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नाबार्ड ने बनाई 4286 करोड़ रुपये की ऋण योजना
बरेली
Updated Thu, 21 Jan 2016 01:35 AM IST
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राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने बरली जिले में वर्ष 2016-17 के लिए 4286 करोड़ रुपये की ऋण योजना बनाई है। यह योजना लीड बैंक को भेज दी गई है।
पहली अप्रैल 2016 से जिले के सभी बैंक इसे लागू करेंगे। विकास भवन सभागार में एक कार्यक्रम में जिले के मुख्य विकास अधिकारी एवं प्रभारी जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने नाबार्ड की योजना से संबधित पुस्तिका पीएलपी 2016-17 का विमोचन किया। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक आलोक गुप्ता ने बताया कि ऋण योजना में सबसे ज्यादा कृषि ऋण के लिए 3332 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें फसली ऋण के लिए 2128 करोड़ करोड़ हैं। इसके अलावा छोटे, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए 571 करोड़, निर्यात ऋण के लिए 26 करोड़, शिक्षा ऋण के लिए 77 करोड़, आवासीय ऋण के लिए 225 करोड़, पशुपालन के लिए 231 करोड़, कृषि यंत्रीकरण के लिए 182 करोड़, बागवानी के लिए 10 करोड़ और मछली पालन के लिए 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है। आलोक गुप्ता ने बताया कि योजना में इस साल कृषि के लिए पूंजी निर्माण पर ज्यादा जोर दिया गया है। इस मौके पर डीआरडीए के परियोजना निदेशक साहित्य प्रकाश मिश्र, अग्रणी बैंक अधिकारी देवेंद्र सक्सेना, बड़ौदा स्वरोजगार विकास संस्थान के निदेशक दुर्गेश सौरखिया आदि मौजूद रहे।
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पहली अप्रैल 2016 से जिले के सभी बैंक इसे लागू करेंगे। विकास भवन सभागार में एक कार्यक्रम में जिले के मुख्य विकास अधिकारी एवं प्रभारी जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने नाबार्ड की योजना से संबधित पुस्तिका पीएलपी 2016-17 का विमोचन किया। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक आलोक गुप्ता ने बताया कि ऋण योजना में सबसे ज्यादा कृषि ऋण के लिए 3332 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें फसली ऋण के लिए 2128 करोड़ करोड़ हैं। इसके अलावा छोटे, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए 571 करोड़, निर्यात ऋण के लिए 26 करोड़, शिक्षा ऋण के लिए 77 करोड़, आवासीय ऋण के लिए 225 करोड़, पशुपालन के लिए 231 करोड़, कृषि यंत्रीकरण के लिए 182 करोड़, बागवानी के लिए 10 करोड़ और मछली पालन के लिए 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है। आलोक गुप्ता ने बताया कि योजना में इस साल कृषि के लिए पूंजी निर्माण पर ज्यादा जोर दिया गया है। इस मौके पर डीआरडीए के परियोजना निदेशक साहित्य प्रकाश मिश्र, अग्रणी बैंक अधिकारी देवेंद्र सक्सेना, बड़ौदा स्वरोजगार विकास संस्थान के निदेशक दुर्गेश सौरखिया आदि मौजूद रहे।
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