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10.5 माह में आधे से ज्यादा काम शुरू नहीं हुए
Updated Tue, 13 Feb 2018 10:01 AM IST
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फ्लैग- जिला पंचायत का हाल
10 माह में आधे से ज्यादा काम शुरू ही नहीं हुए
सात करोड़ के पुराने और नौ करोड़ के नए काम पेंडिंग
बरेली। चालू वित्तीय वर्ष खत्म होने में लगभग डेढ़ महीना ही बाकी है, लेकिन जिला पंचायत में तीन माह पहले मंजूर हुए सीसी रोड और नाली निर्माण के नौ करोड़ के कामों में आधे से ज्यादा शुरू नहीं हो पाए हैं। पूर्व में स्वीकृत सात करोड़ के काम भी ई-टेंडरिंग की वजह से पेंडिंग हैं। अविश्वास प्रस्ताव के झमेले में पूरे साल उलझी रही जिला पंचायत का ग्रामीण क्षेत्रों में काम कराने का यह सबसे खराब प्रदर्शन माना जा रहा है।
जिला पंचायत बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2017-18 के प्रारंभिक तीन महीने में ही सात करोड़ के काम मंजूर किए थे, लेकिन विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने की वजह से इनके टेंडर पूरे नहीं हो पाए। सरकार बदलने के बाद इन कामों को मंजूरी तो मिल गई, लेकिन ई-टेंडरिंग लागू होने से पुराने टेंडर निरस्त कर दिए गए। दोबारा टेंडर कराने की मशक्कत चलती रही। इसी बीच अध्यक्ष संजय सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आ गया। इसमें संजय अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहे। दिसंबर, 2017 तक पीडब्ल्यूडी के शेड्यूल रेट नहीं आए। इस वजह से काम शुरू नहीं हुए। इसी बीच जिला पंचायत ने नौ करोड़ के कामों का एस्टीमेट मंजूरी के लिए शासन को भेजा। इनमें से भी अधिकांश काम अभी शुरू नहीं हुए हैं, जबकि इनको 31 मार्च तक पूरा करना है।
कोट--
बरेली जिला पंचायत ने सबसे पहले ई-टेंडरिंग व्यवस्था लागू की है। पूरी प्रक्रिया में देर लग गई। पहले के मंजूर काफी काम शुरू करा दिए हैं। बाकी बचे काम भी जल्द शुरू कराकर 31 मार्च से पहले पूरा करा दिए जाएंगे। - संजय सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष
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10 माह में आधे से ज्यादा काम शुरू ही नहीं हुए
सात करोड़ के पुराने और नौ करोड़ के नए काम पेंडिंग
बरेली। चालू वित्तीय वर्ष खत्म होने में लगभग डेढ़ महीना ही बाकी है, लेकिन जिला पंचायत में तीन माह पहले मंजूर हुए सीसी रोड और नाली निर्माण के नौ करोड़ के कामों में आधे से ज्यादा शुरू नहीं हो पाए हैं। पूर्व में स्वीकृत सात करोड़ के काम भी ई-टेंडरिंग की वजह से पेंडिंग हैं। अविश्वास प्रस्ताव के झमेले में पूरे साल उलझी रही जिला पंचायत का ग्रामीण क्षेत्रों में काम कराने का यह सबसे खराब प्रदर्शन माना जा रहा है।
जिला पंचायत बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2017-18 के प्रारंभिक तीन महीने में ही सात करोड़ के काम मंजूर किए थे, लेकिन विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने की वजह से इनके टेंडर पूरे नहीं हो पाए। सरकार बदलने के बाद इन कामों को मंजूरी तो मिल गई, लेकिन ई-टेंडरिंग लागू होने से पुराने टेंडर निरस्त कर दिए गए। दोबारा टेंडर कराने की मशक्कत चलती रही। इसी बीच अध्यक्ष संजय सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आ गया। इसमें संजय अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहे। दिसंबर, 2017 तक पीडब्ल्यूडी के शेड्यूल रेट नहीं आए। इस वजह से काम शुरू नहीं हुए। इसी बीच जिला पंचायत ने नौ करोड़ के कामों का एस्टीमेट मंजूरी के लिए शासन को भेजा। इनमें से भी अधिकांश काम अभी शुरू नहीं हुए हैं, जबकि इनको 31 मार्च तक पूरा करना है।
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कोट--
बरेली जिला पंचायत ने सबसे पहले ई-टेंडरिंग व्यवस्था लागू की है। पूरी प्रक्रिया में देर लग गई। पहले के मंजूर काफी काम शुरू करा दिए हैं। बाकी बचे काम भी जल्द शुरू कराकर 31 मार्च से पहले पूरा करा दिए जाएंगे। - संजय सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष
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