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बोले जीएम जलकल- तब नशे में था
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बरेली। ठेकों में गड़बड़ी की शिकायत करने वाले ठेकेदार को माफिया अतीक अहमद से अपने संबंधों का जिक्र करते हुए धमकाने के मामले में फंसे नगर निगम के जलकल विभाग के जीएम वीएन द्विवेदी ने अपने खिलाफ आरोप पत्र का जवाब डीएम को दे दिया है। उन्होंने कहा है कि ठेकेदार ने उन्हें उनके बेटे के अपहरण की धमकी दी थी। वह अवसाद में कुछ ज्यादा पी गए थे और फिर नशे में उन्होंने माफिया अतीक का नाम लेकर ठेकेदार को धमका दिया था। हालांकि उनका अतीक से कोई संबंध नहीं है। ठेकेदार से हुई उनकी पूरी बातचीत मनगढ़ंत थी।
जलकल विभाग के ट्यूबवेल ऑटोमेशन के टेंडर में विवेक नाम के कांट्रेक्टर ने धांधली का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। दस साल के लिए होने वाले इस ठेके पर करीब दस करोड़ रुपये खर्च होने थे। कुछ ही दिन बाद एक ऑडियो वायरल हुआ जिसमें जीएम जलकल ने विवेक को माफिया अतीक अहमद से अपने नजदीकी संबंध बताते हुए धमका रहे थे। इस मामले में शिकायत हुई तो शासन ने दो फरवरी को उन्हें निलंबित कर दिया था। अब उनके खिलाफ जांच चल रही है। 11 फरवरी को जीएम ने अपने सस्पेंशन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर सुनवाई चल रही है। इसी बीच डीएम ने भी निलंबित जीएम को आरोप पत्र देते हुए जवाब मांगा था। जीएम ने अपने स्पष्टीकरण में कहा है कि उनके बेटे को गाजियाबाद स्थित उनके आवास से उठाने की धमकी दी जा रही थी। कांट्रेक्टर विवेक ने उन्हें इतना उकसा दिया कि वह आपा खो बैठे। अवसाद की वजह से उन्होंने नशा किया हुआ था। इसी के चलते उन्होंने अतीक अहमद और हरिशंकर तिवारी का नाम लिया था। हालांकि उनका यह भी कहना है कि ऑडियो में छेड़छाड़ के बाद उन्हें सुनियोजित तरीके से बदनाम करने की कोशिश की गई है।
शासन के आदेश पर इस मामले की जांच मुझे ही करनी थी। जलकल विभाग के जीएम का स्पष्टीकरण आ गया है। उसके आधार पर मुझे शासन को रिपोर्ट भेजनी है। इस मामले में अब जो भी कार्रवाई होगी, वह शासन ही तय करेगा। -वीरेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी
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जलकल विभाग के ट्यूबवेल ऑटोमेशन के टेंडर में विवेक नाम के कांट्रेक्टर ने धांधली का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। दस साल के लिए होने वाले इस ठेके पर करीब दस करोड़ रुपये खर्च होने थे। कुछ ही दिन बाद एक ऑडियो वायरल हुआ जिसमें जीएम जलकल ने विवेक को माफिया अतीक अहमद से अपने नजदीकी संबंध बताते हुए धमका रहे थे। इस मामले में शिकायत हुई तो शासन ने दो फरवरी को उन्हें निलंबित कर दिया था। अब उनके खिलाफ जांच चल रही है। 11 फरवरी को जीएम ने अपने सस्पेंशन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर सुनवाई चल रही है। इसी बीच डीएम ने भी निलंबित जीएम को आरोप पत्र देते हुए जवाब मांगा था। जीएम ने अपने स्पष्टीकरण में कहा है कि उनके बेटे को गाजियाबाद स्थित उनके आवास से उठाने की धमकी दी जा रही थी। कांट्रेक्टर विवेक ने उन्हें इतना उकसा दिया कि वह आपा खो बैठे। अवसाद की वजह से उन्होंने नशा किया हुआ था। इसी के चलते उन्होंने अतीक अहमद और हरिशंकर तिवारी का नाम लिया था। हालांकि उनका यह भी कहना है कि ऑडियो में छेड़छाड़ के बाद उन्हें सुनियोजित तरीके से बदनाम करने की कोशिश की गई है।
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शासन के आदेश पर इस मामले की जांच मुझे ही करनी थी। जलकल विभाग के जीएम का स्पष्टीकरण आ गया है। उसके आधार पर मुझे शासन को रिपोर्ट भेजनी है। इस मामले में अब जो भी कार्रवाई होगी, वह शासन ही तय करेगा। -वीरेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी
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