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फीस अध्यादेश- अफसर शिकायत पर ही नहीं कर रहे सुनवाई तो स्कूलों पर क्या खाक करेंगे कार्रवाई
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बरेली। शैक्षिक सत्र खत्म होने से पहले स्कूलों ने जिला शुल्क समिति के ढुलमुल रवैये का फायदा उठाना शुरू कर दिया है। फीस न जमा होने पर स्कूल तीन हजार रुपये तक विलंब शुल्क वसूल रहे हैं। कई स्कूलों में अभिभावकों के विरोध के बाद अब अफसर ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के दावे कर रहेे हैं। अभिभावकों को शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा जा रहा है, जबकि हकीकत यह है कि समिति शिकायत दर्ज करना तो दूर उनकी सुनने तक को तैयार ही नहीं है।
बुधवार को एक स्कूल में 2600 सौ रुपये विलंब शुल्क वसूलने पर हंगामा हुआ था। बृहस्पतिवार को भी कुछ अभिभावक स्कूल पहुंचे और विलंब शुल्क पर विरोध जताया। उनकी स्टाफ से नोकझोंक भी हुई। बाद में स्कूल प्रशासन को विलंब शुल्क छोड़ना पड़ा। दरअसल 31 मार्च को शैक्षिक सत्र खत्म होने वाला है। स्कूल आखिरी किस्त वसूलने में जुटे हैं। जिन अभिभावकों ने फीस नहीं जमा की उनके बच्चों के रिपोर्ट कार्ड रोककर दो से तीन हजार रुपये विलंब शुल्क वसूला जा रहा है। अभिभावक संघ के अध्यक्ष अंकुर सक्सेना के अनुसार पिछले कुछ समय से समिति ने फीस मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया। कई शिकायतें पहुंची, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। कई छात्रों को फीस जमा न होने पर परीक्षा से रोकने की धमकी दी गई। घरों पर नोटिस भेजे गए। अगर शुल्क समिति कोई हल निकाल देती तो पेरेेंट्स को इतना प्रताड़ित नहीं होना पड़ता। अब विलंब शुल्क लेकर उनका शोषण किया जा रहा है। हालांकि कुछ स्कूलों का मामला सामने आने के बाद डीएम ने संज्ञान लिया है। ऐसे स्कूलों पर शिकंजा कसा जाएगा। डीएम ने कहा कि अभिभावक शिकायत करें। स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावक अपनी शिकायत दर्ज कराएं। ऐसे स्कूलों की जांच कराई जाएगी। मनमानी लेट फीस वसूलने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी।
- वीरेंद्र कुमार सिंह, डीएम
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बुधवार को एक स्कूल में 2600 सौ रुपये विलंब शुल्क वसूलने पर हंगामा हुआ था। बृहस्पतिवार को भी कुछ अभिभावक स्कूल पहुंचे और विलंब शुल्क पर विरोध जताया। उनकी स्टाफ से नोकझोंक भी हुई। बाद में स्कूल प्रशासन को विलंब शुल्क छोड़ना पड़ा। दरअसल 31 मार्च को शैक्षिक सत्र खत्म होने वाला है। स्कूल आखिरी किस्त वसूलने में जुटे हैं। जिन अभिभावकों ने फीस नहीं जमा की उनके बच्चों के रिपोर्ट कार्ड रोककर दो से तीन हजार रुपये विलंब शुल्क वसूला जा रहा है। अभिभावक संघ के अध्यक्ष अंकुर सक्सेना के अनुसार पिछले कुछ समय से समिति ने फीस मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया। कई शिकायतें पहुंची, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। कई छात्रों को फीस जमा न होने पर परीक्षा से रोकने की धमकी दी गई। घरों पर नोटिस भेजे गए। अगर शुल्क समिति कोई हल निकाल देती तो पेरेेंट्स को इतना प्रताड़ित नहीं होना पड़ता। अब विलंब शुल्क लेकर उनका शोषण किया जा रहा है। हालांकि कुछ स्कूलों का मामला सामने आने के बाद डीएम ने संज्ञान लिया है। ऐसे स्कूलों पर शिकंजा कसा जाएगा। डीएम ने कहा कि अभिभावक शिकायत करें। स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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अभिभावक अपनी शिकायत दर्ज कराएं। ऐसे स्कूलों की जांच कराई जाएगी। मनमानी लेट फीस वसूलने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी।
- वीरेंद्र कुमार सिंह, डीएम