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एआईसीटीई ने विवि ने पर ठोका दो लाख का जुर्माना
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बरेली। मान्यता का नवीनीकरण समय से न कराने पर अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने विश्वविद्यालय के होटल मैनेजमेंट विभाग पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। विभाग ने समय पर फाइल एआईसीटीई को नहीं भेजी। वहीं, विभाग ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। डीन का कहना है कि विश्वविद्यालय सरकारी से जुड़ी संस्था है, जिसकी फीस नहीं जाती तो जुर्माना किस बात का लगा दिया।
विश्वविद्यालय के मैनेजमेंट विभाग में चलने वाले होटल मैनेजमेंट कोर्स के नवीनीकरण को लेकर पिछले दिनों एआईसीटीई को फाइल भेजी गई। इसमें कुछ विलंब हो गया। एआईसीटीई ने आंख बंद करके दो लाख रुपये का जुर्माना लगाकर नोटिस विभाग को भेज दिया। नोटिस देखकर विभाग के शिक्षक हैरान रह गए क्योंकि जुर्माना लगाने की व्यवस्था प्राइवेट कॉलेजों के लिए है जबकि विश्वविद्यालय सरकार की एडेड संस्था है। कोर्स की मान्यता लेते वक्त विश्वविद्यालय को फीस नहीं चुकानी होती। अब विभाग की तरफ से एआईसीटीई को जवाब भेजा गया है। इस पर डीन प्रोफेसर पीबी सिंह का कहना है कि एआईसीटीई का पत्र आया था। विश्वविद्यालय एडेड संस्था है। जुर्माना का नोटिस पता नहीं क्यों भेज दिया। जवाब लगाकर सारे दस्तावेज भेेज दिए गए हैं।
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विश्वविद्यालय के मैनेजमेंट विभाग में चलने वाले होटल मैनेजमेंट कोर्स के नवीनीकरण को लेकर पिछले दिनों एआईसीटीई को फाइल भेजी गई। इसमें कुछ विलंब हो गया। एआईसीटीई ने आंख बंद करके दो लाख रुपये का जुर्माना लगाकर नोटिस विभाग को भेज दिया। नोटिस देखकर विभाग के शिक्षक हैरान रह गए क्योंकि जुर्माना लगाने की व्यवस्था प्राइवेट कॉलेजों के लिए है जबकि विश्वविद्यालय सरकार की एडेड संस्था है। कोर्स की मान्यता लेते वक्त विश्वविद्यालय को फीस नहीं चुकानी होती। अब विभाग की तरफ से एआईसीटीई को जवाब भेजा गया है। इस पर डीन प्रोफेसर पीबी सिंह का कहना है कि एआईसीटीई का पत्र आया था। विश्वविद्यालय एडेड संस्था है। जुर्माना का नोटिस पता नहीं क्यों भेज दिया। जवाब लगाकर सारे दस्तावेज भेेज दिए गए हैं।
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