Bareilly News: सिटी मजिस्ट्रेट आवास पर 23 लाख रुपये बकाया! बिजली निगम ने पहले जारी की आरसी, फिर वापस ली
बरेली के एडीएम कंपाउंड परिसर में स्थित सिटी मजिस्ट्रेट आवास पर 23 लाख रुपये बिजली बिल बकाया है। इस पर आवास के नाम से आरसी जारी कर दी गई। इससे सिटी मजिस्ट्रेट आवास फिर सुर्खियों में आ गया। हालांकि बाद में यह आरसी वापस ले ली गई।
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बरेली के एडीएम कंपाउंड परिसर स्थित सिटी मजिस्ट्रेट आवास एक बार फिर सुर्खियों में है। बिजली निगम के अभियंता ने सिटी मजिस्ट्रेट आवास के नाम से बकाया 23 लाख रुपये के बिल की भू-राजस्व की भांति वसूली को पत्राचार कर दिया। जिला प्रशासन ने आरसी (वसूली प्रमाणपत्र) काट दी। इस मामले ने एक बार फिर से प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। प्रकरण उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आते ही अभियंता ने केवल सिटी मजिस्ट्रेट आवास की ही वसूली संस्तुति पत्र वापस नहीं लिया, बल्कि भाजपा कार्यालय पर भी बकाया वसूली के लिए आरसी देने से जुड़े अपने पत्र को वापस ले लिया है।
बताया जा रहा है कि बिजली बिल के बकादारों को आरसी जारी करने के संबंध में रामपुर गार्डन स्थित वाणिज्यिक अनुभाग-दो कार्यालय के अधिशासी अभियंता ने डीएम को संस्तुति पत्र 27 जनवरी को जारी किया था। सिटी मजिस्ट्रेट राजस्व (आवास) और भाजपा कार्यालय के नाम से बकाया बिल वसूली के लिए अभियंता के संस्तुति पत्र कलक्ट्रेट के संग्रह अनुभाग में पहुंचते ही चर्चा का बाजार गर्म हो गया।
हालांकि, इसमें अभियंता के संस्तुति पत्रों पर अनुभाग प्रभारी संग्रह की मुहर और हस्ताक्षर के बाद अन्य के साथ ही सिटी मजिस्ट्रेट आवास और भाजपा कार्यालय से बकाया बिल वसूली को आरसी सदर तहसील पहुंच गईं। सिटी मजिस्ट्रेट राजस्व (आवास) के नाम 22.73 लाख 932 रुपये का बिजली बिल बकाया होने की बात कही जा रही है। इसी तरह भाजपा कार्यालय पर भी करीब 50 हजार रुपये के बिजली बिल की बकायेदारी है।
सरकारी आवास से ही अलंकार के फूटे थे सरकार विरोधी सुर
बिजली निगम का बकायेदार सिटी मजिस्ट्रेट का यही सरकारी आवास है, जहां से 26 जनवरी को तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा देकर पूरे प्रदेश में खलबली मचा दी थी। उसी शाम को उन्होंने यूजीसी और प्रयागराज में शंकराचार्य और उनके शिष्यों एवं बटुकों के कथित अपमान के खिलाफ आवाज बुलंद की थी। यूजीसी के विरुद्ध पोस्टर वार भी इसी सरकारी आवास से उन्होंने किया था, जिसने जमकर सुर्खिया बटोरीं। इस्तीफा और बयानबाजी के बाद यह सिटी मजिस्ट्रेट आवास पहले ही राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा में था और अब उसी पते पर बकाया बिजली बिल वसूलने के मामले ने प्रकरण को तूल पकड़ा दिया है।
सिटी मजिस्ट्रेट आवास और भाजपा कार्यालय में बकाया बिल भू-राजस्व की भांति वसूल लेने को जिलाधिकारी से पत्राचार धोखे से हो गया। चूंकि, उसी क्रम में काफी संख्या में लोगों को प्रशासन के माध्यम से आरसी जारी हुई हैं। सिटी मजिस्ट्रेट आवास व भाजपा कार्यालय को आरसी के लिए डीएम को लिखे पत्र वापस करा लिया है। सिटी मजिस्ट्रेट आवास में बिलिंग में भी कुछ दिक्कत है, वैसे इन लोगों को के यहां से देर-सबेर बिल जमा होता रहता है।- सूर्य कुमार, अधिशासी अभियंता-वाणिज्यिक अनुभाग-दो, बिजली विभाग