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8 करोड़ का टोटा कर न दे पुल छोटा
Updated Mon, 22 Oct 2018 01:16 AM IST
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बरेली। सेटेलाइट चौराहे पर प्रस्तावित फ्लाईओवर के बजट में सरकार ने कटौती कर दी है। ब्रिज कारपोरेशन ने फ्लाईओवर को बनाने के लिए जितना बजट मांगा था, उससे करीब आठ करोड़ रुपये कम स्वीकृत किया गया है। यह कटौती क्यों और किस मद में की गई है, यह रिपोर्ट तो आनी अभी बाकी है लेकिन इतना तय है कि ब्रिज कॉरपोरेशन को बजट के मुताबिक इस परियोजना को भी संशोधित करना पड़ेगा। ऐसे में कई कामों में कटौती हो सकती है। पुल की लंबाई भी कम हो सकती है।
सेटेलाइट चौराहे पर पब्लिक को जाम की दिक्कत से छुटकारा दिलाने के लिए फ्लाईओवर बनाए जाने का प्रस्ताव है। करीब आठ महीने पहले अधिकारियों ने शुरूआती सर्वे में 596 मीटर लंबे फ्लाईओवर के लिए 34 करोड़ का एस्टीमेट बनाया था। अफसरों की मानें तो यह पुल ईसाईयों की पुलिया के आगे से उठकर सेटेलाइट चौराहे के ऊपर होते हुए शाहजहांपुर रोड पर गिरना था। इसी आधार पर फ्लाईओवर निर्माण की स्वीकृति भी शासन से मांगी गई थी। इस प्रोजेक्ट को लेकर हाल में 26.78 करोड़ रुपये मंजूर होने का आदेश जारी हुआ है। शासन ने इस परियोजना में क्या बदलाव किया है, अभी इसकी रिपोर्ट सेतु निगम के अधिकारियों के पास नहीं आई पहुंची है। सेटेलाइट चौराहे के पास पीलीभीत बाईपास की तरफ से आने वाले ट्रैफिक को शहर और दूसरी तरफ शाहजहांपुर की ओर डायवर्ट करने के लिए सर्विस लेन को भी प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। संभावना जताई जा रही है कि आठ करोड़ कम मिलने के बाद सर्विस लेन को प्रोजेक्ट से हटा दिया गया है। ब्रिज कारपोरेशन के अफसरों का कहना है कि जब तक शासन से फ्लाईओवर को लेकर रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक कुछ कह पाना संभव नहीं है।
डिजाइन तैयार करने को गाजियाबाद विंग को भेजा डाटा
सेटेलाइट ओवरब्रिज का अब फाइनल डिजाइन तैयार होना है। बजट स्वीकृत होने के बाद सेतु निगम के अधिकारियों ने विभाग की गाजियाबाद विंग को फ्लाईओवर का डिजायन तैयार करने के लिए सारा डाटा तैयार करके भेज दिया है। इस रोड में कार्य स्थल और मिट्टी की रिपोर्ट, विभागीय सर्वेक्षण सहित अन्य ब्योरा शामिल है। इसके आधार पर ही ब्रिज के निर्माण का खाके को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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सेटेलाइट चौराहे पर फ्लाईओवर निर्माण में खर्च को जो ब्योरा भेजा गया था, उसके मुकाबले कम धनराशि मिली है। शासन ने डीपीआर में क्या कटौती की है, अभी इस बारे में कुछ भी बता पाना मुमकिन नहीं है। - नवाब सिंह, उप परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम
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सेटेलाइट चौराहे पर पब्लिक को जाम की दिक्कत से छुटकारा दिलाने के लिए फ्लाईओवर बनाए जाने का प्रस्ताव है। करीब आठ महीने पहले अधिकारियों ने शुरूआती सर्वे में 596 मीटर लंबे फ्लाईओवर के लिए 34 करोड़ का एस्टीमेट बनाया था। अफसरों की मानें तो यह पुल ईसाईयों की पुलिया के आगे से उठकर सेटेलाइट चौराहे के ऊपर होते हुए शाहजहांपुर रोड पर गिरना था। इसी आधार पर फ्लाईओवर निर्माण की स्वीकृति भी शासन से मांगी गई थी। इस प्रोजेक्ट को लेकर हाल में 26.78 करोड़ रुपये मंजूर होने का आदेश जारी हुआ है। शासन ने इस परियोजना में क्या बदलाव किया है, अभी इसकी रिपोर्ट सेतु निगम के अधिकारियों के पास नहीं आई पहुंची है। सेटेलाइट चौराहे के पास पीलीभीत बाईपास की तरफ से आने वाले ट्रैफिक को शहर और दूसरी तरफ शाहजहांपुर की ओर डायवर्ट करने के लिए सर्विस लेन को भी प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। संभावना जताई जा रही है कि आठ करोड़ कम मिलने के बाद सर्विस लेन को प्रोजेक्ट से हटा दिया गया है। ब्रिज कारपोरेशन के अफसरों का कहना है कि जब तक शासन से फ्लाईओवर को लेकर रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक कुछ कह पाना संभव नहीं है।
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डिजाइन तैयार करने को गाजियाबाद विंग को भेजा डाटा
सेटेलाइट ओवरब्रिज का अब फाइनल डिजाइन तैयार होना है। बजट स्वीकृत होने के बाद सेतु निगम के अधिकारियों ने विभाग की गाजियाबाद विंग को फ्लाईओवर का डिजायन तैयार करने के लिए सारा डाटा तैयार करके भेज दिया है। इस रोड में कार्य स्थल और मिट्टी की रिपोर्ट, विभागीय सर्वेक्षण सहित अन्य ब्योरा शामिल है। इसके आधार पर ही ब्रिज के निर्माण का खाके को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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सेटेलाइट चौराहे पर फ्लाईओवर निर्माण में खर्च को जो ब्योरा भेजा गया था, उसके मुकाबले कम धनराशि मिली है। शासन ने डीपीआर में क्या कटौती की है, अभी इस बारे में कुछ भी बता पाना मुमकिन नहीं है। - नवाब सिंह, उप परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम