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साहब! इतना भी रुतबा क्या कि दिव्यांग का दर्द भी नजरंदाज कर बैठे

Fri, 26 Apr 2019 01:38 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 26 Apr 2019 01:38 AM IST
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साहब! इतना भी रुतबा क्या कि दिव्यांग का दर्द भी नजरंदाज कर बैठे
साहब! इतना भी रुतबा क्या कि दिव्यांग का दर्द भी नजरंदाज कर बैठे - फोटो : अमर उजाला, बरेली
बरेली। नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. ने नगर निगम में कुर्सी संभालते ही तमाम नियम-कायदे लागू कर दिए। मसलन जन समस्याएं 10-12 बजे के बीच सुनीं जाएंगी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद से ऊपर काम नहीं करेंगे। मगर बृहस्पतिवार को वह अपने बनाए नियम कायदे ही भूल गए। जनसुनवाई के लिए निर्धारित समय में पहुंचा दिव्यांग घंटे भर से ज्यादा उनके कार्यालय के बाहर व्हील चेयर पर इंतजार करता रहा और वह अंदर मीटिंग करते रहे।
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सीबीगंज के गांव सरनिया में रहने वाले दिव्यांग मो. शकील पूर्वाह्न करीब 11.30 बजे नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. से मिलने नगर निगम पहुंचे। शकील ने बताया कि दिव्यांगों के उत्थान के लिए वह स्कूल चलाते हैं जहां दिव्यांगों को मुफ्त शिक्षा दी जाती है। स्कूल के सामने नाला बन रहा है, जिसमें उनके पिलर का कुछ भाग आ रहा है। निगम टीम ने उसे तोड़ने को कहा है, राहत के लिए नगर आयुक्त से मिलने पहुंचे हैं। मगर, नगर आयुक्त उस समय अधिकारियों के साथ मीटिंग कर रहे थे और दिव्यांग शकील को अंदर नहीं बुलाया जबकि यह समय जनसुनवाई के लिए निर्धारित था। साढ़े 12 बजे मीटिंग खत्म हुई तो करीब घंटे भर इंतजार कराने के बाद नगर आयुक्त ने शकील को अंदर बुलवाया और कोई राहत देने से साफ इनकार कर दिया।
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फिर सीसीटीवी किस काम के
नगर आयुक्त ने पूरे निगम परिसर में करीब दो दर्जन सीसीटीवी लगवाए हैं ताकि हर घटना पर उनकी नजर रहे और इन सीसीटीवी की मॉनिटरिंग उनके कक्ष से ही होती है। ऐसे में दिव्यांग का घंटे भर उनके कक्ष के बाहर इंतजार करना, निगरानी सिस्टम पर सवाल खड़े करता है।
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इन दिनों शिकायतें कम आ रही हैं इसलिए मैंने मीटिंग के लिए अधिकारियों को बुला लिया। दिव्यांग के बाहर इंतजार करने की अर्दली ने मुझे जानकारी नहीं दी। दिव्यांग को बता दिया गया है कि लेखपाल से पैमाइश कराई जाएगी, अगर अतिक्रमण निकला तो पिलर तोड़ा जाएगा। इस संबंध में निर्माण विभाग के जेई को भी बता दिया है। - सैमुअल पॉल एन., नगर आयुक्त
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