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गन्ना विकास निरीक्षक को पदीय दायित्वों से किया मुक्त
Updated Wed, 28 Nov 2018 06:55 PM IST
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गन्ना विकास निरीक्षक को पदीय दायित्वों से किया मुक्त
लखीमपुर खीरी। गन्ने का पेराई सत्र प्रारंभ होने के साथ ही कर्मचारियों/अधिकारियों द्वारा मनमानी किए जाने के मामले सामने आने लगे हैं, जिन्हें संज्ञान में लेकर जिला गन्ना अधिकारी ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सहकारी गन्ना विकास समिति भीरा के गन्ना विकास निरीक्षक/सचिव रामसिंह को बगैर सूचना के कार्यालय से अनुपस्थित रहने और किसानों की समस्या का निस्तारण न करने पर पदीय दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है। जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल ने यह कार्रवाई की है और भीरा समिति का चार्ज पलिया के गन्ना विकास निरीक्षक/सचिव गंगाराम यादव को दिया है।
सहकारी गन्ना विकास समिति भीरा में तैनात गन्ना विकास निरीक्षक/सचिव राम सिंह आए-दिन कार्यालय से अनुपस्थित रहते थे और उनके मोबाइल पर भी किसान बात नहीं कर पा रहे थे। इससे किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा था। लिहाजा किसानों ने इसकी शिकायत जिला गन्ना अधिकारी से की। इस पर जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल ने 21 नवंबर 2018 को समिति भीरा का निरीक्षण किया तो आरोप सच साबित हुए। सचिव राम सिंह अनुपस्थित मिले और मौजूद किसानों में रोष दिखा। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि सचिव राम सिंह को पहले भी चेतावनी देकर कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश दिए गए थे, जिसके बावजूद शनिवार और रविवार को फोन बंद रहता था। गन्ना आयुक्त ने आदेश कर रखा है कि कोई भी कर्मचारी/अधिकारी मोबाइल बंद नहीं करेंगे और न ही मुख्यालय से बाहर जाएंगे। किसानों और समिति का हित देखते हुए सचिव राम सिंह को पदीय दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है। उनका संपूर्ण कार्यभार पलिया के गन्ना विकास निरीक्षक गंगाराम यादव को सौंपा गया है। साथ ही हटाए गए सचिव को वरिष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक गुलरिया के समक्ष उपस्थिति दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं।
लखीमपुर खीरी। गन्ने का पेराई सत्र प्रारंभ होने के साथ ही कर्मचारियों/अधिकारियों द्वारा मनमानी किए जाने के मामले सामने आने लगे हैं, जिन्हें संज्ञान में लेकर जिला गन्ना अधिकारी ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सहकारी गन्ना विकास समिति भीरा के गन्ना विकास निरीक्षक/सचिव रामसिंह को बगैर सूचना के कार्यालय से अनुपस्थित रहने और किसानों की समस्या का निस्तारण न करने पर पदीय दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है। जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल ने यह कार्रवाई की है और भीरा समिति का चार्ज पलिया के गन्ना विकास निरीक्षक/सचिव गंगाराम यादव को दिया है।
सहकारी गन्ना विकास समिति भीरा में तैनात गन्ना विकास निरीक्षक/सचिव राम सिंह आए-दिन कार्यालय से अनुपस्थित रहते थे और उनके मोबाइल पर भी किसान बात नहीं कर पा रहे थे। इससे किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा था। लिहाजा किसानों ने इसकी शिकायत जिला गन्ना अधिकारी से की। इस पर जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल ने 21 नवंबर 2018 को समिति भीरा का निरीक्षण किया तो आरोप सच साबित हुए। सचिव राम सिंह अनुपस्थित मिले और मौजूद किसानों में रोष दिखा। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि सचिव राम सिंह को पहले भी चेतावनी देकर कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश दिए गए थे, जिसके बावजूद शनिवार और रविवार को फोन बंद रहता था। गन्ना आयुक्त ने आदेश कर रखा है कि कोई भी कर्मचारी/अधिकारी मोबाइल बंद नहीं करेंगे और न ही मुख्यालय से बाहर जाएंगे। किसानों और समिति का हित देखते हुए सचिव राम सिंह को पदीय दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है। उनका संपूर्ण कार्यभार पलिया के गन्ना विकास निरीक्षक गंगाराम यादव को सौंपा गया है। साथ ही हटाए गए सचिव को वरिष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक गुलरिया के समक्ष उपस्थिति दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं।
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