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‘उद्यान’ में अफसर की कुर्सी खाली, कौन दिलाए कमरे की ताली
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बरेली। उद्यान विभाग में दो बड़े अफसरों के बीच खींचतान अब भी जारी है। रामपुर तबादला होने के बाद जिला उद्यान अधिकारी डॉ. पूजा ने अपने ही विभाग के सीनियर अफसर पर राजकीय कार्यों में बाधा डालने और खुद के मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उन्होंने डायरेक्टर से दिशा-निर्देश मांगे हैं कि आचार संहिता लगने से पहले उनका तबादला रामपुर हो गया था, लेकिन शासनादेश में बरेली डीएचओ के पद का चार्ज सौंपने के संबंध में कोई निर्देश नहीं दिया गया है।
निदेशक उद्यान विभाग के अलावा महिला आयोग और चुनाव आयोग को लिखे पत्र में डीएचओ ने अपने विभाग के सीनियर अफसर (डिप्टी डायरेक्टर) मनोहर सिंह पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। डीएचओ डॉ. पूजा के अनुसार सात मार्च से वह रामपुर में डीएचओ पद पर कार्यरत हैं। डीएचओ बरेली से उनको रिलीव करने का आदेश 13 मार्च को ई-मेल से मिला, तब तक आचार संहिता लग चुकी थी। उद्यान निरीक्षक को जिलाधिकारी ने चार्ज दिया है, मगर वह वित्तीय और प्रशासनिक कार्य नहीं कर सकते। शासनादेश में उनको रामपुर ज्वाइन करने के लिए कहा गया था, लेकिन चार्ज सौंपने के बारे में निर्देश नहीं थे, इसलिए वह बरेली का भी काम देख रही हैं। डीएचओ का आरोप है कि डिप्टी डायरेक्टर ने अपने लिपिक मनोज यादव के साथ उनके बरेली दफ्तर आए और उनके कक्ष में ताला लगा दिया। चाबी अपने पास रख ली। उनकी नेम प्लेट भी उखाड़कर ले गए। यह उनका मानसिक उत्पीड़न और चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। डीएचओ ने डिप्टी डायरेक्टर से व्यक्तिगत नुकसान की आशंका जाहिर करते हुए लिखा है कि उनके साथ कोई भी अप्रिय घटित होता है तो इसकी जिम्मेदारी उप निदेशक की होगी। डीएचओ ने कहा कि 19 मार्च तक अगर उनके कक्ष का ताला नहीं खुलवाया गया तो वह विभागीय कार्य में बाधा डालने, महिला अधिकारों का हनन करने, मानसिक उत्पीड़न करने और स्टाफ को धमकाने की धाराओं में विधिक कार्रवाई करने को मजबूर होंगी।
डीएचओ बरेली से रिलीव हो चुकी हैं। डीएम ने वहां कार्यवाहक अधिकारी नियुक्त कर दिया है। डॉ. पूजा का अब अधिकार ही क्या रह गया। वह किस हैसियत से पत्र लिख रही हैं। डीएचओ महिला कार्ड खेल रही है। उनके आरोप गलत हैं। जहां तक दफ्तर में ताला बंद करने की बात है तो सीडीओ ने कहा था कि डीएचओ दफ्तर का ताला बदलवा दीजिए। वही करने गया था। - मनोहर सिंह, उप निदेशक, उद्यान
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निदेशक उद्यान विभाग के अलावा महिला आयोग और चुनाव आयोग को लिखे पत्र में डीएचओ ने अपने विभाग के सीनियर अफसर (डिप्टी डायरेक्टर) मनोहर सिंह पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। डीएचओ डॉ. पूजा के अनुसार सात मार्च से वह रामपुर में डीएचओ पद पर कार्यरत हैं। डीएचओ बरेली से उनको रिलीव करने का आदेश 13 मार्च को ई-मेल से मिला, तब तक आचार संहिता लग चुकी थी। उद्यान निरीक्षक को जिलाधिकारी ने चार्ज दिया है, मगर वह वित्तीय और प्रशासनिक कार्य नहीं कर सकते। शासनादेश में उनको रामपुर ज्वाइन करने के लिए कहा गया था, लेकिन चार्ज सौंपने के बारे में निर्देश नहीं थे, इसलिए वह बरेली का भी काम देख रही हैं। डीएचओ का आरोप है कि डिप्टी डायरेक्टर ने अपने लिपिक मनोज यादव के साथ उनके बरेली दफ्तर आए और उनके कक्ष में ताला लगा दिया। चाबी अपने पास रख ली। उनकी नेम प्लेट भी उखाड़कर ले गए। यह उनका मानसिक उत्पीड़न और चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। डीएचओ ने डिप्टी डायरेक्टर से व्यक्तिगत नुकसान की आशंका जाहिर करते हुए लिखा है कि उनके साथ कोई भी अप्रिय घटित होता है तो इसकी जिम्मेदारी उप निदेशक की होगी। डीएचओ ने कहा कि 19 मार्च तक अगर उनके कक्ष का ताला नहीं खुलवाया गया तो वह विभागीय कार्य में बाधा डालने, महिला अधिकारों का हनन करने, मानसिक उत्पीड़न करने और स्टाफ को धमकाने की धाराओं में विधिक कार्रवाई करने को मजबूर होंगी।
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डीएचओ बरेली से रिलीव हो चुकी हैं। डीएम ने वहां कार्यवाहक अधिकारी नियुक्त कर दिया है। डॉ. पूजा का अब अधिकार ही क्या रह गया। वह किस हैसियत से पत्र लिख रही हैं। डीएचओ महिला कार्ड खेल रही है। उनके आरोप गलत हैं। जहां तक दफ्तर में ताला बंद करने की बात है तो सीडीओ ने कहा था कि डीएचओ दफ्तर का ताला बदलवा दीजिए। वही करने गया था। - मनोहर सिंह, उप निदेशक, उद्यान
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