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खुद ही ख्याल रखना बेबी!, क्योंकि जब तक आएगा नमूनों का जवाब, तब तक हो जाएगी सेहत खराब
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बरेली। एफएसडीए (खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन) विभाग को भले ही न दिखे, लेकिन इन दिनों बाजार करोड़ों रुपये के जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी के संदिग्ध उत्पाद से भरे हुए हैं। राजस्थान में लिए नमूनाें में खतरनाक रसायनों की पुष्टि हुई थी। इसके बाद देश भर में छापेमारी शुरू हुई थी। बरेेली में दस दिन पहले बाजार से लिए गए दस सैंपलों की रिपोर्ट लैब से अब तक नहीं आई है, जबकि सैंपल लिए गए बैच नंबर के उत्पादों की खपत की जा चुकी है। ज्यादातर दुकानों और कुछ अस्पतालों में धड़ल्ले से संदिग्ध जॉनसन उत्पाद बेचे जा रहे हैं।
सैंपल रिपोर्ट आई नहीं, बाजार में खप गया माल
दस दिन पहले बाजार बंदी के दौरान भरे गए सैंपलों की जांच लैब से अभी तक नहीं आई है। जिला एफएसडीए अधिकारियों ने भी मौन साध लिया है। अफसरों ने सैंपल तो लिए, लेकिन सैंपल लिए गए बैच नंबरों का माल सीज नहीं कराया। न ही बिकने से रुकवाया गया। क्योंकि अगर रिपोर्ट गलत आती तो कारोबारियों को बड़ा नुकसान होता। इस मिलीभगत से लाखों रुपये का संदिग्ध माल इन दिनों इधर उधर खप गया है। अब चर्चा है कि अगर रिपोर्ट निगेटिव आई तो व्यापारियों पर क्या कार्रवाई होगी? क्याेंकि रिपोर्ट आने तक अमुक बैच नंबर के संदिग्ध उत्पाद की खपत तो हो चुकी होगी। दुकानदारों के पास करोड़ों रुपये का स्टाक है, इसलिए विभाग ने जॉनसन एंड जॉनसन के संदिग्ध उत्पादों के प्रति सचेत रहने के लिए कोई अभियान अथवा प्रचार नहीं किया। किसी भी दुकान पर इसकी चेतावनी तक प्रदर्शित नहीं कराई है। बताया जाता है कि विभाग ने लैब जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में देने के निर्देश दिए हैं, लेकिन नीचे से ऊपर तक मिलीभगत होने से रिपोर्ट में हेराफेरी भी हो जाती है। बताया जाता है कि इन दिनों जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी अपनी साख बचाने को सेटिंग में लगी है। बता दें कि इस कंपनी के उत्पाद अमेरिका में पहले से ही प्रतिबंधित किए जा चुके हैं।
यह था मामला
पिछले दिनों राजस्थान में छापेमारी के दौरान जॉनसन एंड जॉनसन बेबी स्किन ऑयल, शैंपू आदि के लिए गए सैंपल लैब जांच में फेल हो गए थे। जांच में फार्मेल्डिहाइड जैसे खतरनाक रसायनों की पुष्टि हुई थी जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। इसके बाद राजस्थान के एफएसडीए विभाग ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर जॉनसन एंड जॉनसन के उत्पाद जांच में अनसेफ पाए जाने की जानकारी दी। पत्र में बैच नंबर बीबी 58204 और बीबी 58177 को तुरंत बाजार से हटाने और जब्त करने को कहा था, जबकि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने इन संदिग्ध उत्पादों के कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई को कहा था। इसके तहत ही उत्तर प्रदेश एफएसडीए विभाग ने भी सभी जिलोें को छापे मारने के निर्देश दिए, लेकिन बरेली जिला एफएसडीए कार्यालय आदेश दबाकर बैठ गया। कार्यालय ने प्रमुख व्यापारियों को भी इसकी भनक दे दी, इससे अमुक बैच नंबर का स्टाक इधर-उधर हो गया। इसकी जानकारी मिलने पर सहायक आयुक्त (औषधि) आरपी पांडे ने खरी खोटी सुनाई और सैंपलिंग कराई। टीम ने खानापूर्ति कर नामधारी, सलूजा और वरुण ट्रेडर्स से दस सैंपल भर लिए।
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दस दिन पहले जॉनसन एंड जॉनसन शैंपू आदि के दस नमूने टीम ने भरे थे। मंडल भर में अभियान चलाया गया है। अभी लैब से रिपोर्ट नहीं मिली है। जिला एफएसडीए कार्यालय को संदिग्ध उत्पादों का प्रचार और इसे इस्तेमाल नहीं करने का प्रचार करना चाहिए।
- आरपी पांडे, सहायक आयुक्त (औषधि)
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सैंपल रिपोर्ट आई नहीं, बाजार में खप गया माल
दस दिन पहले बाजार बंदी के दौरान भरे गए सैंपलों की जांच लैब से अभी तक नहीं आई है। जिला एफएसडीए अधिकारियों ने भी मौन साध लिया है। अफसरों ने सैंपल तो लिए, लेकिन सैंपल लिए गए बैच नंबरों का माल सीज नहीं कराया। न ही बिकने से रुकवाया गया। क्योंकि अगर रिपोर्ट गलत आती तो कारोबारियों को बड़ा नुकसान होता। इस मिलीभगत से लाखों रुपये का संदिग्ध माल इन दिनों इधर उधर खप गया है। अब चर्चा है कि अगर रिपोर्ट निगेटिव आई तो व्यापारियों पर क्या कार्रवाई होगी? क्याेंकि रिपोर्ट आने तक अमुक बैच नंबर के संदिग्ध उत्पाद की खपत तो हो चुकी होगी। दुकानदारों के पास करोड़ों रुपये का स्टाक है, इसलिए विभाग ने जॉनसन एंड जॉनसन के संदिग्ध उत्पादों के प्रति सचेत रहने के लिए कोई अभियान अथवा प्रचार नहीं किया। किसी भी दुकान पर इसकी चेतावनी तक प्रदर्शित नहीं कराई है। बताया जाता है कि विभाग ने लैब जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में देने के निर्देश दिए हैं, लेकिन नीचे से ऊपर तक मिलीभगत होने से रिपोर्ट में हेराफेरी भी हो जाती है। बताया जाता है कि इन दिनों जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी अपनी साख बचाने को सेटिंग में लगी है। बता दें कि इस कंपनी के उत्पाद अमेरिका में पहले से ही प्रतिबंधित किए जा चुके हैं।
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यह था मामला
पिछले दिनों राजस्थान में छापेमारी के दौरान जॉनसन एंड जॉनसन बेबी स्किन ऑयल, शैंपू आदि के लिए गए सैंपल लैब जांच में फेल हो गए थे। जांच में फार्मेल्डिहाइड जैसे खतरनाक रसायनों की पुष्टि हुई थी जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। इसके बाद राजस्थान के एफएसडीए विभाग ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर जॉनसन एंड जॉनसन के उत्पाद जांच में अनसेफ पाए जाने की जानकारी दी। पत्र में बैच नंबर बीबी 58204 और बीबी 58177 को तुरंत बाजार से हटाने और जब्त करने को कहा था, जबकि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने इन संदिग्ध उत्पादों के कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई को कहा था। इसके तहत ही उत्तर प्रदेश एफएसडीए विभाग ने भी सभी जिलोें को छापे मारने के निर्देश दिए, लेकिन बरेली जिला एफएसडीए कार्यालय आदेश दबाकर बैठ गया। कार्यालय ने प्रमुख व्यापारियों को भी इसकी भनक दे दी, इससे अमुक बैच नंबर का स्टाक इधर-उधर हो गया। इसकी जानकारी मिलने पर सहायक आयुक्त (औषधि) आरपी पांडे ने खरी खोटी सुनाई और सैंपलिंग कराई। टीम ने खानापूर्ति कर नामधारी, सलूजा और वरुण ट्रेडर्स से दस सैंपल भर लिए।
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दस दिन पहले जॉनसन एंड जॉनसन शैंपू आदि के दस नमूने टीम ने भरे थे। मंडल भर में अभियान चलाया गया है। अभी लैब से रिपोर्ट नहीं मिली है। जिला एफएसडीए कार्यालय को संदिग्ध उत्पादों का प्रचार और इसे इस्तेमाल नहीं करने का प्रचार करना चाहिए।
- आरपी पांडे, सहायक आयुक्त (औषधि)