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बकाया भुगतान से बचने को बिजली उपभोक्ताओं ने खोजा नया तरीका
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बकाया भुगतान से बचने को बिजली उपभोक्ताओं ने खोजा नया तरीका
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। बिजली उपभोक्ताओं ने बकाया भुगतान से बचने का नया तरीका निकाल लिया है। तमाम बकायेदार चेक से भुगतान करने लगे हैं। बैंक से चेक क्लीयर न हो, इसके लिए कुछ न कुछ गलती कर देते हैं या फिर खाते में बैलेंस नहीं रखते। ऐसे डिफाल्टरों की सूची बढ़ती जा रही है। विभाग ने उन्हें नोटिस जारी कर एफआईआर की तैयारी शुरू कर दी है।
शहर में दस हजार रुपये से अधिक वाले करीब 21 हजार बकायेदार हैं। इन उपभोक्ताओं पर 60 करोड़ रुपये बकाया है। शहर में वसूली टीम जब बकायेदारी में कनेक्शन काटने का दबाव बनाती है तो इससे बचने के लिए कुछ लोग चेक दे देते हैं। ऐसे ज्यादातर चेक बैंक से क्लीयर नहीं होते। क्याेंकि बैंक खाते में कम राशि, हस्ताक्षर न मिलने और अन्य कारणों से कैंसिल हो जाते हैं। इनकी तादाद बढ़ने से विभागीय अफसर बेचैन होने लगे हैं, क्याेंकि हर दिन उन्हें राजस्व वसूली रिपोर्ट मुख्यालय भेजनी होती है। विभाग ने चेक बाउंस घटनाएं रोकने को दोबारा बिल कैश में जमा करना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए कंप्यूटर में लॉक व्यवस्था भी कर दी गयी है। इसके साथ ही चेक बाउंस होने वाले मामलों में कानूनी कार्रवाई अथवा एफआईआर कराने पर विचार हो रहा है।
नोटिस जारी
चेक बाउंस होने पर नगरीय विद्युत वितरण खंड चतुर्थ कार्यालय ने नोटिस देना शुरू कर दिया है। इस खंड में करीब पौने तीन सौ चेक बाउंस हुए हैं। एक्सईएन रंजीत चौधरी ने चेक बाउंस होने पर बकायेदारों को नोटिस देने के साथ ही उन पर कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी दी है।
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‘कुछ लोग जानबूझकर ऐसा चेक देते हैं, जो बैंक में बाउंस हो जाए। ऐसे उपभोक्ताओं पर विभाग कानूनी कार्रवाई करेगा। क्योंकि चेक बैंक से लौटने से विभागीय राजस्व व्यवस्था प्रभावित होती है।’
- एनके मिश्रा, एसई शहर
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शहर में दस हजार रुपये से अधिक वाले करीब 21 हजार बकायेदार हैं। इन उपभोक्ताओं पर 60 करोड़ रुपये बकाया है। शहर में वसूली टीम जब बकायेदारी में कनेक्शन काटने का दबाव बनाती है तो इससे बचने के लिए कुछ लोग चेक दे देते हैं। ऐसे ज्यादातर चेक बैंक से क्लीयर नहीं होते। क्याेंकि बैंक खाते में कम राशि, हस्ताक्षर न मिलने और अन्य कारणों से कैंसिल हो जाते हैं। इनकी तादाद बढ़ने से विभागीय अफसर बेचैन होने लगे हैं, क्याेंकि हर दिन उन्हें राजस्व वसूली रिपोर्ट मुख्यालय भेजनी होती है। विभाग ने चेक बाउंस घटनाएं रोकने को दोबारा बिल कैश में जमा करना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए कंप्यूटर में लॉक व्यवस्था भी कर दी गयी है। इसके साथ ही चेक बाउंस होने वाले मामलों में कानूनी कार्रवाई अथवा एफआईआर कराने पर विचार हो रहा है।
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नोटिस जारी
चेक बाउंस होने पर नगरीय विद्युत वितरण खंड चतुर्थ कार्यालय ने नोटिस देना शुरू कर दिया है। इस खंड में करीब पौने तीन सौ चेक बाउंस हुए हैं। एक्सईएन रंजीत चौधरी ने चेक बाउंस होने पर बकायेदारों को नोटिस देने के साथ ही उन पर कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी दी है।
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‘कुछ लोग जानबूझकर ऐसा चेक देते हैं, जो बैंक में बाउंस हो जाए। ऐसे उपभोक्ताओं पर विभाग कानूनी कार्रवाई करेगा। क्योंकि चेक बैंक से लौटने से विभागीय राजस्व व्यवस्था प्रभावित होती है।’
- एनके मिश्रा, एसई शहर