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मलूकपुर विवाद- अतिक्रमण विवाद को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश, हंगामा
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बरेली। मलूकपुर में सड़कों पर जलभराव की वजह बना अतिक्रमण सोमवार को भी नहीं हटाया जा सका। अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम ने जैसे ही कार्रवाई शुरू की, दो पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और खुराफातियों ने मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस चौकी को घेरकर काफी देर हंगामा भी किया गया। अंतत: निगम टीम बगैर अतिक्रमण हटाए ही लौट आई।
मलूकपुर में पुलिस चौकी से बजरिया की ओर जाने वाली गली में लंबे समय से जलभराव होता है। नालियां चोक होने से रोजाना सुबह यहां पानी भर जाता है। रविवार को इसको लेकर हिंदू जागरण एकता मंच के प्रदेश अध्यक्ष मनोज सक्सेना समेत आसपास के लोगों ने हंगामा करके वहां जाम लगा दिया था। इस पर नालियों का अतिक्रमण तोड़ने की बात कही गई थी ताकि उनकी सफाई करके जलभराव से निजात दिलाई जा सके। सोमवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे नगर निगम की टीम वहां पहुंची और दुकानों के बाहर निकले चबूतरे तोड़ने का काम शुरू किया। चौकी के कोने पर बनी रामवीर की पान की दुकान का चबूतरा तोड़ दिया गया। मगर इससे आगे दूसरे पक्ष के कुछ दुकानदारों ने तोड़फोड़ का विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था जो लोग तोड़ने की मांग कर रहे हैं सिर्फ उनके कब्जे तोड़े जाएं। इसको लेकर दोनों पक्षों के लोग मलूकपुर चौकी पर एकत्र होकर हंगामा और धक्का-मुक्की करने लगे। कुछ लोगों ने मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश भी की। मगर चौकी पर मौजूद सिर्फ एक सिपाही व होमगार्ड मूकदर्शक बने रहे। काफी देर तक हंगामा चलता रहा और तोड़फोड़ का काम रुक गया। नगर निगम की टीम ने बमुश्किल लोगों को शांत कराया।
दो दर्जन दुकानों के कब्जे चिह्नित
विवाद शांत होने के करीब एक घंटे बाद नगर निगम की टीम दोबारा पहुंची और करीब दो दर्जन दुकानों का अतिक्रमण का चिह्नित कर निशान लगाए। वहीं, हिंदू जागरण एकता मंच के प्रदेश अध्यक्ष मनोज सक्सेना समेत एक पक्ष के लोगों का कहना था कि नगर निगम अफसर मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
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मलूकपुर में पुलिस चौकी से बजरिया की ओर जाने वाली गली में लंबे समय से जलभराव होता है। नालियां चोक होने से रोजाना सुबह यहां पानी भर जाता है। रविवार को इसको लेकर हिंदू जागरण एकता मंच के प्रदेश अध्यक्ष मनोज सक्सेना समेत आसपास के लोगों ने हंगामा करके वहां जाम लगा दिया था। इस पर नालियों का अतिक्रमण तोड़ने की बात कही गई थी ताकि उनकी सफाई करके जलभराव से निजात दिलाई जा सके। सोमवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे नगर निगम की टीम वहां पहुंची और दुकानों के बाहर निकले चबूतरे तोड़ने का काम शुरू किया। चौकी के कोने पर बनी रामवीर की पान की दुकान का चबूतरा तोड़ दिया गया। मगर इससे आगे दूसरे पक्ष के कुछ दुकानदारों ने तोड़फोड़ का विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था जो लोग तोड़ने की मांग कर रहे हैं सिर्फ उनके कब्जे तोड़े जाएं। इसको लेकर दोनों पक्षों के लोग मलूकपुर चौकी पर एकत्र होकर हंगामा और धक्का-मुक्की करने लगे। कुछ लोगों ने मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश भी की। मगर चौकी पर मौजूद सिर्फ एक सिपाही व होमगार्ड मूकदर्शक बने रहे। काफी देर तक हंगामा चलता रहा और तोड़फोड़ का काम रुक गया। नगर निगम की टीम ने बमुश्किल लोगों को शांत कराया।
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दो दर्जन दुकानों के कब्जे चिह्नित
विवाद शांत होने के करीब एक घंटे बाद नगर निगम की टीम दोबारा पहुंची और करीब दो दर्जन दुकानों का अतिक्रमण का चिह्नित कर निशान लगाए। वहीं, हिंदू जागरण एकता मंच के प्रदेश अध्यक्ष मनोज सक्सेना समेत एक पक्ष के लोगों का कहना था कि नगर निगम अफसर मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
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