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डेयरी संचालकों पर कसेगा शिकंजा, डाटा तैयार करने के निर्देश
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बरेली। शहर में गंदगी और गोबर बहाकर नाली-नाले चोक करने वाले डेयरी संचालकों पर शिकंजा कसा जाएगा। नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. ने नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग को सभी डेयरी संचालकों का रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
नगर निगम क्षेत्र में 400 से अधिक डेयरियां गलियाें एवं सड़कों पर संचालित हो रही हैं। इसमें सबसे खराब स्थिति बानखाना, गुलाबनगर, सुर्खा, चौधरी मोहल्ला, पुराना शहर, चौपुला, मढ़ीनाथ, सिकलापुर, कालीबाड़ी, आजमनगर, चक महमूद आदि क्षेत्रों की है। यहां डेयरी संचालक न सिर्फ गोबर नालियों में बहाते हैं बल्कि जानवरों को भी सड़क पर छोड़ देते हैं। इससे नाला-नाली तो चोक होते ही हैं, सड़कों पर गंदगी और ट्रैफिक भी प्रभावित होता है। हर दिन ही नगर निगम में डेयरी को लेकर शिकायतें पहुंच रही हैं। इसको देखते हुए नगर आयुक्त ने डेयरी संचालकों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि डेयरी संचालकों का डाटा तैयार कराया जा रहा है। उनके साथ मीटिंग करके गोबर का कायदे से निस्तारण करने एवं जानवर खुले में न छोड़ने के लिए समझाया जाएगा। अगर नहीं माने तो स्वच्छ भारत मिशन के नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी।
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नगर निगम क्षेत्र में 400 से अधिक डेयरियां गलियाें एवं सड़कों पर संचालित हो रही हैं। इसमें सबसे खराब स्थिति बानखाना, गुलाबनगर, सुर्खा, चौधरी मोहल्ला, पुराना शहर, चौपुला, मढ़ीनाथ, सिकलापुर, कालीबाड़ी, आजमनगर, चक महमूद आदि क्षेत्रों की है। यहां डेयरी संचालक न सिर्फ गोबर नालियों में बहाते हैं बल्कि जानवरों को भी सड़क पर छोड़ देते हैं। इससे नाला-नाली तो चोक होते ही हैं, सड़कों पर गंदगी और ट्रैफिक भी प्रभावित होता है। हर दिन ही नगर निगम में डेयरी को लेकर शिकायतें पहुंच रही हैं। इसको देखते हुए नगर आयुक्त ने डेयरी संचालकों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि डेयरी संचालकों का डाटा तैयार कराया जा रहा है। उनके साथ मीटिंग करके गोबर का कायदे से निस्तारण करने एवं जानवर खुले में न छोड़ने के लिए समझाया जाएगा। अगर नहीं माने तो स्वच्छ भारत मिशन के नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी।
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