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हरा चारा खाकर हुई 22 गोवंशों की मौत, जिले में हड़कंप, खेत में मिट्टी के लिए नमूने
Tue, 08 Oct 2019 02:44 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बदायूं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बदायूं
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 08 Oct 2019 02:44 AM IST
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बदायूं जिले के कछला गोशाला में 22 गोवंश सोरों से गया चारा खाने से मर गए जबकि 9 की हालत बिगड़ गई। इस घटना के बाद जिलेभर में हड़कंप मचा हुआ है। उझानी से आई पुलिस ने सोरों से चारा आपूर्ति करने वाले ठेकेदार सहित दो अन्य को हिरासत में ले लिया।
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जिलाधिकारी सीपी सिंह ने निर्देश जारी कर सतर्कता बढ़ाने को कहा है। रविवार को बदायूं की कछला के गोशाला में हरा चारा खाने से 22 गोवंश मर गए जबकि 9 की हालत बिगड़ गई है।
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जांच में पाया कि हरा चारा सोरों से भेजा गया था। चारे की आपूर्ति ठेकेदार मोनू सक्सेना ने की थी। कृषि विभाग की टीम ने मिट्टी में केमिकल की जांच के लिए नमूने संकलित किए हैं। साथ ही, चारा भी जांच के लिए बरेली प्रयोगशाला भेजा गया है।
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चारे में पाई गई है नाइट्रेड की अधिक मात्रा
वैसे तो बाजरा के चारे में नाइट्रेड अधिक होता है, लेकिन जो चारा खाने से गोवंशों की मौत हुई है उसमें काफी अधिक मात्रा में नाइट्रेड था। बरेली आईबीआरआई के वैज्ञानिकों ने इसकी पुष्टि की। बिना बाली आए ही चारा खेत से काटकर गोवंशों को खिलाया गया। अपर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एके सगर ने बताया कि यूरिया के अधिक प्रयोग से नाइट्रेट बढ़ जाता है। चारे में यदि क्षमता से अधिक नाइट्रेड है तो वह जहर बन जाता है।
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टीम भेजकर सोरों से नमूने संकलित कराए हैं। मिट्टी में केमिकल की जांच कराई जाएगी। नमूने प्रयोगशाला भेज दिए हैं। जल्द ही जांच रिपोर्ट आ जाएगी। हो सकता है कि मिट्टी की जांच से सोरों में पैदा हुए जहरीले चारे की जानकारी हो जाए- विनोद कुमार, कृषि अधिकारी, बदायूं।