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पिटाई की वजह से गर्भपात में पति को पांच साल कैद
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बरेली। पत्नी के गर्भपात के आरोपी पति को अदालत ने पांच साल कैद की सजा सुनाई। सजा का आदेश अपर सत्र न्यायाधीश अभय कृष्ण तिवारी ने दिया।
भुता निवासी वादी मुकदमा शमशाद ने अदालत में अर्जी देकर कहा कि उसने अपनी बेटी नईम की शादी 29 अक्तूबर, 2006 में भुता के ही यूनुस के साथ की थी। दहेज में काफी सामान भी दिया था, लेकिन इससे ससुरालवाले खुश नहीं थे। इन लोगों की ओर से दहेज में बाइक और पचास हजार रुपये मांगे गए थे। असमर्थता जताने पर उसके साथ मारपीट की गई। 7 अप्रैल, 2007 को भी उसे मारापीटा गया। इसकी सूचना मिलने पर मायकेवाले ससुराल पहुंच गए। वहां वह बेहोश पड़ी थी। उसको अस्पताल में भर्ती कराया गया। अर्जी में कहा गया कि मारपीट की वजह से उसका गर्भपात हो गया। अभियुक्त यूनुस, नूर हसन और आमना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील जहांआरा ने पांच गवाह पेश किए। कोर्ट ने अभियुक्त नूर हसन और आमना को बरी कर दिया। पति यूनुस को दोषी ठहराते हुए पांच साल कैद और बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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भुता निवासी वादी मुकदमा शमशाद ने अदालत में अर्जी देकर कहा कि उसने अपनी बेटी नईम की शादी 29 अक्तूबर, 2006 में भुता के ही यूनुस के साथ की थी। दहेज में काफी सामान भी दिया था, लेकिन इससे ससुरालवाले खुश नहीं थे। इन लोगों की ओर से दहेज में बाइक और पचास हजार रुपये मांगे गए थे। असमर्थता जताने पर उसके साथ मारपीट की गई। 7 अप्रैल, 2007 को भी उसे मारापीटा गया। इसकी सूचना मिलने पर मायकेवाले ससुराल पहुंच गए। वहां वह बेहोश पड़ी थी। उसको अस्पताल में भर्ती कराया गया। अर्जी में कहा गया कि मारपीट की वजह से उसका गर्भपात हो गया। अभियुक्त यूनुस, नूर हसन और आमना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील जहांआरा ने पांच गवाह पेश किए। कोर्ट ने अभियुक्त नूर हसन और आमना को बरी कर दिया। पति यूनुस को दोषी ठहराते हुए पांच साल कैद और बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।