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निदा मुख्यमंत्री भी बन जाएं तो शरीयत के खिलाफ न जाएं
Updated Thu, 09 Aug 2018 01:14 AM IST
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बरेली। नबीरे आला हजरत मौलाना तसलीम रजा खां कादरी ने तीन तलाक और हलाला की लड़ाई लड़ रही निदा खान के भाजपा की ओर बढ़ते कदमों पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि निदा असल में यही चाहती थीं। लेकिन वह चाहे मंत्री बनें या मुख्यमंत्री, इससे आला हजरत परिवार पर कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। उन्होंने निदा को हिदायत दी कि वह शरीयत के खिलाफ कुछ न बोलें क्योंकि इस मामले में किसी की कोई बात नहीं सुनी जाएगी, वह चाहे कोई भी हो।
मौलाना तसलीम ने कहा कि देश का संविधान हर मुसलमान के सिर आंखों पर है। इससे न किसी को गुरेज है न कोई इसका उल्लंघन करता है। मगर मुसलमान अपनी शरीयत को हर हाल में मानेगा। भले ही तीन तलाक और हलाला पर संसद में बिल पास कर कोई कानून बना दिया जाए। उन्होंने यह अपील भी की कि जो मुसलमान शरीयत के खिलाफ काम कर रहे हैं वे अपनी आखिरत के बारे में भी सोचें। चार रोजा जिंदगी को बनाने के लिए अपने ईमान को न खो दें।
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मौलाना तसलीम ने कहा कि देश का संविधान हर मुसलमान के सिर आंखों पर है। इससे न किसी को गुरेज है न कोई इसका उल्लंघन करता है। मगर मुसलमान अपनी शरीयत को हर हाल में मानेगा। भले ही तीन तलाक और हलाला पर संसद में बिल पास कर कोई कानून बना दिया जाए। उन्होंने यह अपील भी की कि जो मुसलमान शरीयत के खिलाफ काम कर रहे हैं वे अपनी आखिरत के बारे में भी सोचें। चार रोजा जिंदगी को बनाने के लिए अपने ईमान को न खो दें।
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