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सुरक्षा चक्र से दूर हैं 12 से 14 साल तक के 30 हजार बच्चे
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बरेली। कोरोना की चौथी लहर से बच्चों को सुरक्षित क रने के लिए चल रहे टीकाकरण अभियान की रफ्तार सुस्त हो गई है। करीब डेढ़ माह में स्वास्थ्य विभाग ने सवा लाख बच्चों के वैक्सीनेशन का लक्ष्य पूरा कर लिया पर दूसरी डोज अब तक साढ़े छह हजार बच्चों को ही लगा सका है। अधिकारियों ने अभिभावकों से वैक्सीनेशन पूरा कराने की अपील की है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पांच अप्रैल यानी 30 दिन पहले बरेली में 12 से 14 साल तक के 36189 बच्चों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई गई थी। इन्हें कोर्बेवैक्स की पहली डोज लगे 28 दिन से ज्यादा वक्त गुजर चुका है। दूसरी डोज लगवाने के लिए अब तक करीब साढ़े छह हजार बच्चे ही टीकाकरण केंद्रों तक पहुंचे। यानी करीब 30 हजार से ज्यादा बच्चों को अब तक दूसरी डोज नहीं लग सकी है।
सीएमओ डॉ. बलवीर सिंह ने बताया कि 14 साल से कम आयु के बच्चों को वैक्सीन लगाने के लिए उनके अभिभावक की सहमति होना जरूरी है। टीका लगवाने के लिए किसी पर दबाव नहीं बनाया जा सकता। जो बच्चे वैक्सीनेशन से शेष रह गए हैं, उनके अभिभावकों से दूसरी डोज लगवाने की अपील की है। कहा है कि दूसरी डोज लगे बगैर शरीर में कोरोना वायरस से लड़ने की क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं हो सकेगी।
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आशा, एएनएम को प्रोत्साहित करने के निर्देश
बड़ी तादाद में बच्चों के दूसरी डोज लगवाने के लिए न पहुंचने पर अब आशा और एएनएम को स्थानीय स्तर पर अभिभावकों को प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं। टीकाकरण माह के तहत आशा वर्कर को वैक्सीन की पहली डोज लगवा चुके अथवा जो बच्चे भी अभी भी सुरक्षा चक्र से वंचित हैं, उनका टीकाकरण के लिए संपर्क करने को कहा है। प्रभारी डीआईओ डॉ. केसी जोशी ने बताया कि वैक्सीनेशन सभी केंद्रों पर हो रहा है। स्लॉट बुकिंग के साथ ऑन स्पॉट वैक्सीनेशन का भी विकल्प है।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर संक्रमित
बरेली। कोरोना वायरस ने रुहेलखंड विश्वविद्यालय परिसर में भी दस्तक दे दी है। बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय के एक सहायक प्रोफेसर की कोरोना जांच की एंटीजन रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है।
आईडीएसपी इंचार्ज डॉ. अनुराग गौतम के मुताबिक किसी विभागीय कार्य से सहायक प्रोफेसर को शहर से बाहर जाना था। इससे पहले कराई गई एंटीजन जांच में वह संक्रमित मिले। वह लक्षणरहित और होम आइसोलेशन पर हैं। पिछले दिनों संक्रमित एक केस का होम आइसोलेशन समाप्त होने के बाद अब जिले में चार केस सक्रिय हैं। इनमें से दो केस जिले से बाहर रह रहे हैं। बताया कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए ट्रैकिंग और ट्रेसिंग के लिए सैंपलिंग बढ़ा दी गई है। रेलवेे जंक्शन, बस अड्डा, एयरपोर्ट, अग्रसेन पार्क समेत अन्य स्थानों पर स्टेटिक और एमएमयू की टीमें सैंपल ले रही हैं। ब्यूरो
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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पांच अप्रैल यानी 30 दिन पहले बरेली में 12 से 14 साल तक के 36189 बच्चों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई गई थी। इन्हें कोर्बेवैक्स की पहली डोज लगे 28 दिन से ज्यादा वक्त गुजर चुका है। दूसरी डोज लगवाने के लिए अब तक करीब साढ़े छह हजार बच्चे ही टीकाकरण केंद्रों तक पहुंचे। यानी करीब 30 हजार से ज्यादा बच्चों को अब तक दूसरी डोज नहीं लग सकी है।
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सीएमओ डॉ. बलवीर सिंह ने बताया कि 14 साल से कम आयु के बच्चों को वैक्सीन लगाने के लिए उनके अभिभावक की सहमति होना जरूरी है। टीका लगवाने के लिए किसी पर दबाव नहीं बनाया जा सकता। जो बच्चे वैक्सीनेशन से शेष रह गए हैं, उनके अभिभावकों से दूसरी डोज लगवाने की अपील की है। कहा है कि दूसरी डोज लगे बगैर शरीर में कोरोना वायरस से लड़ने की क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं हो सकेगी।
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आशा, एएनएम को प्रोत्साहित करने के निर्देश
बड़ी तादाद में बच्चों के दूसरी डोज लगवाने के लिए न पहुंचने पर अब आशा और एएनएम को स्थानीय स्तर पर अभिभावकों को प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं। टीकाकरण माह के तहत आशा वर्कर को वैक्सीन की पहली डोज लगवा चुके अथवा जो बच्चे भी अभी भी सुरक्षा चक्र से वंचित हैं, उनका टीकाकरण के लिए संपर्क करने को कहा है। प्रभारी डीआईओ डॉ. केसी जोशी ने बताया कि वैक्सीनेशन सभी केंद्रों पर हो रहा है। स्लॉट बुकिंग के साथ ऑन स्पॉट वैक्सीनेशन का भी विकल्प है।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर संक्रमित
बरेली। कोरोना वायरस ने रुहेलखंड विश्वविद्यालय परिसर में भी दस्तक दे दी है। बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय के एक सहायक प्रोफेसर की कोरोना जांच की एंटीजन रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है।
आईडीएसपी इंचार्ज डॉ. अनुराग गौतम के मुताबिक किसी विभागीय कार्य से सहायक प्रोफेसर को शहर से बाहर जाना था। इससे पहले कराई गई एंटीजन जांच में वह संक्रमित मिले। वह लक्षणरहित और होम आइसोलेशन पर हैं। पिछले दिनों संक्रमित एक केस का होम आइसोलेशन समाप्त होने के बाद अब जिले में चार केस सक्रिय हैं। इनमें से दो केस जिले से बाहर रह रहे हैं। बताया कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए ट्रैकिंग और ट्रेसिंग के लिए सैंपलिंग बढ़ा दी गई है। रेलवेे जंक्शन, बस अड्डा, एयरपोर्ट, अग्रसेन पार्क समेत अन्य स्थानों पर स्टेटिक और एमएमयू की टीमें सैंपल ले रही हैं। ब्यूरो