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विजेबिल्टी कम होने से रेल ड्राइवरों को दिक्कत
Updated Sun, 17 Jun 2018 12:20 AM IST
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धुंध ने और बढ़ा दी ट्रेनों की लेटलतीफी
15 घंटे तक देरी से पहुंच रही लंबी दूरी की ट्रेनें
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। ट्रेनों को टाइम टेबल के मुताबिक न चला पाने की समस्या से पहले से जूझ रहे रेलवे की दिक्कत कई दिनों से वातावरण में छाई गहरी धुंध ने और बढ़ा दी है। ट्रेन ड्राइवरों की मानें तो धुंध की वजह से सिग्नल देखने में दिक्कत हो रही है, इस कारण वे ट्रेनों को औसत रफ्तार से नहीं दौड़ा पा रहे हैं। शनिवार को लंबी दूरी की ट्रेनें 10 से 15 घंटे तक की देरी से जंक्शन पर पहुंचीं।
दरअसल ट्रेनों की लेटलतीफी पिछले कुछ दिनों से और ज्यादा बढ़ गई है। ट्रेनों के ड्राइवर इसकी वजह वातावरण में छाई धुंध को बता रहे हैं। एक सप्ताह से यह धुंध छाई हुई है। ट्रेन ड्राइवरों का कहना है कि धुंध की वजह से उन्हें सिग्नल देखने में दिक्कत हो रही है और वे ट्रेनों को उनकी औसत रफ्तार से नहीं चला पा रहे हैं। ड्राइवरों का यह भी कहना है कि स्पीड कम होने से उनकी ड्यूटी भी निर्धारित घंटो से ज्यादा हो रही है। ट्रेनों के और लेट होने की वजह से यात्रियों की भी दिक्कतें बढ़ गई हैं।
शनिवार को भी लंबी दूरी की ट्रेनों में अमरनाथ 17 घंटे, सरयू यमुना 12 घंटे, पंजाब मेल 16 घंटे, दिल्ली समर स्पशेल दस घंटे, राप्ती गंगा 12 घंटे, राज्यरानी एक्सप्रेस सात और कटिहार स्पेशल चार घंटे देरी से जंक्शन पहुंची। ड्राइवरों का यह भी कहना है कि डीजल इंजन का फ्रंट ग्लास छोटा होने के कारण भी उन्हें परेशानी हो रही है। इलेक्ट्रिक इंजन में सामने बड़े शीशे होते हैं जिससे विजन साफ दिखता है। लोको एसोसिएशन के राजेश दुबे ने बताया कि धुंध की वजह से ट्रेनों की स्पीड कम होने के संबंध में मंडलीय अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
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15 घंटे तक देरी से पहुंच रही लंबी दूरी की ट्रेनें
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। ट्रेनों को टाइम टेबल के मुताबिक न चला पाने की समस्या से पहले से जूझ रहे रेलवे की दिक्कत कई दिनों से वातावरण में छाई गहरी धुंध ने और बढ़ा दी है। ट्रेन ड्राइवरों की मानें तो धुंध की वजह से सिग्नल देखने में दिक्कत हो रही है, इस कारण वे ट्रेनों को औसत रफ्तार से नहीं दौड़ा पा रहे हैं। शनिवार को लंबी दूरी की ट्रेनें 10 से 15 घंटे तक की देरी से जंक्शन पर पहुंचीं।
दरअसल ट्रेनों की लेटलतीफी पिछले कुछ दिनों से और ज्यादा बढ़ गई है। ट्रेनों के ड्राइवर इसकी वजह वातावरण में छाई धुंध को बता रहे हैं। एक सप्ताह से यह धुंध छाई हुई है। ट्रेन ड्राइवरों का कहना है कि धुंध की वजह से उन्हें सिग्नल देखने में दिक्कत हो रही है और वे ट्रेनों को उनकी औसत रफ्तार से नहीं चला पा रहे हैं। ड्राइवरों का यह भी कहना है कि स्पीड कम होने से उनकी ड्यूटी भी निर्धारित घंटो से ज्यादा हो रही है। ट्रेनों के और लेट होने की वजह से यात्रियों की भी दिक्कतें बढ़ गई हैं।
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शनिवार को भी लंबी दूरी की ट्रेनों में अमरनाथ 17 घंटे, सरयू यमुना 12 घंटे, पंजाब मेल 16 घंटे, दिल्ली समर स्पशेल दस घंटे, राप्ती गंगा 12 घंटे, राज्यरानी एक्सप्रेस सात और कटिहार स्पेशल चार घंटे देरी से जंक्शन पहुंची। ड्राइवरों का यह भी कहना है कि डीजल इंजन का फ्रंट ग्लास छोटा होने के कारण भी उन्हें परेशानी हो रही है। इलेक्ट्रिक इंजन में सामने बड़े शीशे होते हैं जिससे विजन साफ दिखता है। लोको एसोसिएशन के राजेश दुबे ने बताया कि धुंध की वजह से ट्रेनों की स्पीड कम होने के संबंध में मंडलीय अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
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