फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   50 lakh rupees spent on lighting, yet darkness prevails

Bareilly News: प्रकाश व्यवस्था पर 50 लाख रुपये खर्च, फिर भी अंधेरा

Sat, 29 Nov 2025 02:50 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 29 Nov 2025 02:50 AM IST
विज्ञापन
50 lakh rupees spent on lighting, yet darkness prevails
फरीदपुर। कस्बे में 50 लाख रुपये का बजट खपाने के बाद भी जगह-जगह अंधेरा है। अव्यवस्थाओं से स्ट्रीट लाइटें खराब हैं तो कहीं स्ट्रीट लाइट ही गायब हो गए हैं। खराब हुए स्ट्रीट लाइटों को उतार कर अभी तक ठीक नहीं कराया जा सका है। इससे कई मार्गों से गुजरने वाले लोगों को रात में परेशानी झेलनी पड़ रही है, लेकिन जिम्मेदार अंजान बने हुए हैं।
विज्ञापन

नगर पालिका परिषद के सभासद देवेंद्र सिंह टोनी ने बताया कि पालिका द्वारा कस्बे में प्रकाश व्यवस्था के लिए विगत कई वर्ष पूर्व मेन रोड और सार्वजनिक रास्तों पर पोल लगवा कर स्ट्रीट लाइटें लगवाई गई थीं। एक वर्ष में 50 लाख रुपये खर्च किए गए। इसके रखरखाव और प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ रखने की व्यवस्था अब चौपट हो गई है। इनमें से 30% खंभों पर लाइट ही नहीं है। उसमें लगाए गए एलईडी भी उतार लिए गए हैं। उन खंभों पर वर्षों बाद भी स्ट्रीट लाइट नहीं लगवाए गए हैं।
विज्ञापन

सभासद संजीव शुक्ला ने आरोप लगाया कि प्रकाश व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए लगाए गए बजट में बंदरबांट कर लिया गया है। इसलिए एक वर्ष से यह समस्या बरकरार है। उनका कहना है कि यदि बजट से स्ट्रीट लाइट में 50% भी खर्च किया जाए। तब भी कस्बे में रोशनी की व्यवस्था बेहतर हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

कस्बे में 2500 खंभे, 700 निष्क्रिय
सभासदों के अनुसार, कस्बे में 2500 खंभे हैं। इसमें करीब 300 निष्क्रिय हैं, जिसमें कुछ खराब है तो कुछ में लगे एलईडी ही निकाल लिए गए हैं। लोगों ने कहा कि यह समस्या कस्बे में एक साल से है। लोगों ने इस पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए जांच की मांग उठाई है। उनका कहना है कि गौसगंज मार्ग से आश्रम तक स्ट्रीट लाइट के खराब रहने के लिए चलते अंधेरा रहता है। ऐसे में इस मार्ग से गुजरने में डर लगता है। संवाद

---
स्ट्रीट लाइटें क्यों नहीं लगाई गई, करेंगे जांच : ईओ

नगर पालिका के ईओ पुनित कुमार ने बताया कि कस्बे में उतारी गई स्ट्रीट लाइटें क्यों नहीं लगाई गई। इसके लिए जांच कराएंगे। साथ ही प्रकाश व्यवस्था पर कितनी राशि खर्च की गई है। वह जानकारी करके ही बता सकते हैं। उनके समय में प्रकाश व्यवस्था पर कोई खर्च नहीं किया गया है। उससे पहले का आंकड़ा देखने के लिए उन्हें समय चाहिए होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed