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दिल्ली हाईवे पर 70 बीघा में बन रही अवैध कालोनी

Thu, 16 May 2019 02:20 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 16 May 2019 02:20 AM IST
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दिल्ली हाईवे पर 70 बीघा में बन रही अवैध कालोनी
बरेली। ‘जेई साहब के साथ मामला पूरी तरह सेट हो चुका है। पूरे शहर में कहीं भी देख लो, इतनी बड़ी कॉलोनी में इतना सस्ता मकान कहीं नहीं मिलेगा। साठ गज का मकान सिर्फ साढ़े आठ लाख में, दो कमरे, किचन और टॉयलेट। फिर भी कोई दिक्कत हो तो बैंक से फाइनेंस भी हो जाएगा। ’ दिल्ली हाईवे पर खड़ौआ गांव के पास 70 बीघा क्षेत्रफल में जागेश्वर रेजिडेंसी के नाम से अवैध कॉलोनी बना रहे बिल्डर के कारिंदे ने अमर उजाला टीम के सामने एक सांस में कॉलोनी की सारी खूबियां बयान कर दीं। यह भी दावा किया कि कॉलोनी बनवा रहे साहब पहले बीडीए में ही इंजीनियर थे, लिहाजा कोई मुश्किल आने वाली नहीं है।
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सीबीगंज से आगे खड़ौआ मोड़ से रेलवे क्रॉसिंग पार करके गांव के अंदर से खड़ंजा बिछे संकरे रास्ते से होली चौराहा होते हुए पूरब दिशा में निकलने पर दूर से ही सामने निर्माण कार्य चलता दिख जाता है। शाम करीब साढ़े चार बजे अमर उजाला की टीम एक और बड़ी अवैध कॉलोनी का आकार ले रहे इस निर्माण कार्य का जायजा लेने पहुंचीं तो बाहर ही ऑफिस दिखा, जिस पर ‘जागेश्वर रेजिडेंसी सरल निवास-सफल निवास’ का बड़ा सा बोर्ड लगा हुआ है। इसी बोर्ड पर नीचे यह भी सूचना दर्ज है कि जरूरतमंद मासिक किस्तों पर भी घर खरीद सकते हैं। ऑफिस से कुछ दूर दो कमरों का एक छोटा सा मॉडल होम बनाया गया है। ऑफिस के सामने ही पड़ी दो कुर्सियाें पर विराजमान बिल्डर के कारिंदों से जब कॉलोनी के बारे में पूछताछ की तो उन्होंने उसकी खूबियां गिनानी शुरू कर दीं।
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इनमें से एक क्षेत्रपाल ने बताया कि बिल्डर की ओर से 80 परसेंट तक बैंक लोन दिलाने की जिम्मेदारी ली जा रही है। 11 हजार रुपये देकर कोई भी बुकिंग करा सकता है। हाईवे तक जाने के लिए दो रास्ते हैं। पहला खड़ौआ गांव होते हुए है जिस पर नगर निगम से यह रोड सीसी मंजूर हो चुका है। दूसरा रास्ता रेलवे लाइन के किनारे होते हुए हाईवे पहुंचता है जिसे वह बना रहे हैं। यह पूछने पर कि कॉलोनी का नक्शा बीडीए से स्वीकृत है या नहीं क्षेत्रपाल ने उल्टा सवाल किया, बोले- पूरे शहर में जाकर देख लो, जितनी कालोनियां बन रही हैं, उनमें कितनी के नक्शे स्वीकृत हैं। नक्शा मंजूर कराने से तो रेट और बढ़ जाता है, इसमें ग्राहक को ही नुकसान है। नक्शे को पूछ भी कौन रहा है, न जाने कब से बिना नक्शे के कालोनियां धड़ाधड़ बन रही हैं। वैसे भी साहब बीडीए में इंजीनियर रह चुके है। बीडीए के जेई साहब से भी सारी बात हो चुकी है। ज्यादा सोचाविचारी की जरूरत नहीं। बुकिंग कराओ, यहां से सस्ता कहीं नहीं मिलेगा।
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बीडीए को भूल जाओ, जेई से बात करो और निर्माण कराओ
बीडीए क्षेत्र में दिल्ली हाईवे का एरिया सीबीगंज होते हुए परसाखेड़ा तक जेई एके त्यागी के अधीन है। बताया जाता है कि एके त्यागी के कार्यकाल में इस रोड पर पहले ही तमाम अवैध निर्माण हो चुके हैं। यह पूरा इलाका किस कदर अनियोजित ढंग से विकसित हो रहा है, यह अंदाजा अब भी हाईवे के दोनों ओर चल रहे अवैध निर्माण देखकर लगाया जा सकता है। करीब 10-12 अवैध क़ॉलोनियों के साथ एक कान्वेंट स्कूल की बिल्डिंग भी हाईवे पर बन रही है। इससे पहले रोड के दूसरे तरफ अवैध निर्माण रोकने की जिम्मेदारी दूसरे जेई की थी जो रिटायर हो चुके हैं।

अमर उजाला को व्हाट्सएप पर मिली अवैध निर्माण की सूचना
जागेश्वर रेजिडेंसी समेत दिल्ली हाईवे के आसपास कई अवैध कॉलोनियां बनाए जाने की सूचना इसी इलाके के एक शख्स ने अमर उजाला को व्हाट्सएप पर कई तस्वीरों के साथ भेजी थी। इसके साथ मौके पर आकर अवैध निर्माण के हालात देखने की गुजारिश की गई थी। इसी के बाद बुधवार को अमर उजाला की टीम दिल्ली रोड पर हालात का जायजा लेने पहुंची। हालात व्हाट्सएप पर मिली सूचना से भी ज्यादा बदतर मिले।


दिल्ली हाईवे पर जागेश्वर रेजिडेंसी नाम से जो कॉलोनी बन रही है, उसका लेआउट बीडीए से स्वीकृत नहीं है। टीम भेजकर इसकी जांच कराई जाएगी और अवैध कॉलोनी निर्माण करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। दिव्या मित्तल, उपाध्यक्ष बीडीए
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