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चोटीकटवा के खिलाफ निदा ने सीओ दफ्तर में दर्ज कराए बयान
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निदा खान
- फोटो : self
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बरेली। फैजाने मदीना कौंसिल के अध्यक्ष मोइन सिद्दीकी नूरी की ओर से निदा और मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी की चोटी काटकर उन्हें देश से खदेड़ देने पर इनाम के एलान पर दर्ज कराई गई एफआईआर में गंभीर धाराएं हटाने के निदा खान के आरोप की जांच शुरू हो गई है। बुधवार को निदा सीओ थर्ड के कार्यालय में दर्ज कराए अपने बयान में फिर दोहराया कि पूर्व विवेचक ने मोइन सिद्दीकी से मिलकर उन पर दो धाराएं खत्म कर उनका केस हल्का कर दिया। सीओ के स्टाफ ने निदा के बयान दर्ज किए। बिथरी पुलिस इस मामले की पुनर्विवेचना भी कर रही है।
निदा खान ने कई दिन पहले एडीजी प्रेमप्रकाश को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि बारादरी चौकी इंचार्ज राकेश सिंह ने मोइन सिद्दीकी नूरी पर लगीं पांच धाराओं में से दो गंभीर धाराएं 295 ए और 505 (2)) हटा दी हैं। अब मोइन पर सिर्फ आईपीसी की धारा 115, 506 और 509 ही रह गई हैं, जिससे केस काफी हल्का हो गया है। निदा के प्रार्थना पत्र पर एडीजी ने इस केस की दोबारा विवेचना कराने के आदेश दिए थे। एसएसपी ने सीओ थर्ड को इसकी जांच भी सौंपी है। इसी क्रम में निदा बयान दर्ज कराने बुधवार सुबह 11 बजे सीओ थर्ड अशोक कुमार मीना के दफ्तर में पहुंची। यहां सीओ के स्टाफ ने निदा के बयान दर्ज किए। आधे घंटे से ज्यादा समय तक निदा से पूछताछ की गई। निदा ने सीओ और उनके स्टाफ के प्रत्येक सवाल के जवाब दिए। निदा से धाराएं हटाने के मामले में अधिकांश वही सवाल पूछे गए, जो उनके शिकायती प्रार्थना पत्र में थे। निदा ने बताया कि बारादरी पुलिस की पहली विवेचना पक्षपातपूर्ण थी, जिसमें मोइन पर दो धाराएं कम कर दी गईं।
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निदा खान ने कई दिन पहले एडीजी प्रेमप्रकाश को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि बारादरी चौकी इंचार्ज राकेश सिंह ने मोइन सिद्दीकी नूरी पर लगीं पांच धाराओं में से दो गंभीर धाराएं 295 ए और 505 (2)) हटा दी हैं। अब मोइन पर सिर्फ आईपीसी की धारा 115, 506 और 509 ही रह गई हैं, जिससे केस काफी हल्का हो गया है। निदा के प्रार्थना पत्र पर एडीजी ने इस केस की दोबारा विवेचना कराने के आदेश दिए थे। एसएसपी ने सीओ थर्ड को इसकी जांच भी सौंपी है। इसी क्रम में निदा बयान दर्ज कराने बुधवार सुबह 11 बजे सीओ थर्ड अशोक कुमार मीना के दफ्तर में पहुंची। यहां सीओ के स्टाफ ने निदा के बयान दर्ज किए। आधे घंटे से ज्यादा समय तक निदा से पूछताछ की गई। निदा ने सीओ और उनके स्टाफ के प्रत्येक सवाल के जवाब दिए। निदा से धाराएं हटाने के मामले में अधिकांश वही सवाल पूछे गए, जो उनके शिकायती प्रार्थना पत्र में थे। निदा ने बताया कि बारादरी पुलिस की पहली विवेचना पक्षपातपूर्ण थी, जिसमें मोइन पर दो धाराएं कम कर दी गईं।
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