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कॉलेज ही नहीं विवि को भी ढूंढे नहीं मिल रहे अभ्यर्थी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Fri, 27 Jul 2018 01:04 AM IST
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MJP Rohilkhand university
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सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों की तरह विश्वविद्यालय को भी अपनी सीटें भरने के लिए छात्र ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। कॉलेजों के साथ अब विश्वविद्यालय ने कैंपस की सीटें भरने के लिए भी आवेदन मांगे हैं। एमएससी एंट्रेंस में शामिल छात्र 29 जुलाई तक विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं।
दरअसल, एमएससी की काउंसलिंग में भी बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गईं। एमएससी में छह हजार से ज्यादा सीटें हैं, जिसमें पचास फीसद भी नहीं भर पाई हैं। विश्वविद्यालय ने सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों को सीधे प्रवेश लेने की अनुमति दे दी है। विश्वविद्यालय कैंपस में संचालित एमएससी बॉटनी, एनिमल साइंस, फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स में भी काफी सीटें खाली हैं। अब विश्वविद्यालय को इन सीटों को भरने की चिंता सताने लगी है। एंट्रेंस में शामिल छात्रों से 29 जुलाई तक आवेदन मांगे हैं ताकि सीटें भरी जा सकें।
कैंपस में संचालित कोर्सों की स्थिति खराब
सिर्फ एंट्रेस वाले कोर्स ही नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय कैंपस में संचालित बाकी कोर्स की भी स्थिति खराब है। एमए प्राचीन इतिहास में 40 सीटों पर सिर्फ 20 ही आवेदन आवेदन आए हैं। एमए अर्थशास्त्र, क्लीनिकल साइक्लोलॉजी का भी यही हाल। महिला सशक्तिकरण और उद्यमिता विकास डिप्लोमा कोर्स में महज पांच-पांच आवेदन आए हैं। इन कोर्स के लिए विश्वविद्यालय को अभ्यर्थी नहीं मिल रहे।
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दरअसल, एमएससी की काउंसलिंग में भी बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गईं। एमएससी में छह हजार से ज्यादा सीटें हैं, जिसमें पचास फीसद भी नहीं भर पाई हैं। विश्वविद्यालय ने सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों को सीधे प्रवेश लेने की अनुमति दे दी है। विश्वविद्यालय कैंपस में संचालित एमएससी बॉटनी, एनिमल साइंस, फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स में भी काफी सीटें खाली हैं। अब विश्वविद्यालय को इन सीटों को भरने की चिंता सताने लगी है। एंट्रेंस में शामिल छात्रों से 29 जुलाई तक आवेदन मांगे हैं ताकि सीटें भरी जा सकें।
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कैंपस में संचालित कोर्सों की स्थिति खराब
सिर्फ एंट्रेस वाले कोर्स ही नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय कैंपस में संचालित बाकी कोर्स की भी स्थिति खराब है। एमए प्राचीन इतिहास में 40 सीटों पर सिर्फ 20 ही आवेदन आवेदन आए हैं। एमए अर्थशास्त्र, क्लीनिकल साइक्लोलॉजी का भी यही हाल। महिला सशक्तिकरण और उद्यमिता विकास डिप्लोमा कोर्स में महज पांच-पांच आवेदन आए हैं। इन कोर्स के लिए विश्वविद्यालय को अभ्यर्थी नहीं मिल रहे।
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