दो पेपर में कॉपियां बाहर से लिखवाने की कोशिश की, लेकिन मामला खुल गया और उनके सेंटर बदल दिए गए। बीएससी के मूल्यांकन में ही यह स्पष्ट हो गया था कि इस बार बीएससी का रिजल्ट बहुत अच्छा रहने वाला नहीं है। सोमवार को परिणाम जारी हुआ तो 32900 में से महज 12831 विद्यार्थी ही पास हो सके।
प्रैक्टिकल में नंबरों की भरमार, थ्योरी में सब धड़ाम
कई कॉलेज छात्रों के प्रवेश ही प्रैक्टिकल के नंबर अच्छे दिलवाने का लालच देकर देते हैं। इसका उदाहरण रिजल्ट में देखने को मिला। फेल होने वाले छात्रों में तमाम ऐसे छात्र हैं जिनको प्रैक्टिकल में 75 में से 65 से ज्यादा नंबर मिले जबकि थ्योरी में उनके नंबर काफी कम हैं जिस कारण वह फेल हो गए। बीएससी फाइनल में 450 नंबर के दो विषयों की परीक्षा होती है। एक विषय में 75-75 की लिखित परीक्षा और इतने ही नंबर के प्रैक्टिकल होते हैं। तमाम छात्र तो ऐसे हैं जो दोनों विषयों की थ्योरी में 300 नंबरों में से 80-100 नंबर ही ला पाए।
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बिजनौर के गुरु नानक कॉलेज का रिजल्ट रोका
प्रैक्टिकल के अंक न आने के कारण बीकॉम फाइनल में 11 कॉलेजों के रिजल्ट रोक दिए गए थे। विश्वविद्यालय ने कॉलेजों को निर्देशित किया था कि अगर प्रैक्टिकल के अंक नहीं भेजे तो उनका रिजल्ट रोकते हुए बाकी कॉलेजों के रिजल्ट जारी कर दिए जाएंगे। बीएससी फाइनल में भी ऐसा हुआ। बिजनौर के गुरु नानक कॉलेज ने प्रैक्टिकल के अंक नहीं भेजे। विश्वविद्यालय ने इस कॉलेज का रिजल्ट रोक दिया है। परीक्षा नियंत्रक महेश कुमार ने बताया कि अब बीए फाइनल का रिजल्ट जारी करने की तैयारी है। उसमें भी जिन कॉलेजों के प्रैक्टिकल के अंक नहीं आए होंगे उनके रिजल्ट रोक दिए जाएंगे।
कई कॉलेजों का बिगड़ा गणित
बीएससी का रिजल्ट खराब आने से कई कॉलेजों का गणित बिगड़ गया। बीएससी में शत प्रतिशत पास कराने का दावा कर कॉलेज एडमिशन लेते हैं। सुविधा शुल्क के नाम पर भी छात्रों की जेब काटते हैं। इस बार रिजल्ट इतना कम आने से उन कॉलेजों में एडमिशन पर जरूरत प्रभाव पड़ेगा।
परास्नातक के लिए छात्र नहीं कर पा रहे थे आवेदन
स्नातक फाइनल का रिजल्ट न आने के कारण छात्र परास्नातक में प्रवेश के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे थे। पिछले दिनों छात्रों ने रिजल्ट जारी कराने को लेकर परीक्षा नियंत्रक का घेराव भी किया था। अब बीएससी फाइनल का रिजल्ट जारी होने से छात्र एमएससी या अन्य कोर्स के लिए आवेदन कर सकेंगे। बीकॉम फाइनल का रिजल्ट पहले ही जारी हो चुका है। अब बीए फाइनल का रिजल्ट जारी होने की बारी है।
बीएससी फाइनल का रिजल्ट घोषित कर दिया है। इस बार रिजल्ट काफी कम गया है। 39 फीसदी छात्र ही पास हो सके हैं। परीक्षा में हुई सख्ती का असर इस बार रिजल्ट पर पड़ा है। - महेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक
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बीएससी फाइनल में इस बार 32900 विद्यार्थी थे। शासन के निर्देश पर विश्वविद्यालय ने स्वकेंद्र परीक्षा प्रणाली खत्म कर सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में परीक्षाएं कराईं। 20 से ज्यादा संवेदनशील केंद्रों पर पर्यवेक्षक की देखरेख में परीक्षाएं हुईं। इसके चलते कॉलेजों को नकल कराने का मौका नहीं मिला। हालांकि कुछ कॉलेजों ने एक-दो पेपर में कॉपियां बाहर से लिखवाने की कोशिश की, लेकिन मामला खुल गया और उनके सेंटर बदल दिए गए। बीएससी के मूल्यांकन में ही यह स्पष्ट हो गया था कि इस बार बीएससी का रिजल्ट बहुत अच्छा रहने वाला नहीं है। सोमवार को परिणाम जारी हुआ तो 32900 में से महज 12831 विद्यार्थी ही पास हो सके।
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प्रैक्टिकल में नंबरों की भरमार, थ्योरी में सब धड़ाम
कई कॉलेज छात्रों के प्रवेश ही प्रैक्टिकल के नंबर अच्छे दिलवाने का लालच देकर देते हैं। इसका उदाहरण रिजल्ट में देखने को मिला। फेल होने वाले छात्रों में तमाम ऐसे छात्र हैं जिनको प्रैक्टिकल में 75 में से 65 से ज्यादा नंबर मिले जबकि थ्योरी में उनके नंबर काफी कम हैं जिस कारण वह फेल हो गए। बीएससी फाइनल में 450 नंबर के दो विषयों की परीक्षा होती है। एक विषय में 75-75 की लिखित परीक्षा और इतने ही नंबर के प्रैक्टिकल होते हैं। तमाम छात्र तो ऐसे हैं जो दोनों विषयों की थ्योरी में 300 नंबरों में से 80-100 नंबर ही ला पाए।
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बिजनौर के गुरु नानक कॉलेज का रिजल्ट रोका
प्रैक्टिकल के अंक न आने के कारण बीकॉम फाइनल में 11 कॉलेजों के रिजल्ट रोक दिए गए थे। विश्वविद्यालय ने कॉलेजों को निर्देशित किया था कि अगर प्रैक्टिकल के अंक नहीं भेजे तो उनका रिजल्ट रोकते हुए बाकी कॉलेजों के रिजल्ट जारी कर दिए जाएंगे। बीएससी फाइनल में भी ऐसा हुआ। बिजनौर के गुरु नानक कॉलेज ने प्रैक्टिकल के अंक नहीं भेजे। विश्वविद्यालय ने इस कॉलेज का रिजल्ट रोक दिया है। परीक्षा नियंत्रक महेश कुमार ने बताया कि अब बीए फाइनल का रिजल्ट जारी करने की तैयारी है। उसमें भी जिन कॉलेजों के प्रैक्टिकल के अंक नहीं आए होंगे उनके रिजल्ट रोक दिए जाएंगे।
कई कॉलेजों का बिगड़ा गणित
बीएससी का रिजल्ट खराब आने से कई कॉलेजों का गणित बिगड़ गया। बीएससी में शत प्रतिशत पास कराने का दावा कर कॉलेज एडमिशन लेते हैं। सुविधा शुल्क के नाम पर भी छात्रों की जेब काटते हैं। इस बार रिजल्ट इतना कम आने से उन कॉलेजों में एडमिशन पर जरूरत प्रभाव पड़ेगा।
परास्नातक के लिए छात्र नहीं कर पा रहे थे आवेदन
स्नातक फाइनल का रिजल्ट न आने के कारण छात्र परास्नातक में प्रवेश के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे थे। पिछले दिनों छात्रों ने रिजल्ट जारी कराने को लेकर परीक्षा नियंत्रक का घेराव भी किया था। अब बीएससी फाइनल का रिजल्ट जारी होने से छात्र एमएससी या अन्य कोर्स के लिए आवेदन कर सकेंगे। बीकॉम फाइनल का रिजल्ट पहले ही जारी हो चुका है। अब बीए फाइनल का रिजल्ट जारी होने की बारी है।
बीएससी फाइनल का रिजल्ट घोषित कर दिया है। इस बार रिजल्ट काफी कम गया है। 39 फीसदी छात्र ही पास हो सके हैं। परीक्षा में हुई सख्ती का असर इस बार रिजल्ट पर पड़ा है। - महेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक