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जिले को ओडीएफ बनाने पर बारिश फेर रही पानी
Updated Wed, 15 Aug 2018 01:00 AM IST
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प्रशासन ने जिले को 15 अगस्त तक खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) बनाने का मिशन तय किया था लेकिन बारिश ने इसमें अड़ंगा लगा दिया है। अभी 42 हजार लाभार्थियों को शौचालय बनाने का पैसा भी नहीं दिया जा सका है। जिन्हें पैसा मिल चुका है, उनमें भी सवा लाख लोगों के टॉयलेट अधूरे पड़े हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिले को ओडीएफ बनाने का लक्ष्य अब हर हाल में दो अक्तूूबर तक पूरा हो जाएगा।
ओडीएफ घोषित करने के लिए जिले में इस वर्ष 1.78 लाख घरों में शौचालयों का निर्माण कराया जाना है। डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने इस मुहिम को गति देने की कोशिश की। डीएम ने इस अभियान को 15 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया था। सीडीओ सत्येंद्र कुमार की तरफ से भी इसकी लगातार समीक्षा हुई लेकिन लक्ष्य पूरा नहीं किया जा सका। डीपीआरओ की तरफ से अभी 1.30 लाख लोगोें को ही पहली किस्त जारी हो सकी है, जबकि 42 हजार ऐसे लाभार्थी हैं, जिन्हें अब तक एक भी किस्त जारी नहीं हुई है। जाहिर है कि अब तक हजारों घरों में शौचालयों के निर्माण नहीं हो सके हैं। अधिकारियों का कहना है कि लाभार्थियों के खाते में पैसा तो दे दिया गया है लेकिन बारिश की वजह से ग्रामीण इलाकों में लोगों को निर्माण कार्य कराने में दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
45 करोड़ रुपये फिर होने हैं जारी
स्वच्छ भारत मिशन के तहत पंचायतीराज विभाग को हाल में 45 करोड़ का बजट मिल गया है। इसके लिए बाकी रहे लाभार्थियों को पहली और दूसरी किस्त का पैसा दिया जाना है। डीपीआरओ की ओर लाभार्थियों के अकाउंट नंबर मांगे जा रहे हैं।
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वर्जन
टॉयलेट बनाने के लिए लाभार्थियों के खाते में पैसा जारी हो रहा है। पंचायत सेक्रेटरी को आदेश दे दिए गए हैं कि वे भी इस काम को पूरा कराएं। दो अक्तूबर तक काम पूरा करा लिया जाएगा। - विनय कुमार सिंह, डीपीआरओ
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ओडीएफ घोषित करने के लिए जिले में इस वर्ष 1.78 लाख घरों में शौचालयों का निर्माण कराया जाना है। डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने इस मुहिम को गति देने की कोशिश की। डीएम ने इस अभियान को 15 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया था। सीडीओ सत्येंद्र कुमार की तरफ से भी इसकी लगातार समीक्षा हुई लेकिन लक्ष्य पूरा नहीं किया जा सका। डीपीआरओ की तरफ से अभी 1.30 लाख लोगोें को ही पहली किस्त जारी हो सकी है, जबकि 42 हजार ऐसे लाभार्थी हैं, जिन्हें अब तक एक भी किस्त जारी नहीं हुई है। जाहिर है कि अब तक हजारों घरों में शौचालयों के निर्माण नहीं हो सके हैं। अधिकारियों का कहना है कि लाभार्थियों के खाते में पैसा तो दे दिया गया है लेकिन बारिश की वजह से ग्रामीण इलाकों में लोगों को निर्माण कार्य कराने में दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
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45 करोड़ रुपये फिर होने हैं जारी
स्वच्छ भारत मिशन के तहत पंचायतीराज विभाग को हाल में 45 करोड़ का बजट मिल गया है। इसके लिए बाकी रहे लाभार्थियों को पहली और दूसरी किस्त का पैसा दिया जाना है। डीपीआरओ की ओर लाभार्थियों के अकाउंट नंबर मांगे जा रहे हैं।
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टॉयलेट बनाने के लिए लाभार्थियों के खाते में पैसा जारी हो रहा है। पंचायत सेक्रेटरी को आदेश दे दिए गए हैं कि वे भी इस काम को पूरा कराएं। दो अक्तूबर तक काम पूरा करा लिया जाएगा। - विनय कुमार सिंह, डीपीआरओ